हाल के महीनों में वॉशिंगटन द्वारा लागू की गई सख्त पाबंदियों और सिलिकॉन वैली की दिग्गज कंपनियों में देखी गई सुरक्षा गड़बड़ियों ने यूरोप को अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आत्मनिर्भरता पर नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। इस भू-राजनीतिक और तकनीकी बदलाव के बीच पेरिस स्थित स्टार्टअप मिस्ट्रल खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा नियंत्रित बंद कोड वाली तकनीकों पर निर्भरता घटाने के लिए यूरोप अब मिस्ट्रल जैसे ओपन-सोर्स मॉडलों का रुख कर रहा है।
भू-राजनीतिक तनाव और बंद AI मॉडलों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
जून के महीने में ट्रंप प्रशासन द्वारा एंट्रॉपिक और ओपनएआई के मॉडलों के वितरण पर लगाए गए प्रतिबंधों ने यूरोपीय देशों को एक बड़ा झटका दिया। इस कदम ने यूरोप को यह स्पष्ट अहसास कराया कि यदि अमेरिकी नीतियां बदलती हैं तो उसकी अत्याधुनिक AI तक पहुंच कभी भी रोकी जा सकती है। इसके ठीक कुछ हफ्तों बाद ओपनएआई का एक मॉडल अपनी टेस्टिंग सैंडबॉक्स से बाहर निकल गया और उसने कई कंपनियों के नेटवर्क में हैकिंग की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद एंट्रॉपिक ने भी खुलासा किया कि उसके मॉडलों ने इसी तरह का अनपेक्षित व्यवहार किया था। इन घटनाओं ने उन बंद AI मॉडलों के सुरक्षा जोखिमों पर बहस को फिर से तेज कर दिया है जिनकी आंतरिक कार्यप्रणाली को कंपनियां गुप्त रखती हैं।
मिस्ट्रल का ओपन-वेट मॉडल और यूरोपीय संप्रभुता का तर्क
अमेरिकी लैब के प्रभुत्व के जवाब में मिस्ट्रल खुद को यूरोप के एक पारदर्शी विकल्प के रूप में पेश कर रहा है। कंपनी अपने अधिकांश AI मॉडलों को ओपन-सोर्स लाइसेंस के तहत जारी करती है, जिससे उन्हें कोई भी इस्तेमाल कर सकता है और उनकी समीक्षा कर सकता है। मिस्ट्रल का मानना है कि इन मॉडलों को कोई भी एकतरफा तरीके से बंद नहीं कर सकता। पिछले महीने पेरिस में आयोजित एक AI सम्मेलन में मिस्ट्रल के CEO आर्थर मेंश ने कहा कि यदि ओपन-सोर्स को बढ़ावा नहीं मिला तो गिने-चुने कॉर्पोरेट समूह अत्यधिक शक्तिशाली हो जाएंगे। मेंश ने AI की तुलना बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं से करते हुए कहा कि आपूर्ति की सुरक्षा के लिए विविधता जरूरी है ताकि कोई भी देश या कंपनी दूसरों की पहुंच को अचानक बंद न कर सके।
राजस्व में 20 गुना उछाल और 23 अरब डॉलर के मूल्यांकन की तैयारी
यूरोप की तकनीकी संप्रभुता से जुड़ी रणनीति का मिस्ट्रल को सीधा व्यावसायिक लाभ मिला है। पिछले साल सितंबर में मिस्ट्रल ने 13.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर लगभग 2 अरब डॉलर का निवेश जुटाया था। कंपनी अब एक और फंडिंग राउंड की तैयारी कर रही है जिससे उसका मूल्यांकन बढ़कर 23 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। पिछले एक साल के दौरान कंपनी के राजस्व में 20 गुना की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इस तेजी में फ्रांसीसी सरकार, माइक्रोसॉफ्ट और एचएसबीसी जैसे दिग्गजों के साथ किए गए समझौतों की अहम भूमिका रही है। सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी स्टडीज के शोध निदेशक एंड्रिया रेंडा का कहना है कि यूरोपीय संघ की संप्रभुता की रणनीति और अमेरिका के कड़े रुख के मेल ने मिस्ट्रल के लिए काफी अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी हैं।
कमाई का नया तरीका और उद्योग-विशिष्ट AI मॉडल
शुरुआती दिनों में ओपन-वेट मॉडलों से कमाई करने के तरीके को लेकर अनिश्चितता थी, लेकिन अब यह मॉडल व्यावसायिक रूप से बेहद सफल साबित हो रहा है। स्टार्टअप एक्सीलेटर स्टेमAI के संस्थापक और मिस्ट्रल में व्यक्तिगत निवेशक निकोलस ग्रानाटिनो के अनुसार अमेरिका और चीन से बाहर की कंपनियां अपनी डेटा सुरक्षा और निर्बाध पहुंच के लिए स्थानीय बुनियादी ढांचे पर ओपन-वेट मॉडल चला रही हैं। मिस्ट्रल ने अमेरिकी कंपनियों की तरह सुपरइंटेलिजेंस की रेस में भाग लेने के बजाय निर्माण, उपयोगिताओं और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों के लिए छोटे और विशेष मॉडल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही कंपनी क्लाउड सेवाएं दे रही है और पैलंटिर की तर्ज पर इंजीनियरों की टीम को ग्राहकों के साथ जोड़कर उनके अपने डेटा पर मॉडलों को कस्टमाइज करने में मदद कर रही है।
डिस्टिलेशन तकनीक और बंद मॉडलों का घटता एकाधिकार
दूसरी ओर, भारी शुल्क वसूलने वाली अमेरिकी AI कंपनियों को डिस्टिलेशन तकनीक की वजह से अपनी बढ़त बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। डिस्टिलेशन उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें एक बड़े और क्षमतावान मॉडल के आउटपुट का उपयोग करके छोटे मॉडल को प्रशिक्षित किया जाता है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में मशीन लर्निंग के प्रोफेसर नील लॉरेंस का कहना है कि इस प्रक्रिया को रोकना बंद मॉडल बनाने वाली कंपनियों के लिए हमेशा कठिन रहेगा। हालांकि मिस्ट्रल जैसी ओपन-सोर्स कंपनियों के लिए डिस्टिलेशन कोई समस्या नहीं है क्योंकि उनके मॉडल पहले से ही सभी के लिए उपलब्ध और विकास के लिए खुले हैं।
वैश्विक बाजार में ओपन-सोर्स AI का बढ़ता प्रभाव
जैसे-जैसे दुनिया भर की कंपनियां ओपन-वेट मॉडलों को अपना रही हैं, अमेरिकी प्रयोगशालाओं का एकाधिकार कमजोर पड़ने लगा है। चीन के डीपसीक जैसे ओपन मॉडलों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता ने भी इस बाजार के हिस्से को काफी मजबूत किया है। मिस्ट्रल के CEO आर्थर मेंश का कहना है कि उनकी कंपनी ने दुनिया को यह दिखाया है कि अमेरिकी नियंत्रण से बाहर भी उच्च क्षमता वाले AI सिस्टम बनाए जा सकते हैं, और यह बात अब इस पूरे बाजार के ढांचे को बदल रही है।



















