28 जुलाई 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है, जिसके साथ ही मंगलवार का पावन व्रत पड़ रहा है। सनातन धर्म में मंगलवार का व्रत पूर्ण निष्ठा के साथ रखने और भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना करने का विशेष आध्यात्मिक विधान है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, बजरंगबली की आराधना करने से भक्तों को अदम्य साहस, आत्मबल, शारीरिक व मानसिक शक्ति और तमाम संकटों से सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। आज के दिन आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी शाम 06:19 बजे तक प्रभावी रहेगी और तत्पश्चात पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी। शाम 06:18 बजे से गुरु पूर्णिमा का महापर्व आरंभ हो जाएगा, जो अगले दिन यानी 29 जुलाई को रात 08:05 बजे समाप्त होगा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु अपने आदरणीय गुरुओं, आचार्यों और शिक्षकों की पूजा करके उनका मार्गदर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मंगलवार व्रत, हनुमान पूजा और ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मंगलवार का सीधा संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में मंगल दोष या मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर होती है, उनके लिए इस दिन व्रत रखना और हनुमान जी का पूजन करना अत्यंत फलदायी साबित होता है। इस साधना से नेतृत्व क्षमता, त्वरित निर्णय लेने की शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। पूजा की शुरुआत सुबह स्नान ध्यान के पश्चात स्वच्छ लाल या केसरिया रंग के वस्त्र पहनकर करनी चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करके उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल पुष्प, गुड़ और चने का भोग अर्पित किया जाता है। इसके उपरांत धूप-दीप प्रज्वलित करके हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड या राम नाम का निरंतर जाप करना चाहिए। अंत में आरती कर सभी में प्रसाद बांटना चाहिए। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को दिन भर सात्विक विचार रखकर फलाहार ग्रहण करना चाहिए तथा क्रोध और असत्य से दूर रहना चाहिए। इस दिन लाल वस्तुओं का दान और जरूरतमंदों की सेवा करना भी बेहद शुभ माना गया है।
ग्रह-नक्षत्र और आज के पंचांगीय योग
आज के पंचांग के गणितीय आंकड़ों के अनुसार पूर्वाषाढा नक्षत्र दोपहर 01:11 बजे तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र आरंभ होगा। करण की बात करें तो वणिज करण शाम 06:18 बजे तक रहेगा और इसके बाद विष्टि करण पूरी रात्रि तक प्रभावी रहेगा। योग के संदर्भ में विष्कंभ योग रात 11:33 बजे तक मौजूद रहेगा, जिसके बाद प्रीति योग की शुरुआत होगी। आज चंद्रमा धनु राशि में विचरण करेंगे और उसके बाद मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे, जबकि सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान रहेंगे। आज उत्तर दिशा का दिशाशूल रहेगा, इसलिए उत्तर दिशा की यात्रा करने से पहले आवश्यक सावधानियां बरतना उचित माना जाता है।
आज के शुभ मुहूर्त और अनुकूल समय
दिन भर में किए जाने वाले किसी भी धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ अथवा नए अनुष्ठान के लिए शुभ मुहूर्त का चयन करना लाभदायक होता है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:18 बजे से सुबह 05:00 बजे तक
- अमृत काल: सुबह 07:50 बजे से सुबह 09:37 बजे तक
- रवि योग: सुबह 05:41 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:44 बजे से दोपहर 03:38 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:15 बजे से शाम 07:36 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 12:08 बजे (29 जुलाई) से रात 12:49 बजे (29 जुलाई) तक
- शिववास स्थिति: भोजन में शाम 06:18 बजे तक, तत्पश्चात श्मशान में
अशुभ काल, राहुकाल और भद्रा समय
पंचांग के अनुसार अशुभ काल या राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण खरीदारी, यात्रा या नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत से बचना चाहिए। 28 जुलाई 2026 के अशुभ काल की समय-सारणी निम्नलिखित है
- राहुकाल: दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:34 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 09:05 बजे से सुबह 10:47 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:28 बजे से दोपहर 02:10 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 08:24 बजे से सुबह 09:18 बजे तक
- वर्ज्य: रात 09:59 बजे से रात 11:45 बजे तक
- भद्रा: शाम 06:18 बजे से अगले दिन सुबह 05:42 बजे (29 जुलाई) तक
- आडल योग: दोपहर 01:11 बजे से अगले दिन सुबह 05:42 बजे (29 जुलाई) तक
- विडाल योग: सुबह 05:41 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक
- चन्द्रास्त समय: 29 जुलाई को तड़के 05:04 बजे



















