Meta के अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम कर रही टीम में महीनों से पनप रहे असंतोष को लेकर अब कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने खुलकर गलती मानी है। चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर एंड्रयू बॉसवर्थ ने एक लंबे आंतरिक मेमो में स्वीकार किया कि कंपनी ने अपनी Applied AI टीम के पुनर्गठन को जिस तरह संभाला, वह बेहद खराब रहा।
क्यों भड़का असंतोष
यह कबूलनामा TrendKia की पिछले हफ्ते की उस रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें Applied AI इंजीनियरिंग यूनिट के भीतर व्यापक नाराजगी का खुलासा हुआ था। Meta ने इस डिवीजन को मार्च में बनाया था, जिसमें करीब 6,500 इंजीनियर और प्रोडक्ट मैनेजर शामिल किए गए। इस टीम का मकसद कंपनी के जेनरेटिव AI मॉडलों को बेहतर बनाने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करना था। लेकिन कर्मचारियों ने जिस काम को मामूली और नीरस बताया, उसी से नाराज होकर एक कर्मचारी ने इसे "a gulag" यानी श्रम शिविर तक कह डाला।
बॉसवर्थ ने मेमो में लिखा, "We've undermined the trust you have that your specific expertise and contribution will be valued, that you will grow and advance your career, and that this will be a place where you can actually have an impact. We shook up the management structure that was providing you stability while rapid changes in strategy, including the boom/bust cycle of hiring, left entire teams in the lurch."
इस मुद्दे पर टिप्पणी के अनुरोध पर Meta ने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
पूरी कंपनी में गिरता मनोबल
AI टीम की यह बेचैनी अकेली नहीं है। बड़े पैमाने पर हुई छंटनी, कर्मचारियों की निगरानी और दूसरी चिंताओं के बीच पूरे Meta में कर्मचारियों का मनोबल नीचे की ओर खिसक रहा है। हाल के दिनों में CEO मार्क जुकरबर्ग समेत कई अधिकारियों ने आंतरिक संदेश पोस्ट कर कर्मचारियों की भावनाओं को स्वीकार किया और उन्हें दूर करने के लिए बदलाव लाने का वादा किया है।
बॉसवर्थ ने क्या बदलाव गिनाए
लंबे अरसे से जुकरबर्ग के भरोसेमंद माने जाने वाले बॉसवर्थ ने अपने विस्तृत मेमो में कहा कि आगे से कर्मचारियों पर ज्यादा व्यक्तिगत ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि Meta हर मैनेजर के पास सीधे रिपोर्ट करने वाले कर्मचारियों की संख्या करीब 20 तक सीमित करने की योजना बना रहा है, और पुनर्गठन के दौरान कर्मचारियों को बार-बार नए मैनेजर के अधीन भेजने की नौबत को घटाने की कोशिश करेगा।
बॉसवर्थ ने यह भी कहा कि कंपनी का नेतृत्व रणनीति में बदलाव और संगठनात्मक फेरबदल के पीछे की वजहों को बेहतर ढंग से समझाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। मैनेजर अब मुख्य रूप से प्रबंधन पर और उसके बाद स्वतंत्र काम पर ध्यान देंगे, और कर्मचारी चाहें तो "AI coaching" टूल्स का इस्तेमाल भी कर सकेंगे।
अपने मेमो पर Applied AI टीम को लेकर आई एक टिप्पणी के जवाब में बॉसवर्थ ने लिखा, "We obviously did an atrocious job explaining the vision, giving people a clear picture of how we would support them and their careers in the shift, and painting a picture of how it would change over time."
दूसरी टीमों में जाने का रास्ता खुला
TrendKia को मिले पिछले शुक्रवार देर रात की एक अलग पोस्ट में Applied AI टीम का नेतृत्व कर रहे वाइस प्रेसिडेंट माहेर साबा ने उन कर्मचारियों से कहा, जिन्हें इस टीम में जबरन शामिल किया गया था, कि अब वे Meta के भीतर दूसरी भूमिकाएं ले सकेंगे, बशर्ते वे उन्हें हासिल कर पाएं। साबा ने लिखा, "Moving forward, we are returning to business as usual and giving people the agency to apply to roles that interest them."
AI और नौकरियों पर बॉसवर्थ का रुख
बॉसवर्थ ने इस बात पर जोर दिया कि Meta इस सोच से सहमत नहीं है कि AI पूरी तरह से AI कर्मचारियों की जगह ले लेगा। हालांकि उन्होंने कहा, "We should heed the saying, 'AI won't take your job but someone who knows AI might.'" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अलग-अलग टीमों को AI टूल्स इस्तेमाल करने के लिए मिलने वाली कंप्यूटिंग क्षमता को लेकर "tough trade-offs for a while" यानी कुछ समय तक मुश्किल समझौते करने पड़ेंगे। उन्होंने लिखा, "We will do our best to be transparent and invest responsibly to alleviate bottlenecks," और साथ ही कर्मचारियों को किसी भी समस्या को आगे बढ़ाकर उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।
मनोबल बढ़ाने की कोशिश
कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने की कोशिश में बॉसवर्थ ने कंपनी को काम के लिए एक "fun and enjoyable" यानी मजेदार और सुखद जगह बनाने का वादा किया। Meta अपनी "microkitchens" को बेहतर करेगा, जो दफ्तरों के भीतर स्नैक्स और ड्रिंक्स वाले ब्रेक एरिया होते हैं, साथ ही ट्रैवल बजट और सामाजिक आयोजनों पर खर्च भी बढ़ाएगा, ताकि कर्मचारी आपस में आमने-सामने वक्त बिता सकें।













