त्यौहारों और व्रतों के उल्लास में महिलाओं के पारंपरिक सोलह श्रृंगार की छटा देखते ही बनती है। खासकर करवा चौथ का अवसर सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है, जहां मेहंदी को सौभाग्य और प्रेम का प्रतीक मानकर हथेलियों पर सजाया जाता है। रची हुई मेहंदी जितनी गाढ़ी और सुर्ख दिखती है, हाथों की शोभा उतनी ही निखर जाती है। अक्सर पूरी शिद्दत से लगाने के बावजूद मनमाफिक गहरा रंग नहीं चढ़ पाता। हथेलियों पर डार्क और चटक लाल रंगत पाने के लिए घोल तैयार करते समय और सूखने के बाद कुछ आसान सावधानियां बरती जा सकती हैं।
घोल बनाते समय मिलाएं ये खास चीजें
मेहंदी को गाढ़ा और डार्क बनाने की असली तैयारी उसका पेस्ट घोलते समय ही शुरू हो जाती है। आम तौर पर लोग इसे सादे पानी में घोल लेते हैं, लेकिन इसकी जगह चायपत्ती या फिर कॉफी को पानी में अच्छी तरह उबालकर उस अर्क का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उबले हुए पानी को छानकर ठंडा कर लें और फिर पाउडर में मिलाकर घोल तैयार करें। इससे मेहंदी का प्राकृतिक पिगमेंट तेजी से उभरता है और रंग में भरपूर चमक आती है।
डिजाइन उकेरने से ठीक पहले त्वचा की सतह तैयार करना भी बेहद असरदार साबित होता है। हथेली पर मेहंदी लगाने से पूर्व नीलगिरी अथवा लौंग का तेल हल्के हाथों से मल लें। इन तेलों की प्राकृतिक तासीर गर्म होती है, जो त्वचा के रोमछिद्रों को सक्रिय कर देती है। यही गर्माहट मेहंदी के रंग को भीतर तक सोखने और रंगत को गहरा करने में मददगार बनती है।
मेहंदी सूखने के बाद अपनाएं ये तरीके
डिजाइन बनकर तैयार हो जाने और धीरे-धीरे सूखने की अवस्था में आने पर उस पर नमी बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसके लिए एक छोटे कप में आधा कप से कम पानी लेकर उसमें नींबू का ताजा रस और चीनी डालकर अच्छी तरह से मिला लें। जब चीनी के दाने पानी में पूरी तरह घुल जाएं, तब रुई के फाहे की मदद से इस चाशनीनुमा मिश्रण को सूखी मेहंदी पर हल्के-हल्के थपथपाएं। चीनी मेहंदी को पपड़ी बनकर झड़ने से रोकती है और नींबू रंगत को उभारने का काम करता है।
रंग को एकदम डार्क महरून लुक देने के लिए पारंपरिक रूप से लौंग की भाप लेने का तरीका भी अपनाया जाता है। इसके लिए एक तवे को गर्म करें और उस पर कुछ साबुत लौंग डाल दें। जब लौंग से धुआं निकलने लगे, तब हथेलियों को सुरक्षित दूरी पर रखते हुए उस धुएं की हल्की सेंक लें। लौंग में मौजूद प्राकृतिक तेल यूजेनॉल और इसकी गर्मी मिलकर मेहंदी के रंग को बेहद गाढ़ा और चटख लाल बना देते हैं।


















