न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स इलाके में स्कूल जाते समय गोली का शिकार हुए 15 वर्षीय किशोर की मौत के बाद उसकी मां को अमेरिका लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घाना में रह रही छात्र की मां को मानवीय आधार पर तत्काल वीजा जारी करने पर अपनी सहमति दे दी है। यह दुखद घटना तब घटी जब घाना का रहने वाला यह छात्र अपनी सामान्य दिनचर्या के तहत विद्यालय जा रहा था। इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय प्रशासन न्याय सुनिश्चित करने की कवायद में लगा हुआ है।
स्कूल जाते समय ब्रोंक्स में छात्र को मारी गई गोली
न्यूयॉर्क सिटी पुलिस के अनुसार, यह घातक गोलीबारी गुरुवार को सुबह 9.30 बजे से ठीक पहले हुई। पंद्रह साल का जेविट्स फ्रिमपॉन्ग उस समय ब्रोंक्स के एक इलाके से गुजरते हुए अपने स्कूल जा रहा था। इसी दौरान उसे पेट में गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में किशोर को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसी दिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस विभाग ने इस मामले में अभी तक किसी भी संदिग्ध की गिरफ्तारी की घोषणा नहीं की है और मामले की गहन जांच जारी है।
मेयर ज़ोहरान ममदानी की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत
किशोर की असामयिक मृत्यु के बाद मेयर ज़ोहरान ममदानी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि किसी बच्चे की हत्या का दर्द किसी भी माता-पिता के लिए असहनीय होता है, खासकर जब वे हजारों मील दूर हों। ममदानी ने इस बात पर जोर दिया कि जेविट्स फ्रिमपॉन्ग की मां को अपने बेटे को अंतिम विदाई देने का पूरा हक मिलना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई सीधी बातचीत में राष्ट्रपति तत्काल वीजा स्वीकृत करने पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर ईमेल के जरिए पूछे गए सवाल पर व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं मिला है।
बेहतर भविष्य की तलाश में घाना से आया था जेविट्स
ब्रोंक्स का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद रिची टोरेस ने बताया कि जेविट्स फ्रिमपॉन्ग एक साल पहले ही संयुक्त राज्य अमेरिका पहुंचा था। वह घाना से अपने पिता थॉमस के साथ रहने और एक नई जिंदगी की शुरुआत करने के मकसद से ब्रोंक्स आया था। सांसद रिची टोरेस ने भी सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि पूरा इलाका इस होनहार युवक के जाने से सदमे में है, जिसका पूरा भविष्य अभी सामने था। उन्होंने कहा कि ब्रोंक्स के हर बच्चे को बिना किसी डर के स्कूल जाने की सुरक्षा मिलनी चाहिए और किसी भी पिता को उस असहनीय पीड़ा से नहीं गुजरना चाहिए जिसे थॉमस झेल रहे हैं।
घाना सरकार की पहल और सख्त वीजा नियमों की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले पर घाना के विदेश मंत्री सैम ओकुडज़ेटो अब्लाकवा ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में मौजूद घाना के राजनयिक अधिकारी स्थानीय प्रशासन और जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका मंत्रालय अमेरिकी अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखेगा ताकि पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिल सके। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान 75 देशों से वीजा प्रोसेसिंग स्थगित करने सहित कई कड़े आव्रजन कदम उठाए हैं। व्हाइट हाउस ने ममदानी के वीजा दावे की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है, जबकि पुलिस इस हत्याकांड के जिम्मेदार लोगों की तलाश में जुटी हुई है।


















