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नेपाल में भारतीय रेस्क्यू दल का अभियान जारी, टनल में फंसे लोगों की तलाश युद्धस्तर परएशिया
1 सित॰ 2026, 8:21 am (59 दिन पहले)· 2

नेपाल में भारतीय रेस्क्यू दल का अभियान जारी, टनल में फंसे लोगों की तलाश युद्धस्तर पर

नेपाल में भीषण आपदा के बाद टनल और जलविद्युत परियोजनाओं के परिसरों में फंसे लोगों की तलाश के लिए भारतीय विशेषज्ञों का अभियान जोरों पर है। इस बीच आपदा में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 939 हो गया है और हजारों लोग लापता हैं।

नेपाल में भारी तबाही के बाद सुरंगों और मलबे में फंसे नागरिकों को बाहर निकालने के लिए भारतीय बचाव दल ने अपने अभियान को और अधिक तेज कर दिया है। प्रतिकूल मौसम और बेहद कठिन पहाड़ी रास्तों की चुनौतियों के बावजूद भारतीय विशेषज्ञ दल नेपाली सेना के साथ मिलकर लगातार खोजबीन में जुटे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक रसुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग दोनों प्रमुख स्थलों पर चलाए जा रहे राहत कार्यों में शुरुआती स्तर पर सफलता हासिल हुई है।

बचाव दलों को मिली शुरुआती सफलता

चिलीमे क्षेत्र में तमाम बाधाओं को पार करते हुए बचाव दल ने आखिरकार सुरंग के मुहाने तक अपनी पहुंच बना ली है, जिससे अब आगे के राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। इसके अलावा लांगटांग में भारतीय कर्मियों और नेपाली सुरक्षा बलों ने संयुक्त प्रयास से 185 मीटर की गहराई तक उतरने में कामयाबी हासिल की है। संबंधित अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों ही स्थानों पर यह राहत अभियान मंगलवार को भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा।

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भारतीय राजदूत ने किया सैन्य बेस का दौरा

इस बीच नेपाल में तैनात भारत के राजदूत ने नुवाकोट जिले के बिदुर स्थित नेपाली सेना के बेस कैंप का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। यह बेस कैंप रसुवा क्षेत्र में चल रहे तमाम बचाव कार्यों का मुख्य संचालन केंद्र है। वहां पहुंचकर उन्होंने भारतीय तकनीकी दलों के साथ बैठक की और चिलीमे तथा लांगटांग की सुरंगों में पूरे दिन चली खोजबीन की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली।

अपने इस दौरे के दौरान भारतीय राजदूत ने नेपाल के गृह मंत्री और ऊर्जा एवं जल संसाधन मंत्री से भी विशेष मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल और राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। भारत और नेपाल के इस साझा सहयोग के बलबूते प्रभावित क्षेत्रों में امدادی कार्य लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

बढ़ता जा रहा है आपदा में जान गंवाने वालों का आंकड़ा

नेपाल में आए इस विनाशकारी सैलाब की वजह से मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 939 तक पहुंच चुकी है, जबकि लगभग 4,000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब तक 10,000 से अधिक प्रभावितों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। हालांकि लगातार बारिश, उफान पर बहती नदियां, टूटे हुए पुल और क्षतिग्रस्त रास्ते बचाव टीमों के सामने भारी बाधा बने हुए हैं, जिससे प्रभावितों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।

जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे मजदूर

गौरतलब है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट बर्फ और चट्टानें खिसकने के कारण 26 अगस्त को यह भयंकर बाढ़ आई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया। हिमालयी सीमा से दक्षिण दिशा की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी अपने साथ भारी सैलाब लेकर आई, जिससे मकान, गाड़ियां, सड़कें और पुल पूरी तरह बह गए तथा कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी क्षति पहुंची। बचाव दल इस समय नेपाल के विभिन्न हिस्सों में जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं, जिनके इन सुरंगों में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी लापता

दूसरी तरफ नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गई है कि आपदा प्रभावित इलाकों से अब तक 323 से अधिक विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक लगभग 590 विदेशी नागरिक 39 अलग-अलग देशों से ताल्लुक रखने वाले अब भी लापता हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार पड़ोसी देशों के साथ संपर्क बनाए हुए है और मंत्रालय ने एक विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है जो लापता लोगों के परिजनों और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय का काम कर रहा है।

सवाल-जवाब

नेपाल में भारतीय रेस्क्यू दल कहां-कहां अभियान चला रहा है?
भारतीय रेस्क्यू दल नेपाल के रसुवा जिले के चिलीमे और लांगटांग क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रहा है।
नेपाल की आपदा में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
इस विनाशकारी बाढ़ और सैलाब के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 939 हो गई है।
कितने विदेशी नागरिक इस आपदा के बाद लापता हैं?
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 39 देशों के करीब 590 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं।
भारतीय राजदूत ने किस स्थान का दौरा किया?
भारतीय राजदूत ने नुवाकोट जिले के बिदुर स्थित नेपाली सेना के बेस कैंप का दौरा किया।
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