राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आने वाले दिनों में देश के युवाओं और नई पीढ़ी को अपने सामाजिक अभियान से जोड़ने के लिए एक बड़ा खाका तैयार कर रहा है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 19 अगस्त से 21 अगस्त के बीच आयोजित होने वाली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा पीढ़ी यानी जेन-जी की सोच को समझना और उनके साथ बेहतर जुड़ाव स्थापित करना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही संघ परिवार के 32 विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के शीर्ष प्रतिनिधि भी विशाखापत्तनम में एक मंच पर जुटेंगे।
डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच
आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया युवाओं की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुके हैं। संघ के रणनीतिकार इस बात पर विचार कर रहे हैं कि किस प्रकार विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक संगठन की विचारधारा और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी पहुंचाई जाए। विशाखापत्तनम की कार्यशाला के दौरान इस पर गहन मंथन होगा कि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इसके तहत युवा केंद्रित नए कार्यक्रमों को तैयार करने और संघ से जुड़े अलग-अलग संगठनों को विशेष अभियान चलाने की जिम्मेदारी सौंपने की योजना है। मकसद यही है कि आधुनिक तकनीकों के सहारे नई पीढ़ी को राष्ट्रीय निर्माण और सामाजिक सरोकारों के प्रति आकर्षित किया जा सके।
एबीवीपी को सौंपी जा सकती है अहम जिम्मेदारी
युवाओं के बीच पैठ मजबूत करने की इस योजना में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी को एक मुख्य भूमिका दी जा सकती है। छात्रों और युवाओं के बीच लंबे समय से कार्यरत एबीवीपी के जरिए शिक्षा, रोजगार, नशा मुक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक अभियान चलाने की रणनीति बनाई जा रही है। हाल ही में झारखंड के रांची में आयोजित किए गए युवा केंद्रित कार्यक्रमों को इस दिशा में एक सफल मॉडल माना जा रहा है। इसी तर्ज पर देश के अन्य राज्यों में भी अभियान चलाकर युवाओं में सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र भाव जगाने का प्रयास किया जाएगा।
बीजेपी के संगठनात्मक विस्तार और नई नियुक्तियों पर मंथन
समन्वय बैठक में संघ परिवार के राजनीतिक विंग और संगठनात्मक मामलों पर भी विस्तार से बातचीत होगी। देश के कई राज्यों में लंबे समय से संगठन मंत्रियों के पद खाली पड़े हैं, जिन पर नई नियुक्तियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर फैसला लिया जाना है। इस सिलसिले में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ शीर्ष संघ नेतृत्व की वार्ता संभव है। बैठक में राज्यों के भीतर संगठनात्मक जिम्मेदारियों के सही बंटवारे और निचले स्तर तक कार्यप्रणाली को मजबूत करने के तरीकों पर गहन चर्चा की जाएगी।
सिख समाज से संवाद बढ़ाने और विदेशों में संपर्क की रणनीति
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ध्यान इस बैठक में सिख समाज और सिख संगठनों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी रहेगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत के प्रस्तावित कनाडा दौरे को ध्यान में रखते हुए विदेश में रह रहे सिख समुदाय और विभिन्न संगठनों के साथ संपर्क को और प्रगाढ़ करने की रणनीति बनाई जाएगी। इस संवाद के जरिए आपसी तालमेल और भ्रातृभाव को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
अयोध्या विवाद और नकारात्मक नैरेटिव का जवाब देने की योजना
अयोध्या से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और संघ परिवार के खिलाफ बनाए जा रहे नकारात्मक माहौल पर भी विशाखापत्तनम में चर्चा हो सकती है। संघ नेतृत्व इस बात पर विचार करेगा कि किस प्रकार विभिन्न माध्यमों से संघ की नकारात्मक छवि बनाने की कोशिशों का तथ्यात्मक जवाब दिया जाए। बैठक में तय किया जाएगा कि संघ द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने के सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों को डिजिटल माध्यमों के जरिए जन-जन तक पहुंचाया जाए, ताकि जनता के सामने सही और स्पष्ट तस्वीर पेश की जा सके।














