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दीवाली से ऐन पहले राजधानी में वायु गुणवत्ता संकट गहराया, बीस निगरानी केंद्रों पर सूचकांक चार सौ पारदिल्ली
4 नव॰ 2026, 9:42 am (7 मिनट पहले)· 0

दीवाली से ऐन पहले राजधानी में वायु गुणवत्ता संकट गहराया, बीस निगरानी केंद्रों पर सूचकांक चार सौ पार

दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 369 दर्ज होने और 20 इलाकों में 400 से ऊपर निकलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सांस और आंखों से जुड़ी तकलीफें बढ़ गई हैं।

त्योहारी सीजन में दीवाली के आगमन से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी और उसके आसपास के शहरी इलाकों में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। महानगर के 20 अलग-अलग इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार निकल चुका है, जिससे समूचे वातावरण में सांस लेना बेहद दूभर हो गया है। समग्र स्तर पर राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 दर्ज किया गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि हवा लगातार बेहद गंभीर श्रेणी की ओर फिसलती जा रही है। इस जहरीली धुंध के असर से लोगों को लगातार खांसी, गंभीर एलर्जी और आंखों में तेज जलन का सामना करना पड़ रहा है।

एनसीआर के कई शहरों पर छाई धुंध की मोटी चादर

प्रदूषण का यह प्रतिकूल प्रभाव केवल दिल्ली की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इसका व्यापक असर देखा जा रहा है। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों में सुबह के वक्त से ही आसमान पर गहरी धुंध और स्मॉग की घनी परत बिछी हुई नजर आ रही है। इस धुंध की वजह से कई महत्वपूर्ण इलाकों में दृश्यता पर गहरा असर पड़ा है, जिससे सुबह के वक्त सड़कों पर आवागमन करने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। हवा में मौजूद सूक्ष्म और विषैले कण फेफड़ों में पहुंचकर सीधे सांस लेने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि घरों से कदम बाहर रखते ही लोगों को गले में लगातार खराश, आंखों में चुभन और दम घुटने जैसा अहसास होने लगा है।

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मौसम की धीमी चाल से राहत के आसार नहीं

दिनभर के मौसमी मिजाज को देखते हुए सुबह और शाम के समय वायु गुणवत्ता की यह स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी रहने की आशंका है। दोपहर के समय भी हवा के रुख में कोई खास सुधार आने की संभावना बेहद कम है, क्योंकि राहत केवल तेज धूप खिलने या हवा की गति बढ़ने पर ही मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दिन के समय धूप की तीव्रता कम रहने के आसार हैं। सुबह के समय पड़ी हल्की ओस ने जमीन पर मौजूद धूल के कणों को वातावरण में ऊपर उठने नहीं दिया, जिससे वे नमी के साथ मिलकर गाढ़े स्मॉग में तब्दील हो गए हैं।

प्रदूषक कणों के जमाव और स्रोतों की दोहरी मार

पर्यावरण वैज्ञानिकों का विश्लेषण बताता है कि वातावरण में हवा की रफ्तार सुस्त पड़ने और नमी की मात्रा में इजाफा होने के कारण सभी विषैले प्रदूषक कण सतह के बिल्कुल नजदीक ठहर गए हैं। हवा में ठहराव आने से स्मॉग और घने कोहरे का यह मिला-जुला रूप और भी ज्यादा गहराता जा रहा है। इस प्राकृतिक मौसमी रुकावट के साथ-साथ सड़कों पर दौड़ते वाहनों से निकलने वाला घना धुआं, विभिन्न निर्माण स्थलों से उड़ती अनियंत्रित धूल और अन्य स्थानीय प्रदूषणकारी गतिविधियां मिलकर वायु गुणवत्ता के स्तर को लगातार गिरा रही हैं। जमीन के निकट जमा यह प्रदूषक तत्व वातावरण को लगातार दूषित बनाए हुए हैं।

कमजोर वर्गों और मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी

शहर का औसत सूचकांक 369 तक पहुंचना यह साफ दर्शाता है कि सामान्य जनजीवन के लिए इस हवा में सांस लेना स्वास्थ्य की दृष्टि से बड़ा जोखिम बन चुका है। जिन 20 इलाकों में यह सूचकांक 400 की सीमा को लांघ चुका है, वहां के हालात स्वास्थ्य के नजरिए से अत्यंत गंभीर हो चुके हैं। इस चुनौतीपूर्ण दौर में छोटे बच्चों, बुजुर्ग नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और पहले से सांस अथवा हृदय रोग से जूझ रहे व्यक्तियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने साफ हिदायत दी है कि लोग सुबह और देर शाम के समय खुले मैदानों या सड़कों पर शारीरिक व्यायाम करने से पूरी तरह परहेज करें। घर से बाहर निकलना केवल बेहद जरूरी कार्यों के लिए ही सीमित रखा जाए, और बाहर जाते समय चेहरे पर अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क अवश्य लगाया जाए। इसके साथ ही घरों की खिड़कियों और दरवाजों को बंद रखकर अंदरूनी हवा को सुरक्षित बनाने के उपाय अपनाना जरूरी है।

सवाल-जवाब

दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना दर्ज किया गया है?
राजधानी में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 369 दर्ज किया गया है।
दिल्ली के कितने इलाकों में AQI का स्तर 400 के पार पहुंच चुका है?
दिल्ली के 20 अलग-अलग निगरानी इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार दर्ज हुआ है।
दिल्ली के अलावा किन पड़ोसी शहरों में घना स्मॉग देखा जा रहा है?
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और गुरुग्राम सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई शहरों में धुंध की घनी चादर छाई हुई है।
प्रदूषण के इस गंभीर स्तर पर डॉक्टरों ने क्या मुख्य सावधानियां बरतने को कहा है?
विशेषज्ञों ने सुबह और शाम खुले में व्यायाम न करने, घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनने की सलाह दी है।
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