म्यांमार के अशांत पश्चिमी रखाइन राज्य में सेना के एक लड़ाकू विमान द्वारा भीड़भाड़ वाले बाजार के निकट की गई भारी बमबारी में कम से कम 49 नागरिकों की मौत हो गई। इस भीषण हमले में 58 अन्य लोग जख्मी हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। लोकतंत्र समर्थक विद्रोही गुटों और जातीय सशस्त्र संगठनों के प्रभाव वाले इलाकों पर म्यांमार की सैन्य सरकार द्वारा किए जा रहे हमलों के सिलसिले में यह घटना हाल के दिनों की सबसे विनाशकारी कार्यवाहियों में शामिल हो गई है।
क्याउक्ताव टाउनशिप में लड़ाकू विमान से गिराए गए दो बम
यह हमला सोमवार को दोपहर के समय क्याउक्ताव टाउनशिप में अंजाम दिया गया। भौगोलिक दृष्टि से यह कस्बा म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े प्रमुख शहर मांडले से लगभग 340 किलोमीटर यानी 210 मील पश्चिम दिशा में स्थित है। वर्तमान में क्याउक्ताव क्षेत्र पर रखाइन के एक प्रमुख और ताकतवर जातीय सशस्त्र संगठन, अराकान आर्मी का पूरा नियंत्रण बना हुआ है। लड़ाकू विमान ने सीधे बाजार के नजदीकी हिस्से को निशाना बनाते हुए दो शक्तिशाली बम गिराए, जिनकी चपेट में आकर आसपास मौजूद दुकानदार, खरीदारी करने आए आम लोग और सड़क से गुजर रहे राहगीर हताहत हुए।
घायलों में 22 की हालत नाजुक, राहत कार्यों के बीच सामने आए आंकड़े
अराकान आर्मी द्वारा मंगलवार तड़के जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, हवाई हमले में घायल हुए 58 लोगों में से 22 की शारीरिक स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। क्षेत्र में बचाव व राहत अभियानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी वाई हुन आंग ने मौके पर राहत कार्य कर रहे कर्मियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर हताहतों की कुल संख्या की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निशाना बना यह बाजार केवल एक सामान्य हाट नहीं था, बल्कि पूरे रखाइन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण थोक केंद्र था, जहां राज्य भर के दूरदराज इलाकों से व्यापारी थोक माल खरीदने और बेचने के लिए नियमित रूप से आते थे। उन्होंने इसे रखाइन की धरती पर दर्ज सबसे भीषण हवाई हमलों में से एक बताया।
अराकान आर्मी की कड़ी जवाबी कार्रवाई की सीधी चेतावनी
घटना के तुरंत बाद अराकान आर्मी ने जानबूझकर आम नागरिकों और कारोबारी केंद्र को निशाना बनाकर किए गए इस घातक हमले की तीव्र भर्त्सना की है। विद्रोही समूह ने अपने बयान में स्पष्ट तौर पर कहा कि इस प्रकार के योजनाबद्ध हवाई हमलों के लिए प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार व्यक्तियों और उनसे जुड़े संगठनों के खिलाफ जल्द ही अत्यधिक प्रभावी व कड़ी जवाबी कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस चेतावनी के बाद पूरे रखाइन क्षेत्र में विद्रोही लड़ाकों और सेना के बीच टकराव और अधिक तेज होने के आसार बन गए हैं।
तख्तापलट के बाद से गृहयुद्ध जैसे हालात में घिरा देश
म्यांमार में व्यापक स्तर पर जारी यह आंतरिक संघर्ष 1 फरवरी, 2021 को शुरू हुआ था, जब सैन्य नेतृत्व ने तख्तापलट करते हुए आंग सान सू की की चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। इस तख्तापलट के बाद नागरिकों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को जब सैन्य सुरक्षा बलों ने जानलेवा बल प्रयोग के दम पर कुचल दिया, तब देश भर में सेना के विरोधियों ने हथियार उठा लिए। इसके बाद से ही देश के अधिकांश हिस्से सशस्त्र विद्रोह की चपेट में हैं, जहां जातीय विद्रोही समूह सेना की चौकियों और ठिकानों को लगातार चुनौती दे रहे हैं।



















