पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बुधवार को सुरक्षाबलों ने कई अलग-अलग इलाकों में व्यापक अभियान चलाते हुए 16 चरमपंथियों को मार गिराया। यह कार्रवाई मस्तुंग, तुरबत और प्रांतीय राजधानी क्वेटा के आसपास के क्षेत्रों में की गई। इन ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षाबलों ने मौके से भारी मात्रा में असलहा, विस्फोटक और वाहन जब्त किए हैं, जबकि एक अन्य घटना में पोलियो सुरक्षा में तैनात जवानों को निशाना बनाया गया।
कनक घाटी में सुरक्षा चौकी पर हमला नाकाम
मस्तुंग जिले की कनक घाटी में हथियारों से लैस हमलावरों ने एक सुरक्षा चौकी को निशाना बनाने की कोशिश की। वहां तैनात सुरक्षाबलों ने त्वरित मोर्चा संभालते हुए जवाबी गोलीबारी शुरू कर दी। इस भीषण मुठभेड़ में 9 चरमपंथी मौके पर ही ढेर हो गए। मारे गए उपद्रवियों के कब्जे से हथियार, गोला-बारूद के अलावा 3 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस क्रॉस फायरिंग के दौरान सुरक्षा बल का 1 जवान भी घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए भेजा गया।
तुरबत में खुफिया अभियान और क्वेटा में थाने पर हमला
तुरबत जिले के जोसक इलाके में सुरक्षा एजेंसियों को चरमपंथियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इस सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया, जहां हुई मुठभेड़ में 2 चरमपंथियों को मार गिराया गया। वहीं क्वेटा के बाहरी इलाके में स्थित अघबर्ग पुलिस थाने को बुधवार तड़के मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने निशाना बनाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों की सतर्कता और जवाबी कार्रवाई के चलते यह हमला पूरी तरह विफल रहा और 5 हमलावर मारे गए।
प्रतिबंधित संगठन की संलिप्तता और पोलियो टीम पर घात
अघबर्ग पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने वाले चरमपंथी प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े थे। घटनास्थल की तलाशी के दौरान इन हमलावरों के पास से भी बड़ी तादाद में गोला-बारूद और आग्नेयास्त्र जब्त किए गए। दूसरी तरफ, बलूचिस्तान के नुश्की जिले से एक दुखद घटना सामने आई, जहां पोलियो टीकाकरण अभियान में जुटी टीम की सुरक्षा कर रहे 2 पुलिसकर्मियों पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस घातक हमले में दोनों जवानों की मौत हो गई, और इस वारदात की जिम्मेदारी फिलहाल किसी संगठन ने नहीं ली है।
क्षेत्र में लंबे समय से जारी है अशांति
बलूचिस्तान में अशांति और सशस्त्र टकराव का इतिहास काफी पुराना रहा है। एक तरफ जहां बलूच अलगाववादी समूह पाकिस्तान से पृथक बलूचिस्तान की मांग को लेकर निरंतर हथियारबंद गतिविधियां चलाते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ TTP जैसे कट्टरपंथी इस्लामी संगठन भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं। इन गुटों की गतिविधियों के चलते इलाके में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच लगातार हिंसक टकराव देखने को मिलते हैं, जिसके तहत यह ताजा सैन्य कार्रवाई अंजाम दी गई।



















