अंक ज्योतिष में हर व्यक्ति के जन्म की तारीख से एक मूलांक निकाला जाता है, और जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22 या 31 तारीख को होता है, उनका मूलांक 4 माना जाता है। मान्यता है कि इस मूलांक का सीधा संबंध राहु ग्रह से होता है, और यही वजह है कि इन लोगों की जिंदगी बाकी मूलांक वालों की तुलना में कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव भरी रहती है। अंक ज्योतिष कहता है कि मूलांक 4 वाले लोगों को अपने हर लक्ष्य के लिए दूसरों से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, और उनकी मेहनत का नतीजा भी अक्सर देर से ही सामने आता है।
सफलता और संकट, दोनों अचानक दस्तक देते हैं
मूलांक 4 वालों की जिंदगी में बदलाव अचानक आता है। कभी बिना किसी संकेत के कोई बड़ी सफलता हाथ लग जाती है, तो कभी बिना किसी वजह के कोई बड़ी मुसीबत सामने खड़ी हो जाती है। अंक ज्योतिष के मुताबिक इस तरह के अचानक होने वाले बदलाव इसी मूलांक की खास पहचान हैं। यही वजह है कि इन्हें अपनी मेहनत का सही फल पाने में बाकियों से ज्यादा वक्त और संघर्ष झेलना पड़ता है, और खुद को साबित करने के लिए भी इन्हें कहीं ज्यादा जोर लगाना पड़ता है।
गहरी सोच बन जाती है तनाव की वजह
मूलांक 4 वाले किसी भी विषय पर बहुत गहराई से सोचते हैं। ये किसी भी फैसले को हल्के में नहीं लेते और हर पहलू को बारीकी से परखते हैं। लेकिन यही आदत कई बार उनके लिए मुश्किल बन जाती है, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सोचने की वजह से इन्हें मानसिक तनाव का सामना भी काफी करना पड़ता है। अंक ज्योतिष के अनुसार इन्हें समय-समय पर अलग-अलग तरह की चुनौतियों से गुजरना पड़ता है, जो इनकी सोचने की इसी गहराई से जुड़ी होती हैं।
करियर और पैसों में लगता है ज्यादा वक्त
मूलांक 4 वालों को करियर और पैसों के मामले में सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने में सामान्य से कहीं ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में धैर्य बनाए रखना और लगातार मेहनत करते रहना इनके लिए बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि नतीजे भले देर से आएं, लेकिन अंक ज्योतिष के मुताबिक मेहनत आखिरकार रंग जरूर लाती है।
भीड़ से अलग अपनी राह चुनने की फितरत
राहु के प्रभाव के चलते मूलांक 4 वालों की सोच बाकी लोगों से थोड़ी अलग होती है। ये भीड़ के साथ चलने के बजाय अपना रास्ता खुद तय करना पसंद करते हैं। इसी वजह से कई बार लोग इन्हें घमंडी भी समझ बैठते हैं, जबकि असल में यह इनकी स्वतंत्र सोच और अपने फैसलों पर भरोसे का नतीजा होता है।



















