आज के दिन दूसरों के साथ समय बिताने या बातचीत का दायरा बढ़ाने की इच्छा प्रबल हो सकती है। यदि आपके साथी व्यस्त चल रहे हैं, तो इसे अपने रिश्ते की गहराई या गुणवत्ता का अंतिम पैमाना बिल्कुल न समझें। अपनी जरूरतों को खुलकर सामने रखें और सामने वाले की स्थिति को भी ध्यान से सुनें। यदि जीवनसाथी से किसी भी तरह की घरेलू या आर्थिक मदद की आवश्यकता है, तो अपने अनुरोध को बिल्कुल स्पष्ट रखें और यह उम्मीद न पालें कि कोई खुद-ब-खुद आपके मन की बात भांप लेगा। यदि किसी पुराने मतभेद या विवाद पर बात करने की नौबत आए, तो एक समय में केवल एक ही विषय पर चर्चा को सीमित रखना समझदारी होगी। परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर यदि मन में तनाव बना हुआ है, तो काम को आपस में बांटने का एक ठोस प्रस्ताव सामने रखें। नए लोगों से मेल-जोल बढ़ाते समय आकर्षण के साथ-साथ अपनी सहज सीमाएं भी तय करके रखें।
खानपान, सेहत और दैनिक दिनचर्या का रखें ध्यान
दिनभर की भागदौड़ और दूसरों की जरूरतों को पूरा करने के चक्कर में अपने भोजन या आराम के समय को टालने से पूरी तरह बचें। अपनी दिनचर्या की रूपरेखा तैयार करते समय सामान्य दिनचर्या को भी उतना ही महत्व दें जितना आप किसी महत्वपूर्ण बैठक या कार्य को देते हैं। यदि बाहर खाने की नौबत आती है, तो हमेशा अपने लिए परिचित और अनुकूल विकल्पों का ही चुनाव करें। व्यायाम या कसरत के मामले में नियमितता बनाए रखना निश्चित रूप से उपयोगी साबित होता है, लेकिन शारीरिक थकान महसूस होने पर भी बहुत अधिक कठिन अभ्यास करना आवश्यक नहीं है। घर-परिवार से जुड़ी कोई चिंता यदि बार-बार आपके दिमाग में लौटकर आ रही है, तो उसके समाधान योग्य हिस्सों को अलग कागज पर लिख लें। हर वक्त उसी विषय पर लगातार सोचते रहने के बजाय कुछ समय के लिए विश्राम करना बेहतर रहेगा। यदि शरीर में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी लंबे समय से बनी हुई है या बढ़ रही है, तो बिना देर किए किसी योग्य चिकित्सक से तुरंत सलाह लें।
साझा कामकाज और आर्थिक मामलों में बरतें सावधानी
किसी भी प्रकार का साझा काम या प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले अपनी जिम्मेदारी, होने वाले खर्च और उपलब्धता की सभी शर्तों की अच्छी तरह पुष्टि कर लें। अपने पूरे दिन की कार्ययोजना में घर का कोई एक जरूरी दायित्व भी अनिवार्य रूप से शामिल करें, ताकि आपकी व्यक्तिगत जरूरतें और पेशेवर वादे आपस में अनावश्यक रूप से न टकराएं। किसी भी व्यक्ति की विनम्रता को कभी भी उसके आर्थिक भरोसे या पक्के समर्थन का प्रमाण न मान लें। अपनी साझा बचत का कभी भी एकतरफा इस्तेमाल न करें और रिश्ते में आपसी नजदीकी के कारण जरूरी कागजी कार्रवाई या प्रक्रियाओं को नजरअंदाज करने की गलती से बिल्कुल बचें।

















