पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। बुधवार को यहां एक यात्री बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई और सड़क पर पलट गई। इस भीषण हादसे में कुल 11 लोगों की जान चली गई है, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह दर्दनाक घटना लाहौर से लगभग 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजनपुर इलाके में घटी, जब यह बस कराची से चलकर पंजाब के डेरा गाजी खान जिले की ओर जा रही थी।
हादसे की मुख्य वजह और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपातकालीन सेवा 'रेस्क्यू 1122' के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने मीडिया को बताया कि यह दुर्घटना राजमार्ग के उस हिस्से पर हुई जहाँ निर्माण कार्य चल रहा था। प्रवक्ता ने वहां मौजूद चश्मदीदों के बयानों का हवाला देते हुए यह भी अंदेशा जताया कि हादसे के वक्त बस काफी तेज रफ्तार में चल रही थी, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। प्रशासनिक सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की अत्यधिक गति ही डिवाइडर से टकराने और पलटने का मुख्य कारण बनी।
घटना के वक्त बस के अंदर बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। इस भयंकर हादसे की चपेट में आने से कई मासूम बच्चों और महिलाओं की भी जान चली गई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने राहत कार्य शुरू कर दिया और सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की संवेदनाएं
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस दर्दनाक सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को हरसंभव चिकित्सीय सहायता और बेहतरीन इलाज मुहैया कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पेशावर में पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल ही में बड़े हादसों का सिलसिला सा चल रहा है। इस दुर्घटना से महज एक हफ्ते पहले पेशावर शहर में भी एक भयंकर हादसा हुआ था, जहाँ एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 30 लोगों की मौत हो गई थी। उस दर्दनाक हादसे में मरने वाले लोगों में 29 मासूम बच्चे शामिल थे। अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने तब जानकारी दी थी कि बच्चों के अलावा जान गंवाने वाली एक महिला स्कूल की शिक्षिका थीं और इन मृत बच्चों की उम्र महज 7 से 13 वर्ष के बीच थी।
पेशावर की उस घटना के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया था और लोगों में काफी रोष देखा गया था। उस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कड़ा दुख जताते ہوئے शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी और ईश्वर से इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की थी।



















