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महासमुंद की कौशल्या देवी ने 62 साल की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा, बच्चे संभाल रहे हैं जिले की कप्तानी और कमिश्नरीछत्तीसगढ़
11 सित॰ 2026, 9:38 am (1 दिन पहले)· 2

महासमुंद की कौशल्या देवी ने 62 साल की उम्र में पास की 10वीं की परीक्षा, बच्चे संभाल रहे हैं जिले की कप्तानी और कमिश्नरी

छत्तीसगढ़ के महासमुंद की कौशल्या देवी बंसल ने 62 वर्ष की उम्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास कर साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

अक्सर देखा जाता है कि जीवन के उत्तरार्ध में लोग पारिवारिक जिम्मेदारियों और कामकाज से निवृत्त होकर आराम को प्राथमिकता देते हैं। समाज में एक तय धारणा बन चुकी है कि पढ़ाई-लिखाई और करियर की दौड़ केवल जवानी तक सीमित होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की रहने वाली कौशल्या देवी बंसल ने इस रूढ़िवादी सोच को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने 62 वर्ष की उम्र में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक पास करके यह दिखाया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और ज्ञान हासिल करने की सच्ची ललक हो, तो उम्र केवल एक आंकड़ा बनकर रह जाती है।

जिम्मेदारियों के बोझ तले छूट गई थी शुरुआती पढ़ाई

कौशल्या देवी बंसल का जीवन शुरू से ही संघर्ष और प्रशासनिक अनुभवों से भरा रहा है। वह पूर्व में नगर पालिका उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जन प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक संभाल चुकी हैं, जिससे उनके नेतृत्व कौशल और प्रशासनिक समझ का स्पष्ट प्रमाण मिलता है। हालांकि, बेहद कम उम्र में ही पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का भारी बोझ आ जाने के कारण उनकी औपचारिक स्कूली शिक्षा बीच में ही छूट गई थी। गृहस्थी को संभालने, बच्चों का लालन-पालन करने और सामाजिक कर्तव्यों को निभाने में दशकों बीत गए, लेकिन उनके मन में अपनी अधूरी पढ़ाई को पूरा करने की कसक हमेशा बनी रही।

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60 की उम्र में 8वीं और फिर 62 में 10वीं बोर्ड किया फतह

जब परिवार के बच्चे बड़े होकर अपने-अपने जीवन में पूरी तरह व्यवस्थित हो गए और घरेलू जिम्मेदारियों से थोड़ी राहत मिली, तब कौशल्या देवी ने अपने पुराने सपने को साकार करने का साहसिक कदम उठाया। किसी भी प्रकार की सामाजिक झिझक को दरकिनार करते हुए उन्होंने साठ वर्ष की उम्र में दोबारा किताबें उठाईं। उन्होंने सबसे पहले कक्षा 8वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू की और 60 वर्ष की आयु में शानदार अंकों के साथ इसे पास किया। इस शुरुआती सफलता ने उनके भीतर एक नया आत्मविश्वास भर दिया और उनकी पढ़ाई की भूख को और बढ़ा दिया।

कक्षा 8वीं की परीक्षा में मिली कामयाबी के तुरंत बाद उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने का संकल्प लिया। बुजुर्ग अवस्था में घंटों बैठकर अध्ययन करना, पाठ्यक्रम को समझना और परीक्षा हॉल में बैठकर विस्तृत उत्तर लिखना शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर आसान नहीं होता। इसके बावजूद, उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर 62 साल की उम्र में 10वीं बोर्ड परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण कर ली। उनका यह प्रयास आज की युवा पीढ़ी के लिए भी एक बड़ा सबक है जो अक्सर छोटी-मोटी असफलताओं से निराश होकर प्रयास छोड़ देते हैं।

उच्च प्रशासनिक पदों पर हैं बच्चे, फिर भी बनी रहीं विद्यार्थी

कौशल्या देवी के परिवार की सामाजिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत है। उनके बच्चे देश और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक व व्यावसायिक पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं

  • श्रवण बंसल: जीएसटी विभाग में अपर आयुक्त (कमिशनर) के पद पर कार्यरत हैं।
  • त्रिलोक बंसल: बेमेतरा जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में तैनात हैं।
  • पुत्री: राजनांदगांव जिले में संयुक्त कलेक्टर के पद पर प्रशासनिक जिम्मेदारी निभा रही हैं।
  • मनीष बंसल: अपना स्वतंत्र टिंबर व्यवसाय सफलता के साथ संचालित कर रहे हैं।

जिस घर में संतानें इतने बड़े प्रशासनिक ओहदों पर काबिज हों, वहां एक मां का खुद शिक्षार्थी बनकर परीक्षा केंद्र में बैठना उनके विनम्र स्वभाव और शिक्षा के प्रति अटूट निष्ठा को दर्शाता है।

परिवार के अटूट सहयोग से बनी प्रेरणा की मिसाल

उम्र के किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत करने के लिए पारिवारिक संबल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कौशल्या देवी के इस प्रेरणादायक सफर में उनके पति रमेश बंसल, बेटे श्रवण बंसल और पूरे परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। परिवार के इस सकारात्मक माहौल ने उनकी राह को आसान बना दिया। आज महासमुंद की यह कहानी पूरे राज्य और देश की उन सभी महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी है, जो उम्र के बहाने अपने अधूरे सपनों को छोड़ देते हैं।

सवाल-जवाब

कौशल्या देवी बंसल कहां की रहने वाली हैं?
कौशल्या देवी बंसल छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की रहने वाली हैं।
उन्होंने किस उम्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास की?
उन्होंने 62 वर्ष की उम्र में 10वीं की बोर्ड परीक्षा पास की है।
10वीं से पहले उन्होंने कौन सी परीक्षा उत्तीर्ण की थी?
10वीं की परीक्षा देने से पहले उन्होंने 60 वर्ष की आयु में कक्षा 8वीं की बोर्ड परीक्षा पास की थी।
कौशल्या देवी के बच्चे किन पदों पर कार्यरत हैं?
उनका एक बेटा श्रवण बंसल जीएसटी में अपर आयुक्त, दूसरा बेटा त्रिलोक बंसल बेमेतरा में एसपी, बेटी राजनांदगांव में संयुक्त कलेक्टर और बेटा मनीष बंसल टिंबर व्यापारी हैं।
क्या कौशल्या देवी किसी प्रशासनिक या राजनीतिक पद पर रही हैं?
हां, वह पूर्व में नगर पालिका उपाध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं।
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