एआई की दुनिया में एक पुराना सवाल फिर गरमा गया है, कि तकनीक की चाबी किसके हाथ में रहेगी। पर्प्लेक्सिटी और डेटाब्रिक्स के सह-संस्थापक एंडी कॉनविंस्की का मानना है कि एआई सुरक्षा को लेकर चल रही बहस में एक बुनियादी गड़बड़ी है, यह असल में खतरे को टालने के बजाय ताकत को कुछ ही हाथों में समेटने का जरिया बनती जा रही है। इसी हफ्ते उन्होंने एक लेख लिखकर अपनी बात रखी, और अपनी दलील का सबसे बड़ा उदाहरण एंथ्रोपिक को बनाया।
उनकी पूरी दलील एक ऐसे फैसले से शुरू होती है जिसे एंथ्रोपिक ने महज 48 घंटे में पलट दिया। 9 जून को जब कंपनी ने क्लॉड फेबल 5 पेश किया, तो उसके 319 पन्नों के सिस्टम कार्ड में दबा एक पैराग्राफ बता रहा था कि यह मॉडल ऐसे किसी भी शख्स के लिए अपने जवाबों की गुणवत्ता चुपचाप घटा देगा, जिस पर उसे किसी प्रतिस्पर्धी एआई को ट्रेन करने का शक होगा।
शोधकर्ताओं ने इसे पकड़ा और इंटरनेट पर बवाल मच गया।
एंथ्रोपिक ने अपना कदम वापस खींच लिया, लेकिन कॉनविंस्की के लिए बड़ी तस्वीर देखें तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने लिखा, "समस्या यह नहीं है कि एंथ्रोपिक ने कोई गलत फैसला लिया। समस्या यह है कि उसने मान लिया कि यह फैसला लेना उसका ही हक है।"
ओपन फ्रंटियर की बैठक और बर्कले की चेतावनी
"एआई में ताकत का जमा होना एक जोखिम है, समाधान नहीं" शीर्षक वाला यह लेख उस बैठक के बाद आया जिसे उन्होंने अपनी गैर-लाभकारी संस्था लॉड इंस्टिट्यूट के जरिए बुलाया था। ओपन फ्रंटियर नाम की यह कार्य-बैठक 30 जून को सैन फ्रांसिस्को के एक्सप्लोरेटोरियम में हुई थी, जिसमें करीब 100 शोधकर्ता शामिल हुए।
यूसी बर्कले की डीन जेनिफर चायेस, जो कॉलेज ऑफ कंप्यूटिंग, डेटा साइंस एंड सोसाइटी की जिम्मेदारी संभालती हैं, ने एक फंडिंग पैनल से कहा कि बर्कले के शोधकर्ता "सब कुछ चीनी मॉडलों पर बना रहे हैं क्योंकि हमारे पास कोई पश्चिमी ओपन फ्रंटियर मॉडल है ही नहीं।" उन्होंने यह भी कहा कि ओपनएआई और एंथ्रोपिक की ओर से अपने आईपीओ से पहले दी जा रही सुरक्षा की चेतावनियां असल में एक "बेहद कारगर डर फैलाने वाला अभियान" बनकर रह गई हैं।
रेलवे और बिजली जैसी बुनियादी ढांचा है एआई
कॉनविंस्की की दलील यह है कि पहुंच को कुछ हाथों में केंद्रित करने से जोखिम खत्म नहीं होता, बल्कि एक अलग किस्म का जोखिम पैदा हो जाता है। उनके मुताबिक एआई एक बुनियादी ढांचा है, ठीक उसी श्रेणी में जैसे रेलवे, बिजली और इंटरनेट। इन तकनीकों ने पूरे समाज को उसी के इर्द-गिर्द ढाल दिया जो उनकी बुनियादी परत को नियंत्रित करता था। वही अब एआई के साथ होने वाला है। उनका विकल्प है, एक ऐसा साझा शोध मंच जिसके पास फ्रंटियर स्तर की कंप्यूटिंग ताकत हो, ताकि बेहतरीन शोधकर्ता किसी निजी लैब से इजाजत लिए बिना ही इस मुकाम तक पहुंच सकें।
लेकुन का साथ, और छापेखाने वाली मिसाल
मेटा के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक यान लेकुन ने X पर कॉनविंस्की के लेख का जवाब बिना किसी लाग-लपेट के दिया। उन्होंने लिखा, "मैं सालों से ठीक यही बात कहता आ रहा हूं। एआई में ताकत का केंद्रित होना और उस पर नियंत्रण की चाहत ही एआई का सबसे बड़ा खतरा है।" उन्होंने आगाह किया कि इससे कुछ निजी कंपनियां या देश सूचना तक पहुंच को अपने कब्जे में ले सकते हैं।
लेकुन के पास एक ऐतिहासिक मिसाल भी तैयार थी। उन्होंने लिखा, "यह एक तरह का मध्ययुगीन अंधकारवाद है, ठीक वैसे ही जैसे ओटोमन साम्राज्य ने 200 साल तक छापेखाने के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, कुछ हद तक अपनी विचारधारा पर पकड़ बनाए रखने के लिए, और कुछ हद तक सुलेखकों और लिपिकों के पेशे को बचाने के लिए।"
यह सब कहां जाकर रुकेगा, इस पर लेकुन की भविष्यवाणी साफ थी, "बुनियादी ढांचा खुला रहना चाहता है। फाउंडेशन मॉडल अब एक बुनियादी ढांचा बनते जा रहे हैं और अंततः आम, सस्ती चीज बन ही जाएंगे। लंबे समय में असली कमाई एप्लिकेशन की परत में है।"
लेकुन ने 2025 के आखिर में मेटा छोड़ दिया था और मार्च 2026 में पेरिस में 1.03 अरब डॉलर की सीड फंडिंग के साथ एएमआई लैब्स की शुरुआत की, जो इसी सवाल का उनका अपना जवाब है। यह कंपनी वर्ल्ड मॉडल और उनके JEPA आर्किटेक्चर पर चलती है, अपने शोध को ओपन-सोर्स करने की योजना रखती है, और आने वाले कई सालों तक इसका कोई व्यावसायिक उत्पाद आने की उम्मीद नहीं है।













