असम के धुबरी जिले के अंतर्गत आने वाले तामरहाट में स्थित ऐतिहासिक सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को अपना नया और स्थायी भवन मिल गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को इस नवनिर्मित परिसर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह लोकार्पण ऐसे समय में संपन्न हुआ है, जब स्थानीय श्रद्धालु और मंदिर समिति अपने 108वें दुर्गा पूजा उत्सव के भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एक सदी से भी अधिक समय से यह धार्मिक स्थल तामरहाट और आसपास के समूचे क्षेत्र के सांस्कृतिक जीवन का मुख्य केंद्र रहा है।
निर्माण कार्य पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने साझा किए अनुभव
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने वर्ष 2021 में तामरहाट के अपने पिछले दौरे को याद करते हुए बताया कि उस समय इस धार्मिक स्थल के निर्माण का कार्य शुरुआती चरण में था। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद दोबारा यहां पहुंचकर वे इस स्थल को एक भव्य और स्थायी मंदिर परिसर में बदलते हुए देखकर बेहद संतुष्ट हैं। इस नए ढांचे में विशेष स्थापत्य कला और आकर्षक सौंदर्य तत्वों का समावेश किया गया है, जिसकी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहना की।
समारोह में प्रमुख जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक आयोजन में क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) के प्रमुख हग्रामा मोहिलरी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा असम मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक सिंघल और अश्विनी राय सरकार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उद्घाटन के साक्षी बने। सभी अतिथियों ने मंदिर के गौरवशाली अतीत को रेखांकित करते हुए समुदाय के सामाजिक ताने-बाने में इसकी निरंतर भूमिका पर चर्चा की।
स्थानीय नागरिकों ने रखीं विकास और पुल निर्माण की मांगें
दौरे के अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष इलाके के विकास से जुड़े कई आवश्यक मुद्दे प्रस्तुत किए। नागरिकों द्वारा रखी गई प्राथमिक मांगों में गंगाधर नदी पर पुल निर्माण का विषय प्रमुखता से शामिल था। यह प्रस्तावित पुल तामरहाट को सीधे कठालतली से जोड़ने का काम करेगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन काफी सुगम हो सकता है।
इसके साथ ही निवासियों ने स्थानीय अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार करने और क्षेत्र में एक नए वाणिज्यिक परिसर (कमर्शियल कॉम्प्लेक्स) के विकास की मांग भी रखी। जनसमूह की इन सभी बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन नागरिकों द्वारा उठाई गई सभी मांगों का विस्तृत परीक्षण करेगा और आवश्यक कदम उठाने पर विचार करेगा। पीढ़ियों से आस्था का केंद्र रहे इस मंदिर को स्थायी स्वरूप मिलने से पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है।























