ट्रंप प्रशासन ने मन बना लिया है कि वह एंथ्रोपिक में किससे बात करेगा और किससे नहीं, और कंपनी के सीईओ डारियो अमोदेई इस फैसले की गलत तरफ आ गए हैं।
बातचीत से सीधे तौर पर जुड़े लोगों के मुताबिक, अधिकारियों को अमोदेई से बात करना बेहद मुश्किल लगा और उन्हें लगा कि अमोदेई उनकी चिंताओं को सुनते ही नहीं। माहौल कितना बदल चुका है, यह इस बात से साफ झलकता है। कॉल्स से वाकिफ एक व्यक्ति ने कहा, "टॉम ब्राउन, डारियो की तरह अजीब नहीं हैं और सच में बातचीत कर सकते हैं।" टॉम ब्राउन एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक हैं, जिन्होंने कंपनी की पब्लिक पॉलिसी प्रमुख सारा हेक के साथ मिलकर अब वॉशिंगटन से संपर्क की कमान संभाल ली है।
वो निर्यात नियंत्रण जिसने मॉडल ठप कर दिए
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि सरकार का वह सख्त रुख है, जिसमें अब तक कोई नरमी नहीं आई है। 12 जून को निर्यात नियंत्रण लागू होने के बाद एंथ्रोपिक के सबसे ताकतवर मॉडल ऑफलाइन हो गए। यह कदम तब उठाया गया जब नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी (NSA) ने पुष्टि की कि कंपनी के प्रतिबंधित मिथोस मॉडल में लगे सुरक्षा घेरों (गार्डरेल्स) को बंद करके उसकी कहीं ज्यादा ताकतवर क्षमताओं तक पहुंचा जा सकता है। ये पाबंदियां अब भी बरकरार हैं।
इसके बावजूद, पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच कई बार बातचीत हुई है। प्रशासन को इस बात से राहत है कि अमोदेई की जगह ब्राउन और हेक बातचीत की अगुवाई कर रहे हैं। यह बातचीत एक साथ दो स्तरों पर चल रही है, एक उच्च स्तर पर और दूसरी वर्किंग ग्रुप स्तर पर, जिसमें दोनों तरफ के तकनीकी कर्मचारी शामिल हैं।
एंथ्रोपिक को क्या साबित करना होगा
बातचीत का बड़ा हिस्सा एक ही सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहा है: एंथ्रोपिक की तरफ से कितना सबूत काफी होगा कि Fable 5 के जेलब्रेक को लेकर सरकार की चिंता दूर हो जाए। इसका जवाब निकालना जितना आसान सुनाई देता है, उतना है नहीं, और दिक्कत का एक हिस्सा सैद्धांतिक है। स्वतंत्र साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तेजी से यह मानने लगे हैं कि AI मॉडल पर लगे सुरक्षा घेरे महज एक अस्थायी उपाय हैं, क्योंकि माहिर यूजर और आने वाले AI मॉडल किसी भी पाबंदी का तोड़ निकाल ही लेंगे।
व्हाइट हाउस ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। एंथ्रोपिक ने टिप्पणी के अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया।
एंथ्रोपिक को Fable 5 दोबारा तैनात करने की इजाजत कब मिलेगी, यह अब भी साफ नहीं है। लेकिन निर्यात नियंत्रण हटवाने के लिए कंपनी को आखिर करना क्या होगा, यह बात आने वाले दिनों में और साफ हो सकती है।
सांसदों ने 26 जून तक मांगे जवाब
अब इस मामले में संसद भी कूद पड़ी है। पिछले हफ्ते दोनों दलों के सांसदों के एक समूह ने आगे का रास्ता पूछते हुए सवालों की एक सूची वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक को भेजी। लुटनिक ने जेलब्रेक के खतरे से निपटने में अहम भूमिका निभाई है, क्योंकि निर्यात नियंत्रण का जिम्मा वाणिज्य विभाग के ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी के पास है।
एक सवाल सीधे मॉडल को दोबारा शुरू करने पर था: "इस फैसले में बदलाव करके मॉडल तक सार्वजनिक पहुंच बहाल की जाए या नहीं, यह तय करने के लिए विभाग किन खास मानकों पर भरोसा करता है? और उस फैसले की समयसीमा क्या है?"
यह पत्र सांसद सैम लिकार्डो, जे ओबरनॉल्टे, सी. स्कॉट फ्रैंकलिन और टेड लियू ने हस्ताक्षर कर भेजा है, जिसमें 26 जून तक जवाब देने की मांग की गई है। वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता ने यह बताने से इनकार कर दिया कि एजेंसी इस समयसीमा तक जवाब देगी या नहीं।
उधर, राष्ट्रपति का ध्यान एक तालाब पर अटका
AI की इस खींचतान से दूर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ट्रुथ सोशल पर लिंकन मेमोरियल के रिफ्लेक्टिंग पूल को लेकर हो रही नकारात्मक खबरों पर ताबड़तोड़ पोस्ट कर रहे हैं। उनके $16.4 मिलियन के नवीनीकरण के बाद इस पूल में काई (एल्गी) जमने लगी और नीले सीलेंट की परतें उखड़कर तैरती दिखीं, जो पूल की तलहटी से अलग हो गई लगती हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि नवीनीकरण में तोड़फोड़ के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन एक प्रशासनिक अधिकारी ने यह साफ करने से इनकार कर दिया कि पूल के आसपास कौन-कौन सी गतिविधियां अपराध मानी जाएंगी। मंगलवार को पूल के चारों ओर बाड़ लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया।
पिछले हफ्ते से पूल पर तैनात नेशनल गार्ड को निर्देश दिया गया है कि पानी को महज छूने वाले किसी भी शख्स को हिरासत में ले लें, सीलेंट की परतें छेड़ने की बात तो दूर, ताकि यूएस पार्क पुलिस उन्हें तोड़फोड़ से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार कर सके। यह बात मामले से वाकिफ दो लोगों ने बताई।
एक प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक, जो नियम हवाला दिया जा रहा है वह है 36 कोड ऑफ फेडरल रेगुलेशंस, चैप्टर 1, सेक्शन 2.1(a)(6), जो "किसी ढांचे या उसकी साज-सज्जा या फिक्स्चर, या अन्य सांस्कृतिक या पुरातात्विक संसाधनों को रखने, नष्ट करने, नुकसान पहुंचाने, बिगाड़ने, हटाने, खोदने या छेड़ने" पर रोक लगाता है। एक दूसरा नियम, 36 CFR 7.96, द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक के रेनबो पूल और लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल से सटे जर्मन-अमेरिकन फ्रेंडशिप गार्डन के फव्वारों को छोड़कर "किसी भी फव्वारे या पूल में नहाने, तैरने या पानी में चलने" पर रोक लगाता है।
पानी में सिर्फ हाथ डालना इनमें से किसी नियम का उल्लंघन है या नहीं, यह साफ नहीं है, और यह जानने के लिए छोटे-मोटे जुर्माने का जोखिम उठाना शायद ही समझदारी हो।













