भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के संगीन आरोपों में घिरे बांग्लादेश वायुसेना के 16वें प्रमुख शेख अब्दुल हन्नान को कतर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है। रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल पर अपने सेवाकाल के दौरान पद का दुरुपयोग करके ज्ञात आमदनी से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने और बड़े पैमाने पर संदिग्ध बैंक लेनदेन करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ढाका स्थित भ्रष्टाचार निरोधक आयोग द्वारा शुरू की गई व्यापक जांच के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके खिलाफ यह बड़ी कानूनी कार्रवाई देखने को मिली है।
कतर में हिरासत और इंटरपोल का आधिकारिक संदेश
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग के उपनिदेशक मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि कतर के सुरक्षा अधिकारियों ने हन्नान को 15 अक्टूबर के दिन पकड़ा। आयोग को वैश्विक पुलिस संगठन इंटरपोल से ईमेल के माध्यम से इस कार्रवाई का औपचारिक संदेश प्राप्त हुआ। मोहम्मद अख्तरुल इस्लाम ने कहा, "हमें इंटरपोल से सूचना मिली है कि कतर की कानून प्रवर्तन एजेंसी ने 15 अक्टूबर को उन्हें वहां हिरासत में लिया था।"
आयोग ने पिछले वर्ष जुलाई के महीने में हन्नान के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक आयोग अधिनियम, धनशोधन रोकथाम अधिनियम तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत औपचारिक आरोप तय करने की मंजूरी दी थी। प्राथमिक जांच में ही जांचकर्ताओं को ऐसे कई पुख्ता सुराग मिले थे, जिनसे साफ हुआ कि उन्होंने अपने आधिकारिक पद पर रहते हुए अवैध वित्तीय लाभ कमाए थे।
बेहिसाब नकदी और संदिग्ध बैंक खातों का संजाल
जांच एजेंसी द्वारा संकलित किए गए आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, पूर्व वायुसेना प्रमुख ने अपनी वैध आमदनी के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 3.28 करोड़ बांग्लादेशी टका की अतिरिक्त चल और अचल संपत्ति जमा की थी। वित्तीय ऑडिट में यह भी सामने आया कि उन्होंने अपने 6 व्यक्तिगत बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए 27.63 करोड़ बांग्लादेशी टका का अत्यधिक संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किया था। इन खातों में भारी भरकम रकम जमा की गई और फिर उसे अलग-अलग माध्यमों से स्थानांतरित किया गया, जिसका कोई वैध वित्तीय रिकॉर्ड मौजूद नहीं था।
पत्नी पर भी वित्तीय अपराध और 32 खातों की जांच
इस पूरे घोटाले में शेख अब्दुल हन्नान की पत्नी की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध पाई गई है और उन्हें भी मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने पति की मिलीभगत से अपनी वैध आमदनी से 1.91 करोड़ बांग्लादेशी टका अधिक की संपत्ति अपने नाम पर तैयार की।
इतना ही नहीं, आयोग की वित्तीय अपराध शाखा ने उनके नाम से संचालित कुल 32 अलग-अलग बैंक खातों का पता लगाया है। इन तमाम खातों के जरिए कुल 1.18 करोड़ बांग्लादेशी टका का संदिग्ध धन प्रवाह हुआ। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन अनेक बैंक खातों का इस्तेमाल काले धन को खपाने और लेन-देन के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था।
दुबई, कनाडा और बच्चों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियां
बांग्लादेशी जांच एजेंसियों की पड़ताल केवल घरेलू सीमा तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें कई विदेशी संपत्तियों का भी भंडाफोड़ हुआ है। जांचकर्ताओं ने पाया कि हन्नान ने अपने अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा कनाडा और दुबई जैसे विदेशी केंद्रों में निवेश किया था। इसके अलावा, दंपती ने अपने बच्चों के नाम पर तीन अलग-अलग देशों में कई अचल संपत्तियां पंजीकृत करवा रखी थीं।
मार्च के महीने में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ढाका की एक सक्षम अदालत ने हन्नान और उनकी पत्नी के आयकर से जुड़े सभी आधिकारिक रिकॉर्ड तत्काल जब्त करने का फरमान जारी किया था। इसके अतिरिक्त, अदालत ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता आधार को देखते हुए पूर्व वायुसेना प्रमुख के दो रिहायशी अपार्टमेंट कुर्क करने और उनके तमाम बैंक खातों पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश भी पारित किया था।
चार दशक लंबा करियर और अन्य सैन्य अफसरों की जांच
शेख अब्दुल हन्नान ने वर्ष 1984 में जनरल ड्यूटी पायलट के रूप में बांग्लादेश वायुसेना में अपना करियर शुरू किया था। दशकों की सैन्य सेवा के बाद उन्होंने 12 जून, 2021 को बांग्लादेश वायुसेना के 16वें प्रमुख के पद की कमान संभाली थी। वे तीन साल तक इस शीर्ष पद पर रहे और 11 जून, 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कुछ ही महीनों के भीतर उनके वित्तीय मामलों की परतें खुलनी शुरू हो गईं।
बांग्लादेश के सैन्य हलकों में भ्रष्टाचार की यह अकेली जांच नहीं है। देश के पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल मोहम्मद नाजमुल हसन भी आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों का सामना कर रहे हैं। वे फिलहाल देश से बाहर प्रवास कर रहे हैं, हालांकि किसी भी न्यायिक अदालत ने अब तक उनके विदेश भ्रमण पर कोई आधिकारिक रोक नहीं लगाई है।
दक्षिण एशियाई क्षेत्र में उच्च पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ वित्तीय अपराधों की यह कार्रवाई अकेले बांग्लादेश तक सीमित नहीं है। इसी तरह के एक बड़े घटनाक्रम में श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे नमल राजपक्षे को भी गिरफ्तार किया गया। उन पर श्रीलंकन एयरलाइंस के लिए एयरबस विमानों की खरीद प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी और घूसखोरी में शामिल होने का आरोप है।



















