अमेरिकी धरती पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उतरते ही द्विपक्षीय कूटनीति के साथ-साथ एक अनपेक्षित पहलू ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जॉइंट बेस एंड्रयूज पर गुरुवार को जब शी जिनपिंग का विमान पहुंचा, तो उनके औपचारिक सत्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं मौजूद थे. अमूमन विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की अगवानी व्हाइट हाउस में करने की परंपरा से अलग हटकर ट्रंप का खुद सैन्य हवाई अड्डे पहुंचना बेहद खास कूटनीतिक संकेत माना गया. इस दौरान 100 फीट लंबा रेड कार्पेट बिछाने से लेकर तोपों की सलामी तक हर स्तर पर भारी सैन्य गरिमा दिखाई गई, परंतु कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पहने गए लंबे सर्दियों के ओवरकोट और हाथों के दस्तानों ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी.
एयरबेस पर जोरदार सत्कार और फ्लाईपास्ट
विमान का दरवाजा खुलते ही शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ सीढ़ियों से नीचे आए, जहां डोनाल्ड ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे. दोनों शीर्ष नेताओं और उनकी पत्नियों ने आपस में हाथ मिलाकर संक्षिप्त बातचीत की और फिर लाल कालीन पर कदम बढ़ाए. स्वागत समारोह में 21 जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया, अमेरिकी सैन्य बैंड ने दोनों महाशक्तियों के राष्ट्रगान की धुन बजाई और औपचारिक तोपों की सलामी दी गई. इस सैन्य भव्यता के चरम पर आसमान में दो विशाल B-1 बॉम्बर विमानों ने शक्तिशाली फ्लाईपास्ट करते हुए अपनी गर्जना दर्ज कराई. आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति किसी भी विदेशी समकक्ष के आगमन पर एयरबेस तक नहीं जाते, ऐसे में ट्रंप की इस प्रत्यक्ष मौजूदगी को दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
मौसम और पहनावे को लेकर उठते सवाल
समारोह के समय जॉइंट बेस एंड्रयूज पर तापमान करीब 60 डिग्री फॉरेनहाइट दर्ज किया गया, जो लगभग 16-18 डिग्री सेल्सियस के आसपास बैठता है. इतने सामान्य और हल्के गर्म वातावरण में डोनाल्ड ट्रंप का पूरी तरह से विंटर ओवरकोट में ढके रहना और चमड़े या ऊनी दस्ताने पहनना लोगों की नजरों में खटक गया. सोशल मीडिया मंचों पर यूजर्स ने इस पहनावे को लेकर तुरंत कई तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए. कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि ट्रंप कुछ नियमित दवाइयों के सेवन से जुड़े प्रभावों के चलते अक्सर हाथों पर नीले निशानों की समस्या से जूझते दिखे हैं, इसलिए संभव है कि वे सार्वजनिक मंच पर उन निशानों को छिपाने के उद्देश्य से दस्ताने पहने हुए थे. वहीं अन्य उपयोगकर्ताओं ने अंदेशा जताया कि शायद अस्वस्थता के चलते उन्हें सामान्य से अधिक ठंड महसूस हो रही हो, हालांकि इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है और इन्हें केवल सोशल मीडिया टिप्पणियों के रूप में ही देखा जा सकता है.
तीन दिवसीय यात्रा और व्यापारिक समझौते का विस्तार
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पूरे 11 साल के अंतराल के बाद अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आए हैं. यह उच्चस्तरीय दौरा कुल तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें वैश्विक राजनीति को प्रभावित करने वाले कई संवेदनशील और रणनीतिक मसलों पर दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने मंथन होना तय है. वार्ता की इस मेज पर द्विपक्षीय व्यापार संतुलन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अत्याधुनिक तकनीक, ताइवान का भू-राजनीतिक संकट, ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय समीकरण और अहम खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला जैसे गंभीर विषय शामिल रहेंगे.
शी जिनपिंग के वॉशिंगटन क्षेत्र में लैंड करने से ऐन पहले दोनों पक्षों ने आर्थिक तनाव को कम करने वाला एक बड़ा कूटनीतिक कदम भी उठाया. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सार्वजनिक रूप से इस बात की घोषणा की कि अमेरिका और चीन अपने व्यापारिक संघर्ष विराम यानी ट्रेड ट्रूस की अवधि को दो महीने के लिए आगे बढ़ाने पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं. पूर्व निर्धारित समय सीमा के तहत यह अंतरिम समझौता 10 नवंबर को समाप्त होना था, लेकिन अब नई सहमति के आधार पर इसे 10 जनवरी तक प्रभावी बनाए रखने का निर्णय लिया गया है.



















