उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
पूरी नियुक्ति की खबर
डॉ. दिनेश शर्मा की अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद पर नियुक्ति की घोषणा 5 सितंबर 2026 को हुई। खबरों के मुताबिक इस नियुक्ति को भारतीय जनता पार्टी की एक बड़ी रणनीतिक चाल के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए। पार्टी के भीतर लंबे समय से सक्रिय रहे डॉ. शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपकर संगठन ने राज्य की राजनीति में अनुभवी और भरोसेमंद चेहरों को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। उपराज्यपाल का पद केंद्र शासित प्रदेश अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के प्रशासनिक ढांचे में सबसे ऊपर होता है और यह पद केंद्र सरकार की सिफारिश पर तय होता है।
डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर
डॉ. दिनेश शर्मा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय चेहरा रहे हैं। वे प्रदेश में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और बाद में राज्यसभा के लिए चुने गए। उन्होंने 18 सितंबर 2023 को राज्यसभा सांसद पद की शपथ ली थी। इसके बाद भी वे पार्टी के सार्वजनिक कार्यक्रमों और बयानों में लगातार सक्रिय रहे। 10 नवंबर 2025 को उन्होंने हमीरपुर के मां शारदा बालिका महाविद्यालय में राजनारायण बुधौलिया की प्रतिमा का अनावरण किया था। 15 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस से जुड़े एक मुद्दे पर उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी घेरा था। इससे पहले 11 जून 2024 को अयोध्या में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने पार्टी का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया था। उपमुख्यमंत्री पद से लेकर उपराज्यपाल पद तक का उनका यह सफर संगठन में उनकी पकड़ और भरोसे को दिखाता है।
यह नियुक्ति क्यों मानी जा रही है अहम
खबरों के मुताबिक इस नियुक्ति का समय सीधे तौर पर भाजपा की 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़ा माना जा रहा है। डॉ. शर्मा जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता को संवैधानिक पद पर भेजकर पार्टी राज्य इकाई में संगठनात्मक बदलाव के लिए जगह बना सकती है। यह भी दिखाता है कि पार्टी राज्यपाल और उपराज्यपाल जैसे पदों का इस्तेमाल लंबे समय से सेवा दे रहे नेताओं को सम्मान देने के साथ-साथ राज्य नेतृत्व को नए सिरे से गढ़ने के लिए भी करती रही है।
योगी आदित्यनाथ ने क्या लिखा
अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. दिनेश शर्मा को उत्तर प्रदेश का पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद बताते हुए उन्हें इस नई नियुक्ति पर बधाई दी। उन्होंने लिखा कि वे डॉ. शर्मा के सफल और यशस्वी कार्यकाल की कामना करते हैं। पोस्ट में डॉ. शर्मा के आधिकारिक हैंडल को भी टैग किया गया था।
उत्तर प्रदेश के बारे में
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। लखनऊ राज्य की प्रशासनिक और विधायिक राजधानी है, जबकि प्रयागराज को न्यायिक राजधानी का दर्जा प्राप्त है। आगरा, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण शहर हैं। उत्तर प्रदेश की सीमाएं उत्तर में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश, पश्चिम में हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान, दक्षिण में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तथा पूर्व में बिहार और झारखंड से लगती हैं, जबकि इसकी उत्तरी सीमा नेपाल से भी मिलती है। चूंकि डॉ. दिनेश शर्मा का पूरा राजनीतिक करियर इसी राज्य से जुड़ा रहा है, इसलिए उनकी नई नियुक्ति को उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
जनता की प्रतिक्रिया
पोस्ट पर आई ज्यादातर प्रतिक्रियाओं में लोगों ने डॉ. दिनेश शर्मा की नई जिम्मेदारी पर खुशी जताई और उनके प्रशासनिक अनुभव पर भरोसा जताते हुए बधाई दी। कुछ यूजर्स ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व से जोड़कर देखा, तो कुछ ने पोस्ट के जरिए अपने इलाके से जुड़ी अलग शिकायतें और मांगें भी उठाईं।


























