ठंड के मौसम में ऊर्जा बनाए रखने के लिए घर पर तैयार करें सूजी और ड्राई फ्रूट्स के पौष्टिक लड्डूरणबीर कपूर और यश की ‘रामायण’ बनाम सूर्या और नयनतारा: क्या 2026 की दिवाली पर टूटेगा 227.75 करोड़ का रिकॉर्ड?राशिफल 29 अक्टूबर: करवा चौथ पर कैसा रहेगा 12 राशियों का हाल, जानिए किन लोगों को मिलेगा जबरदस्त लाभफ्रीजर में लगातार जम रही है मोटी बर्फ? मैकेनिक को बुलाने से पहले खुद आजमाएं ये तीन आसान तरीकेबिना वैध वजह वैवाहिक संबंधों से लंबे समय तक दूरी बनाना मानसिक प्रताड़ना, राजस्थान हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री बरकरार रखीअमेठी में महिलाओं के लिए सुनहरा मौका, मुफ्त ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग के साथ रहने की भी सुविधाटी20 रैंकिंग में नंबर एक की कुर्सी पर मंडराया खतरा, न्यूजीलैंड को रौंदकर टॉप पर पहुंचने के बेहद करीब पहुंचा भारतजेलर 2 रिव्यू (2026): रजनीकांत की फिल्म ने 13वें दिन पकड़ी धीमी रफ्तार, जानिए कुल कलेक्शनकरवाचौथ पर ट्राई करें स्पेशल कढ़ी रेसिपी, व्रत के बाद स्वाद से महक उठेगा घरकाली साड़ी में अदिति राव हैदरी का विंटेज अवतार, 40वें जन्मदिन पर शाही इतिहास और निजी सफर की चर्चा
मैक पर एआई एजेंट्स की बढ़ती पहुंच के बीच एपल सख्त करेगा फुल डिस्क एक्सेस के नियमएआई
2 अक्तू॰ 2026, 11:51 pm (26 दिन पहले)· 3

मैक पर एआई एजेंट्स की बढ़ती पहुंच के बीच एपल सख्त करेगा फुल डिस्क एक्सेस के नियम

डेस्कटॉप एआई टूल्स द्वारा पर्सनल डेटा और मैसेज पढ़े जाने की चिंताओं के बाद एपल अपने मैक ऑपरेटिंग सिस्टम में सुरक्षा नियमों को कड़ा करने जा रहा है। अब फुल डिस्क एक्सेस की अनुमति देने के लिए बहुत स्पष्ट और सख्त कदम उठाने होंगे।

कंप्यूटर पर काम करने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट्स जब बिना पूरी समझ के पूरे सिस्टम की फाइलों तक पहुंच बनाने लगें, तो प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। इसी चिंता को देखते हुए एपल ने घोषणा की है कि वह अपने मैक ऑपरेटिंग सिस्टम में 'फुल डिस्क एक्सेस' फीचर पर नए और कड़े सुरक्षा नियंत्रण लागू करने जा रहा है। मूल रूप से यह व्यवस्था सिस्टम बैकअप टूल्स को सही ढंग से चलाने के मकसद से बनाई गई थी, लेकिन डेस्कटॉप पर सक्रिय होने वाले आधुनिक एआई टूल्स ने इस सुविधा के जरिए यूजर डेटा के लिए नया जोखिम पैदा कर दिया है।

