संयुक्त राज्य अमेरिका में संपन्न हुए 2026 के मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने देश के सत्ता संतुलन को पूरी तरह उलट दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को इन चुनावों में जोरदार शिकस्त झेलनी पड़ी है, जिसके चलते अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट पर उनका नियंत्रण खत्म हो गया है। चुनाव परिणामों के ताजा आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने जादुई आंकड़ा पार करते हुए 51 सीटों पर अपनी जीत दर्ज कर ली है। इस बड़े बदलाव के बाद अब अमेरिकी प्रशासन के लिए संसद में अपने फैसले मनमर्जी से लागू कराना नामुमकिन जैसा हो जाएगा।
परंपरागत गढ़ों में रिपब्लिकन पार्टी की घेराबंदी
इस बार के चुनावी मुकाबले में डेमोक्रेट्स ने उन इलाकों में भी सेंध लगाई है, जिन्हें दशकों से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत किला माना जाता था। टेक्सास, साउथ कैरोलिना और नॉर्थ कैरोलिना जैसे राज्यों में डेमोक्रेटिक प्रत्याशियों ने शानदार जीत हासिल करके देश की राजनीतिक दिशा बदल दी है। इसके अलावा, कड़े मुकाबले वाले जॉर्जिया और न्यू हैम्पशायर में भी पार्टी अपने मौजूदा सांसदों की सीटें सुरक्षित रखने में पूरी तरह सफल रही। इन नतीजों ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कई अहम प्रांतों में मतदाताओं का रुख रिपब्लिकन नीतियों के खिलाफ गया है।
सीनेट का बदला गणित और 51 का आंकड़ा
अमेरिका में 3 नवंबर को सीनेट की 100 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई थी, जिसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई। मतदान से पहले तक 100 सदस्यीय सदन में रिपब्लिकन पार्टी 53 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में थी, जबकि डेमोक्रेट्स के पास केवल 47 सीटें थीं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों ने रिपब्लिकन पार्टी के कब्जे वाली कई अहम सीटें छीनकर अपने आंकड़े को सीधे 51 तक पहुंचा दिया। इस उलटफेर से ट्रंप की व्यक्तिगत लोकप्रियता और उनके सियासी दबदबे को गहरा धक्का लगा है, क्योंकि उन्होंने कई प्रत्याशियों के लिए खुद सभाएं की थीं और मैदान में पसीना बहाया था।
ट्रंप के विधायी कामकाज पर पड़ेगा सीधा असर
सीनेट में बहुमत गंवाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के अधिकारों पर विधायी अंकुश लग गया है। अब वह अपनी मर्जी से कोई भी नया कानून या बिल संसद से पास नहीं करा सकेंगे। अपने शेष कार्यकाल के दौरान उन्हें किसी भी नीतिगत फैसले, बजट आवंटन या नई योजना को आगे बढ़ाने के लिए विपक्षी डेमोक्रेट्स के साथ कड़ा समझौता करना होगा, जिससे व्हाइट हाउस की प्रशासनिक रफ्तार काफी धीमी पड़ सकती है।


















