आंध्र प्रदेश के प्रकाशम शहर में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत की लिफ्ट में अचानक आई तकनीकी खराबी के चलते बेहद भयावह हादसा घटित हो गया। अपनी बेटी के घर रहने आई वनिता नाम की बुजुर्ग महिला जब लिफ्ट से बाहर निकल रही थीं, उसी समय लिफ्ट अप्रत्याशित रूप से नीचे की दिशा में खिसक गई। इस दौरान लिफ्ट के दरवाजे पूरी तरह से खुले हुए थे, जिसके कारण वनिता संभल भी नहीं पाईं और लिफ्ट केबिन तथा शॉफ्ट के संकीर्ण ढांचे के बीच बुरी तरह से फंस गईं। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
पहली मंजिल पर कैसे घटित हुआ यह दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, वनिता प्रकाशम शहर में स्थित एक अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर रहने वाली अपनी बेटी से मिलने आई हुई थीं। हादसे के समय लिफ्ट में वनिता के साथ उनकी बेटी और नाती भी सवार थे। जब लिफ्ट पहली मंजिल पर पहुंची, तो उसकी ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर सामान्य रूप से खुले। उनकी बेटी और नाती तो बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए। इसके ठीक बाद जैसे ही वनिता ने बाहर निकलने के लिए अपना पहला कदम आगे बढ़ाया, लिफ्ट बिना दरवाजे बंद हुए अचानक तेजी से नीचे की ओर चलने लगी।
अचानक घटित इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई और किसी को भी प्रतिक्रिया देने का अवसर नहीं मिला। वनिता का शरीर लिफ्ट के केबिन और लिफ्ट शॉफ्ट की दीवार के बीच अत्यंत बुरी तरह फंस गया। चीख-पुकार की आवाज सुनकर इमारत में रहने वाले अन्य पड़ोसी और निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अत्यधिक मशक्कत के बाद वनिता को शॉफ्ट के बीच से बाहर निकाला और तत्काल चिकित्सकीय सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अत्यधिक चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे शोक और सदमे में है।
पुलिस की एफआईआर और मेंटेनेंस में लापरवाही की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और मृतका के परिजनों द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं कि लिफ्ट में अचानक आई यह खराबी किसी यांत्रिक अथवा इलेक्ट्रॉनिक विफलता का परिणाम थी या फिर अपार्टमेंट प्रबंधन द्वारा इसके नियमित रखरखाव में कोई गंभीर लापरवाही बरती गई थी। लिफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड, सेफ्टी सेंसर्स और सर्विसिंग लॉग की जांच की जा रही है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके।
रिहायशी इमारतों में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर गहराता संकट
प्रकाशम में हुए इस दुखद हादसे ने एक बार फिर देश भर की बहुमंजिला सोसायटियों और व्यावसायिक परिसरों में स्थापित लिफ्टों के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लिफ्ट में सुरक्षा सेंसर्स का सही ढंग से काम न करना और आपातकालीन ब्रेक प्रणाली की विफलता जानलेवा साबित हो रही है। उल्लेखनीय है कि देश में लिफ्ट से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे कुछ ही समय पहले उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर की एक रिहायशी सोसाइटी में भी इसी तरह का हादसा देखने को मिला था, जहां लिफ्ट में फंसने के कारण एक 73 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। बार-बार दोहराई जा रही ऐसी घटनाएं आवासीय परिसरों में नियमित सेफ्टी ऑडिट और सख्त मेंटेनेंस नियमों की सख्त जरूरत को दर्शाती हैं।















