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तिब्बत में 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने ढहाए सैकड़ों मकान, 16 की मौत और 32 घायलएशिया
23 अक्तू॰ 2026, 7:28 am (7 दिन पहले)· 3

तिब्बत में 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने ढहाए सैकड़ों मकान, 16 की मौत और 32 घायल

तिब्बत में आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही हुई है। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है और 32 लोग घायल हैं, जबकि बचाव अभियान तेजी से चल रहा है।

तिब्बत में गुरुवार की रात को आए विनाशकारी भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7 की तीव्रता वाले इस भीषण झटके ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया और इसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में जान-माल का नुकसान हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से कम से कम 16 लोगों की जान चली गई है, जबकि 32 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में से 11 लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अत्यधिक गहराई पर था भूकंप का केंद्र

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) से मिली जानकारी के मुताबिक, यह शक्तिशाली भूकंप भारतीय समयानुसार रात में लगभग 8:03 बजे दर्ज किया गया था। इस आपदा का केंद्र राजधानी ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उत्तरी तिब्बत के नागकू सिटी में था। वैज्ञानिकों के अनुसार, जमीन के भीतर यह हलचल लगभग 173 किलोमीटर की गहराई पर पैदा हुई थी, जिसके प्रभाव दूर-दूर तक महसूस किए गए।

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नागकू शहर में ढह गए सैकड़ों मकान

जैसे ही धरती कांपी, प्रभावित इलाकों में अफरातफरी और भगदड़ मच गई। मकान और सड़क पर खड़ी गाड़ियां तीव्र गति से हिलने लगीं। अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में लोग घरों और होटलों से निकलकर खुले आसमान के नीचे भागने लगे। दुकानों के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में रैक पर रखा सामान नीचे गिरता हुआ साफ कैद हुआ है। उत्तरी क्षेत्र के नागकू शहर में इस प्राकृतिक आपदा के कारण सैकड़ों की संख्या में रिहायशी मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं।

पिछले पांच वर्षों का सबसे बड़ा भूकंप

यह पिछले पांच वर्षों के दौरान तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। नागकू मीडिया कार्यालय ने शहर सरकार के अधिकारियों के हवाले से पुष्टि की है कि इस घटना के बाद कम से कम 339 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। मलबे के ढेर में दबे लोगों की तलाश करने के लिए बड़े पैमाने पर खोज और बचाव का काम लगातार जारी है। इसके साथ ही, अपने घरों से बेघर हुए और विस्थापित हुए लोगों के रहने के लिए राहत शिविरों के रूप में टेंट लगाने का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है।

हाल ही में बाढ़ से भी प्रभावित हुआ था क्षेत्र

गौरतलब है कि तिब्बत में यह भूकम्पीय आपदा ऐसे समय में आई है, जब इसके ठीक कुछ हफ्ते पहले ही नेपाल और चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की सीमा के आसपास के इलाकों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई थी। उन भयानक आपदाओं की वजह से 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और हजारों की संख्या में लोग लापता हो गए थे। इसके अलावा, पश्चिमी नेपाल में तिब्बत सीमा के पास हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर हाल ही में हिमस्खलन की घटना भी सामने आई थी, जिसमें 10 लोग लापता हो गए थे।

क्यों आते हैं तिब्बत में इतने तीव्र भूकंप?

तिब्बत दुनिया के उन भौगोलिक रूप से संवेदनशील हिस्सों में आता है जहां भूकंप आने का खतरा हमेशा बहुत अधिक बना रहता है। इस क्षेत्र में भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती हैं, जिनकी निरंतर आपसी हलचल के कारण ही विशाल हिमालय पर्वतमाला का निर्माण हुआ है। हालांकि, इसी भूगर्भीय प्लेटों के टकराव और दबाव के कारण इस पूरे इलाके में आए दिन गंभीर भूकंप आते रहते हैं।

सवाल-जवाब

तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7 मापी गई।
भूकंप का केंद्र कहाँ स्थित था?
भूकंप का केंद्र ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर उत्तरी तिब्बत के नागकू सिटी में जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई पर था।
इस आपदा में कितने लोगों की जान गई है?
अब तक की खबरों के अनुसार इस भूकंप की वजह से कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है।
कितने लोग घायल हुए हैं और उनकी स्थिति क्या है?
इस आपदा में 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नागकू शहर में कितने घर क्षतिग्रस्त हुए हैं?
नागकू मीडिया कार्यालय के अनुसार, भूकंप के झटकों से कम से कम 339 घर ढह गए हैं।
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टिप्पणियाँ 4

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·7 दिन पहले

173 किलोमीटर की गहराई पर भी अगर सैकड़ों मकान ढह गए हैं, तो ज़मीन के भीतर की हलचल कितनी भयानक रही होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

ओमर भाई, गहराई 173 किमी थी तो झटका ऊपर तक आते-आते कमज़ोर पड़ जाना चाहिए था, फिर भी इतने मकान गिर गए, बात कुछ अजीब सी लगती है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·7 दिन पहले

इतनी ठंड और ऊंचाई वाली जगह पर 173 किमी गहराई वाले भूकंप से महज़ 16 मौतें होना थोड़ा अजीब लग रहा है। जब सैकड़ों घर गिर गए हैं, तो आंकड़ा शायद बाद में और बड़ा निकलेगा।

Li Wei@li-wei·7 दिन पहले

कार्लोस, नागकू में 173 किलोमीटर की गहराई वाकई बहुत ज़्यादा है, इसलिए शुरुआती आंकड़े कम लग सकते हैं।

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