प्राइवेट मैसेज और डेटा तक एआई एजेंट्स की पहुंच पर उठे सवाल

डेस्कटॉप पर चलने वाले एआई एजेंट्स यूजर्स से कंप्यूटर की फाइलों, निजी मैसेजेस और अन्य व्यक्तिगत सामग्रियों तक गहरी पहुंच की मांग करते हैं। हाल ही में इंक के कॉलम लेखक जेसन एटन ने यह बात उठाई थी कि मेटा के म्यूज एआई ने उनके पर्सनल मैसेज पढ़ लिए, जबकि उनका कहना था कि उन्होंने ऐसी कोई इजाजत नहीं दी थी। दूसरी ओर, मेटा ने इस दावे को खारिज किया था कि ऐप ने बिना अनुमति संदेश पढ़े। इसी तरह चैटजीपीटी के मैक ऐप में भी एक तकनीकी खामी सामने आई थी, जिसकी वजह से हैकर्स संवेदनशील डेटा तक पहुंच सकते थे। इन घटनाओं ने साफ कर दिया कि जब सॉफ्टवेयर को पूरे कंप्यूटर पर खुली छूट मिलती है, तो यूजर की प्राइवेसी दांव पर लग जाती है।

ये भी पढ़ें

फुल डिस्क एक्सेस से क्या खतरे पैदा हो रहे हैं

म्यूज जैसे टूल्स में यूजर्स वैकल्पिक रूप से फुल डिस्क एक्सेस को एक्टिवेट कर सकते हैं। यह अनुमति किसी भी ऐप को कंप्यूटर की सामान्य फाइलों के अलावा ईमेल, निजी संदेश और इंटरनेट ब्राउजिंग हिस्ट्री तक देखने की शक्ति दे देती है। डेवलपर्स को दिए संदेश में एपल ने अपने ब्लॉग पोस्ट में चेताया कि कुछ डेवलपर्स इस सुविधा का उपयोग ऐसे तरीकों से कर रहे हैं जिससे यूजर्स अनजाने में जोखिम में पड़ सकते हैं और उनकी जानकारी के बिना पूरा सिस्टम एक्सपोज हो सकता है।

बिना ठोस और स्पष्ट मंजूरी के नहीं मिलेगी खुली छूट

सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाने के लिए एपल अब ऐसे नए नियंत्रण पेश कर रहा है, जिनसे कोई भी यूजर किसी ऐप को यह असाधारण स्तर की अनुमति केवल बेहद स्पष्ट और सोच-समझकर उठाए गए कदम के बाद ही दे सके। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जैसे-जैसे एआई एजेंट्स ज्यादा स्वायत्त और ताकतवर बन रहे हैं, इस स्तर की पहुंच से जुड़े खतरे तेजी से बढ़ेंगे। इसलिए यूजर्स को पहले इन खतरों की पूरी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने डेटा और प्राइवेसी को लेकर जागरूक फैसला ले सकें।

सवाल-जवाब

मैक पर फुल डिस्क एक्सेस क्या होता है?
यह मैकओएस की एक विशेष सेटिंग है जो किसी ऐप को कंप्यूटर की सभी फाइलों, संदेशों, मेल और ब्राउजिंग हिस्ट्री को पढ़ने की अनुमति देती है।
एपल इस फीचर के नियमों में बदलाव क्यों कर रहा है?
डेस्कटॉप एआई एजेंट्स द्वारा निजी संदेश और संवेदनशील डेटा पढ़े जाने के बढ़ते जोखिम को रोकने के लिए एपल यह बदलाव कर रहा है।
मेटा के म्यूज एआई को लेकर क्या विवाद हुआ था?
कॉलम लेखक जेसन एटन ने दावा किया था कि म्यूज ने बिना अनुमति उनके निजी मैसेज पढ़ लिए, हालांकि मेटा ने इस दावे का खंडन किया था।
क्या चैटजीपीटी के मैक ऐप में भी कोई सुरक्षा समस्या आई थी?
हां, चैटजीपीटी के मैक ऐप में एक खामी पाई गई थी, जिससे हैकर्स संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकते थे।
नए नियमों के बाद फुल डिस्क एक्सेस कैसे मिलेगा?
नए नियमों के तहत यूजर्स को किसी भी ऐप को यह व्यापक अनुमति देने के लिए बहुत ही स्पष्ट और सोच-समझकर कदम उठाने होंगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp