असम की राजधानी गुवाहाटी में शनिवार को आयोजित एक नए उद्यमशीलता सम्मेलन में पूर्वोत्तर के स्टार्टअप संस्थापकों, पूंजीपतियों, वित्तीय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने एक साझा मंच पर विचार साझा किए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत में रणनीतिक पूंजी और स्थानीय नवाचार के बीच तालमेल स्थापित करना था, ताकि उच्च तकनीक, व्यावसायिक अवसरों, फंडिंग और दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा दिया जा सके। इस संपूर्ण पहल का नेतृत्व यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ चेस्टर से एमबीए स्नातक और एमवीबी ग्रुप के संस्थापक व वेंचर बिल्डर कुणाल बारठाकुर ने किया।
पूर्वोत्तर में एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नई तकनीकों के अवसर
सम्मेलन का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके तुरंत बाद असम के लोकप्रिय गायक और संगीतकार जुबीन गर्ग को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके उपरांत विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्यमियों और पेशेवरों ने अपने व्यावसायिक सफर, वर्तमान उपक्रमों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। मुख्य संबोधन प्रस्तुत करते हुए कुणाल बारठाकुर ने उभरती प्रौद्योगिकियों और आधुनिक विनिर्माण के व्यावसायिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलिमर (FRP), मेटैलिक बॉन्डेड सरफेस और उन्नत विनिर्माण तकनीकों के माध्यम से व्यावसायिक रूप से सफल उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। कुणाल बारठाकुर और उनकी टीम पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्लाज्मा वेस्ट-टू-एनर्जी सिस्टम, सौर आधारित जल शोधन तकनीक (जिसका पेटेंट लंबित है) और एफआरपी के विभिन्न औद्योगिक अनुप्रयोगों को पेश करने तथा उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। इस पूरी पहल की व्यापक रूपरेखा यह है कि इच्छुक युवाओं और उद्यमियों को प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की पहचान करने तथा स्थानीय स्तर पर टिकाऊ उपक्रम खड़े करने में व्यावहारिक सहयोग मिल सके।
उद्योग जगत और वित्तीय संस्थानों की सक्रिय भागीदारी
इस विचार-विमर्श में बैंकिंग और सामाजिक विकास से लेकर कृषि और डिजिटल तकनीक से जुड़े कई प्रमुख दिग्गजों ने भाग लिया। उपस्थित अतिथियों में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख आलोक बोरा, एनईपीईडीएस के चेयरमैन डॉ. प्रशांत बुरागोहाईं, वेंचर बिल्डर डेज़ी भट्टाचार्य, महत्वाकांक्षी उद्यमी श्रेया दास, हाकू डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अरिंदम भराली, एनईपीईडीएस की निदेशक मल्लिका के. बुरागोहाईं और उद्यमी राजलक्ष्मी सैकिया लहन शामिल रहे।
इनके अतिरिक्त आईडीएफसी बैंक की शाखा प्रमुख रिंकू रॉय, फ्थ्राएग्री सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक मिलन बोरा, निवृत्त फाउंडेशन से इप्सिता बरुआ, रिनेर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भार्गव देवरी, द एम्प्लॉयमेंट एक्सप्रेस के संस्थापक संदीप जैन, ऊर्जावान की संस्थापक वर्षा दत्ता, अवांजोटेक की संस्थापक बबीबा सुल्ताना, प्रचुर्य कौशिक (आरोह, गुवाहाटी), एस्टेट ब्रू के संस्थापक प्रबालन सरमा, द वेडबीज की सह-संस्थापक बानाश्री दास, उद्यमी अनिलेश गोगोई, कॉडक्विस्किल के संस्थापक हारून एआरएम गालिब, द वेडबीज के संस्थापक भुचित्र भूषण तथा सोशियो इकोनॉमिक डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन एनजीओ के आरएंडडी विभाग से सैयद रिजवान उमर उपस्थित थे।
कम उम्र में उद्यमिता की शिक्षा और सांस्कृतिक रंग
कार्यक्रम के आयोजकों ने युवा पीढ़ी को स्कूली और कॉलेज के दिनों से ही नवाचार तथा उद्यमशीलता से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उनका मानना था कि विद्यार्थियों को परंपरागत करियर विकल्पों के साथ-साथ खुद का उद्यम शुरू करने की सोच विकसित करने के अवसर मिलने चाहिए।
बैठक की शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भी सजी रही। जुबीन गर्ग के सम्मान में नवाचारकर्ता और बांसुरी वादक एके ने बांसुरी पर 'एंधार होबो नुवारे' की धुन बजाई। इसके साथ ही फरहान कुतुब, नबांग्शु आर्यन, निशान कुमार, रूपज्योति गौतम, संजय के. बोरा और कार्तिक काकती जैसे गायकों व संगीतकारों ने मंच संभाला। तीन वर्षीय बालक मास्टर अविराज बारठाकुर ने जुबीन गर्ग का प्रसिद्ध गीत 'माया माथु माया' गाकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में ओपन-माइक सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने दिवंगत गायक के विभिन्न गीत प्रस्तुत किए।
हर पखवाड़े आयोजित होगी बैठक
आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, यह उद्यमशीलता बैठक हर पखवाड़े यानी महीने में दो बार शनिवार के दिन आयोजित की जाएगी। इन नियमित सत्रों का प्राथमिक उद्देश्य उद्यमियों, निवेशकों और अन्वेषकों को नियमित रूप से मिलने, विचार विनिमय करने, नए अवसर तलाशने और व्यावहारिक साझेदारी विकसित करने का मंच उपलब्ध कराना है। आगामी बैठकों में मुख्य ध्यान प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र पर केंद्रित रहेगा। इस अभियान का व्यापक लक्ष्य पूर्वोत्तर भारत में आत्मनिर्भरता, स्थानीय विनिर्माण, रोजगार सृजन और स्टार्टअप परिवेश को सुदृढ़ बनाना है। आगामी कार्यक्रमों में भाग लेने अथवा प्रौद्योगिकी आधारित उद्यम स्थापित करने के इच्छुक लोग कुणाल बारठाकुर से फोन नंबर 7896829091 या ईमेल kunal@kunalbarthakur.com पर संपर्क कर सकते हैं।





















