उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कवि नगर थाना क्षेत्र की महागुणपुरम सोसाइटी में एक 18 वर्षीय एथलीट प्रथम सिंह की बहुमंजिला इमारत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। प्रथम सिंह एक उभरते हुए मिक्स मार्शल आर्ट और बॉक्सिंग खिलाड़ी थे। इस घटना के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सौंपी है।
कवि नगर थाने में दर्ज हुआ हत्या और SC/ST एक्ट का मामला
पुलिस ने मृतक की माता नीतू रानी द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) (हत्या), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और SC/ST अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत केस संख्या 0572/2026 दर्ज किया है। इस मामले में रितिका, उसके पिता ललित प्रजापति और उसके भाई जतिन प्रजापति को नामजद आरोपी बनाया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी पूरी जांच एसीपी कवि नगर को सौंपी गई है, जो सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं।
जातिगत विरोध और देहरादून भेजने की पूरी पृष्ठभूमि
मूल रूप से उत्तराखंड के मसूरी की रहने वाली और वर्तमान में गाजियाबाद के ड्रीम होम्स वेव सिटी में निवास कर रही नीतू रानी ने बताया कि उनका 18 वर्षीय इकलौता पुत्र प्रथम सिंह खेल के क्षेत्र में काफी होनहार था और उसने जिला कराटे चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया था। प्रथम की महागुणपुरम सोसाइटी में रहने वाले ललित प्रजापति की पुत्री रितिका के साथ मित्रता थी। नीतू रानी के अनुसार, जब लड़की के परिवार को इस संबंध का पता चला तो उन्होंने जातिगत कारणों से इसका तीव्र विरोध किया। नीतू रानी ने शिकायत में उल्लेख किया है कि रितिका के माता-पिता उनके घर आए थे और अनुसूचित जाति (खटीक समाज) से होने का हवाला देते हुए इस रिश्ते पर कड़ा ऐतराज जताया था। उस समय आरोपियों ने परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी थीं। सामाजिक बदनामी और विवाद से बचाने के उद्देश्य से परिजनों ने प्रथम को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग के लिए देहरादून भेज दिया था।
12 अगस्त की रात घर वापसी से लेकर 13 अगस्त के घटनाक्रम की समयरेखा
घटनाक्रम के विवरण के अनुसार, प्रथम 12 अगस्त 2026 की रात देहरादून से वापस गाजियाबाद स्थित अपने घर आया था। अगली सुबह लगभग 10:00 बजे वह घर पर बिना किसी को कुछ बताए बाहर निकला। इसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे परिजनों को मसूरी स्थित उनके रिश्तेदारों तथा पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली कि महागुणपुरम सोसाइटी परिसर में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा मिला है। सूचना मिलते ही परिजन हिंडन मोर्चरी पहुंचे, जहां उन्होंने शव की पहचान अपने बेटे प्रथम सिंह के रूप में की।
टावर के नीचे मिला शव और सीसीटीवी फुटेज के आरोप
प्रथम सिंह का शव महागुणपुरम सोसाइटी के जिस टावर के नीचे पाया गया, उसी टावर की 14वीं या 15वीं मंजिल पर रितिका का परिवार निवास करता है। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने प्रथम को धोखे से अपने फ्लैट पर बुलाया और उसके साथ मारपीट की। परिजनों का कहना है कि सोसाइटी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और आसपास रहने वाले लोगों द्वारा सुनी गई मारपीट व चीख-पुकार की आवाजों से यह बात साफ होती है कि रितिका, उसके भाई जतिन प्रजापति और पिता ललित प्रजापति ने अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रथम पर जानलेवा हमला किया और बाद में उसे बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच की स्थिति और आगे की कानूनी कार्रवाई
कवि नगर पुलिस इस पूरे प्रकरण की बहुकोणीय जांच कर रही है। जांच अधिकारी महागुणपुरम सोसाइटी के मुख्य प्रवेश द्वार, लिफ्ट और संबंधित टावर के CCTV फुटेज को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक विश्लेषण करवा रहे हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस घटना के समय की मोबाइल फोन कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR) भी खंगाल रही है ताकि प्रथम और आरोपियों के बीच हुई बातचीत की समयरेखा स्पष्ट हो सके। स्थानीय निवासियों तथा चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





















