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असम के धुबरी में ऐतिहासिक तामरहाट सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को मिला स्थायी भवन, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटनअसम
20 सित॰ 2026, 9:48 pm (46 मिनट पहले)· 0

असम के धुबरी में ऐतिहासिक तामरहाट सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को मिला स्थायी भवन, मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन

असम के धुबरी जिले में स्थित 108 साल पुराने ऐतिहासिक तामरहाट सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के नए स्थायी भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी जन मांगों की समीक्षा का भरोसा भी दिया।

असम के धुबरी जिले के अंतर्गत आने वाले तामरहाट में स्थित ऐतिहासिक सार्वजनिक दुर्गा मंदिर को अपना नया और स्थायी भवन मिल गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को इस नवनिर्मित परिसर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह लोकार्पण ऐसे समय में संपन्न हुआ है, जब स्थानीय श्रद्धालु और मंदिर समिति अपने 108वें दुर्गा पूजा उत्सव के भव्य आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। एक सदी से भी अधिक समय से यह धार्मिक स्थल तामरहाट और आसपास के समूचे क्षेत्र के सांस्कृतिक जीवन का मुख्य केंद्र रहा है।

निर्माण कार्य पूरा होने पर मुख्यमंत्री ने साझा किए अनुभव

उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पुराने अनुभव साझा किए। उन्होंने वर्ष 2021 में तामरहाट के अपने पिछले दौरे को याद करते हुए बताया कि उस समय इस धार्मिक स्थल के निर्माण का कार्य शुरुआती चरण में था। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद दोबारा यहां पहुंचकर वे इस स्थल को एक भव्य और स्थायी मंदिर परिसर में बदलते हुए देखकर बेहद संतुष्ट हैं। इस नए ढांचे में विशेष स्थापत्य कला और आकर्षक सौंदर्य तत्वों का समावेश किया गया है, जिसकी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहना की।

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समारोह में प्रमुख जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक आयोजन में क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) के प्रमुख हग्रामा मोहिलरी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा असम मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक सिंघल और अश्विनी राय सरकार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उद्घाटन के साक्षी बने। सभी अतिथियों ने मंदिर के गौरवशाली अतीत को रेखांकित करते हुए समुदाय के सामाजिक ताने-बाने में इसकी निरंतर भूमिका पर चर्चा की।

स्थानीय नागरिकों ने रखीं विकास और पुल निर्माण की मांगें

दौरे के अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष इलाके के विकास से जुड़े कई आवश्यक मुद्दे प्रस्तुत किए। नागरिकों द्वारा रखी गई प्राथमिक मांगों में गंगाधर नदी पर पुल निर्माण का विषय प्रमुखता से शामिल था। यह प्रस्तावित पुल तामरहाट को सीधे कठालतली से जोड़ने का काम करेगा, जिससे क्षेत्रीय आवागमन काफी सुगम हो सकता है।

इसके साथ ही निवासियों ने स्थानीय अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं में सुधार करने और क्षेत्र में एक नए वाणिज्यिक परिसर (कमर्शियल कॉम्प्लेक्स) के विकास की मांग भी रखी। जनसमूह की इन सभी बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन नागरिकों द्वारा उठाई गई सभी मांगों का विस्तृत परीक्षण करेगा और आवश्यक कदम उठाने पर विचार करेगा। पीढ़ियों से आस्था का केंद्र रहे इस मंदिर को स्थायी स्वरूप मिलने से पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है।

सवाल-जवाब

तामरहाट सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के नए भवन का उद्घाटन किसने किया?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को मंदिर के नवनिर्मित स्थायी भवन का औपचारिक उद्घाटन किया।
यह ऐतिहासिक मंदिर असम के किस जिले में स्थित है?
यह मंदिर असम के धुबरी जिले के तामरहाट इलाके में स्थित है।
इस मंदिर का इतिहास कितने वर्ष पुराना है?
तामरहाट का यह सार्वजनिक दुर्गा मंदिर 108 वर्ष पुराना है और एक सदी से अधिक समय से स्थानीय संस्कृति का केंद्र रहा है।
उद्घाटन समारोह में कौन-कौन से प्रमुख नेता मौजूद थे?
समारोह में बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) के प्रमुख हग्रामा मोहिलरी, असम के कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल और अश्विनी राय सरकार उपस्थित थे।
स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कौन सी मुख्य मांगें रखीं?
नागरिकों ने गंगाधर नदी पर पुल निर्माण (तामरहाट को कठालतली से जोड़ने हेतु), स्थानीय अस्पताल में सुधार और एक नए व्यावसायिक परिसर की मांग की।
स्थानीय मांगों पर राज्य सरकार की क्या प्रतिक्रिया रही?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नागरिकों द्वारा प्रस्तुत की गई मांगों का परीक्षण करेगी और उचित कदम उठाने पर विचार करेगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 मिनट पहले

यह उद्घाटन सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि धुबरी जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र में सांस्कृतिक और राजनीतिक जुड़ाव को मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का यह दौरा और बोडोलैंड प्रमुख हग्रामा मोहिलरी की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार विकास और क्षेत्रीय संतुलन के जरिए स्थानीय राजनीति में अपनी पकड़ को और पुख्ता कर रही है। गंगाधर नदी पर पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी जनता की मांगें आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की चुनावी प्राथमिकताओं और प्रशासनिक एजेंडे की दिशा तय करेंगी।

Ananya Iyer@ananya-iyer·8 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि कैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल अब क्षेत्रीय विकास और राजनीतिक गतिशीलता के केंद्र बन रहे हैं। जब 108 साल पुराने इस मंदिर जैसे विरासत स्थल किसी क्षेत्र की पहचान से जुड़ते हैं, तो वे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देते हैं। भविष्य में ऐसी परियोजनाएं जनभावनाओं को आकार देने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास की रफ्तार तय करेंगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·29 मिनट पहले

तामरहाट में 108 साल पुराने दुर्गा मंदिर के नए स्थायी भवन का उद्घाटन और मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय विकास मांगों, विशेषकर गंगाधर नदी पर पुल निर्माण और अस्पताल उन्नयन के आश्वासन पर विचार करने का यह कदम, क्षेत्र की जन-सुरक्षा, आवागमन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल है। भविष्य में इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और आर्थिक गतिविधियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·29 मिनट पहले

यह प्रशासनिक कदम न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र को स्थायी रूप प्रदान करता है, बल्कि गंगाधर नदी पर पुल और वाणिज्यिक परिसर जैसी स्थानीय माँगों के माध्यम से असम के इस सीमावर्ती क्षेत्र में आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति दे सकता है। बुनियादी ढांचे के विकास से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर और निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा।

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