नागालैंड से लोकसभा सांसद एस सुपोंगमेरेन जमीर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गुवाहाटी की गवर्निंग बॉडी का सदस्य चुना गया है। इस संसदीय नियुक्ति के बाद अब सांसद जमीर पूर्वोत्तर भारत के इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान के नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संसदीय प्रक्रिया और वैधानिक आधार
इस चुनाव की पूरी प्रक्रिया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अधिनियम, 1956 के वैधानिक प्रावधानों के तहत संपन्न की गई। संसदीय दस्तावेजों के अनुसार, लोकसभा ने 28 जुलाई 2026 को इस नियुक्ति से संबंधित एक प्रस्ताव स्वीकार किया था। इसके बाद, 7 अगस्त 2026 को जारी लोकसभा बुलेटिन संख्या 5973 में चुनाव प्रक्रिया का विवरण दिया गया। शुरुआत में इस पद के लिए दो नामांकन दाखिल किए गए थे, लेकिन बाद में एक उम्मीदवार ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। निर्धारित सीटों की संख्या के बराबर प्रत्याशी शेष रहने के कारण एस सुपोंगमेरेन जमीर को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
रिक्ति का कारण और आधिकारिक सूचना
एम्स गुवाहाटी में यह पद प्रद्युत बोरदोलोई के लोकसभा से इस्तीफे के बाद खाली हुआ था, जिसके चलते यह चुनाव कराना आवश्यक हो गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा सचिवालय ने 10 अगस्त को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को औपचारिक रूप से पत्र भेजकर जमीर के निर्वाचन की आधिकारिक जानकारी प्रदान की।
पूर्वोत्तर के लिए स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर जोर
एम्स गुवाहाटी के सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद सांसद जमीर ने समर्थन देने के लिए साथी सांसदों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एम्स गुवाहाटी केवल असम ही नहीं, बल्कि आसपास के सभी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र है। उन्होंने संस्थान को और अधिक मजबूत बनाने और पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। जमीर ने सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, बेहतर मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने, उन्नत शोध सुविधाओं का विस्तार करने तथा मजबूत स्वास्थ्य तंत्र के निर्माण पर जोर देने का संकल्प लिया। नागालैंड के जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे राष्ट्रीय स्तर पर पूर्वोत्तर की आवश्यकताओं को प्रमुखता से उठाते रहेंगे।



















