भारतीय सर्राफा बाजार में हालिया उछाल के बाद 29 अक्टूबर को सोने के दामों में स्थिरता देखने को मिली। पिछले सत्रों में 100 ग्राम पर 13,700 रुपये की भारी बढ़त दर्ज करने के बाद निवेशकों और खरीदारों को कीमतों में ठहराव का सामना करना पड़ा। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के निर्णय के बीच पीली धातु की रफ्तार थमी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर रुख का असर घरेलू वायदा बाजार पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने के ताजा भाव
घरेलू बाजार में 29 अक्टूबर को किसी भी श्रेणी के सोने में कोई दैनिक बदलाव नहीं दर्ज किया गया। खुदरा बाजार में आभूषण निर्माण के लिए सर्वाधिक लोकप्रिय 22 कैरेट सोने की कीमत 1,31,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बनी रही। बड़े खरीदारों के लिए 22 कैरेट सोने का 100 ग्राम का भाव 13,19,500 रुपये दर्ज किया गया।
शुद्धतम माने जाने वाले 24 कैरेट सोने की खुदरा कीमत आज 1,43,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर टिकी रही। वहीं 24 कैरेट सोने के 100 ग्राम की कीमत 1,14,950 रुपये दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त हल्के आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने का भाव 1,07,960 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना रहा। कीमतों में इस ठहराव से त्योहारों और शादियों के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों को अस्थायी राहत मिली है।
चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख
सोने के विपरीत घरेलू बाजार में चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 29 अक्टूबर को एक किलोग्राम चांदी का भाव 5,000 रुपये घटकर 2,15,000 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि खुदरा स्तर पर 100 ग्राम चांदी की कीमत 500 रुपये बढ़कर 21,500 रुपये दर्ज की गई। औद्योगिक मांग और विदेशी संकेतों के मिले-जुले असर के कारण चांदी में यह उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
विदेशी बाजारों में बिकवाली और तकनीकी परिदृश्य
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति में बदलाव न करने के बाद सोने की कीमतों में सुस्ती दर्ज की गई। विदेशी बाजार में सोने का भाव फिसलकर 4,050 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 0410 जीएमटी तक हाजिर सोना 0.7 प्रतिशत गिरकर 4,037.98 डॉलर प्रति औंस दर्ज हुआ, जबकि दिसंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा 4,049.80 डॉलर पर स्थिर रहा।
बाजार विश्लेषक फर्म ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, निवेशक मौद्रिक नीति के भविष्य के संकेतों के लिए अमेरिकी पीसीई मूल्य सूचकांक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व का पसंदीदा मुद्रास्फीति पैमाना है। इसके साथ ही पश्चिम एशिया संघर्ष को रोकने के राजनयिक प्रयासों पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई की चिंताएं बढ़ा रही हैं, जिससे लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की संभावना सोने पर दबाव बना रही है।
एमसीएक्स पर तकनीकी स्तर और रणनीति
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोने का पिछला सत्र कमजोरी के साथ समाप्त हुआ था और दैनिक रुख नकारात्मक बना हुआ है। वे ऑफ वेल्थ की तकनीकी रिपोर्ट के अनुसार, कीमतों में किसी भी तेजी के दौरान ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे निकट अवधि का रुख कमजोर बना रहेगा। मौजूदा तकनीकी ढांचा उछाल पर बिकवाली की रणनीति का समर्थन कर रहा है।
दिन के कारोबार के लिए तकनीकी विश्लेषकों ने 1,41,300 रुपये पर मजबूत सपोर्ट और 1,44,350 रुपये पर अहम रेजिस्टेंस चिन्हित किया है। यदि बिकवाली का दबाव निरंतर जारी रहता है, तो कीमतें सपोर्ट स्तर की ओर फिसल सकती हैं। वहीं रेजिस्टेंस की ओर किसी भी सुधार पर नई बिकवाली आकर्षित हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इस नकारात्मक रुख की समीक्षा तभी की जाएगी जब कीमतें 1,45,150 रुपये से ऊपर लगातार टिकने में सफल हों।


















