हर साल की तरह इस बार भी दिवाली के पावन पर्व पर आसमान में ग्रहों की स्थिति और विभिन्न शुभ योगों के निर्माण को लेकर चारों तरफ चर्चाएं हो रही हैं। लोगों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि क्या इस बार वाकई में कुछ खास और दुर्लभ योग बन रहे हैं। क्या इस दौरान बनने वाला बुधादित्य योग उतना ही खास है जितना बताया जा रहा है या फिर इसके पीछे की सच्चाई कुछ और है। ग्रहों की इस उठापटक और बड़े बदलावों को बेहद आसान भाषा में समझाया गया है ताकि आम लोग समझ सकें कि इस अवधि में किस प्रकार की सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।
बुधादित्य योग की वास्तविकता और ग्रहों की स्थिति
इस बात पर काफी जोर दिया जा रहा है कि दिवाली पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं जिनमें प्रमुख रूप से बुधादित्य योग का नाम लिया जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होता है। हालांकि, इसे कोई बहुत दुर्लभ घटना नहीं माना जा सकता है क्योंकि सूर्य, बुध और शुक्र आमतौर पर एक-दूसरे के आसपास ही गोचर करते हैं, इसलिए इनका एक साथ आना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके अलावा सूर्य का तुला राशि में नीच का होना और बुध का अस्त अवस्था में रहना भी इस बात का संकेत है कि इस योग से अत्यधिक सकारात्मक परिणामों की उम्मीद करना उचित नहीं होगा।
शनि और अन्य ग्रहों की युति से बढ़ती चुनौतियां
दिवाली के आसपास शनि का मीन राशि में वक्री होना कई मायनों में परेशानियों को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही सिंह राशि में मंगल, केतु और गुरु जैसे बड़े ग्रहों की युति भी गहरी चिंता का विषय बनी हुई है। इस तरह की खगोलीय स्थिति लगभग 12 साल पहले यानी 2014-15 के दौरान देखी गई थी। उस वक्त वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी का दौर चल रहा था और शेयर बाजार के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिली थी। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि इस साल भी बिल्कुल वैसी ही घटनाएं दोहराई जाएं, लेकिन ग्रहों के इस बड़े फेरबदल का असर हमारे जीवन पर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ेगा।
मानसिक बेचैनी और बाजार पर असर
मंगल, केतु और गुरु की युति के कारण आम जनजीवन में मानसिक बेचैनी बढ़ने की पूरी संभावना है। लोगों का स्वभाव अधिक आक्रामक हो सकता है और वे छोटी-छोटी बातों पर इस तरह की प्रतिक्रिया दे सकते हैं जो बड़े विवाद का रूप ले सकती है। ऐसे समय में गुस्से पर काबू रखना बेहद कठिन हो जाता है और हड़बड़ी के कारण बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। बाजार की स्थिति को लेकर भी बहुत ज्यादा मजबूती की उम्मीद नहीं की जा रही है। शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और व्यापार में भी सुस्ती बनी रह सकती है। किसी भी प्रकार के बड़े वित्तीय निवेश से पहले हर पहलू पर गंभीरता से विचार करना ही बुद्धिमानी होगी।
सतर्कता और संतुलन बनाए रखने की सलाह
वर्तमान ग्रहों की चाल को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि इस दौरान पूरी तरह संभलकर कदम उठाए जाएं। बिना किसी ठोस वजह के किसी से भी बहस करने या बेवजह गुस्सा दिखाने से बचना चाहिए। इस अवधि में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी केवल मुश्किलें ही पैदा करेगी। यदि पैसों से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ रहा है तो उसके हर एक पहलू की गहराई से जांच कर लेना ही सही मार्ग है। यदि किसी कारणवश मन में बेचैनी महसूस होने लगे तो खुद को शांत रखने का प्रयास करना चाहिए। कुल मिलाकर इस दिवाली पर ग्रहों की स्थिति को पूरी तरह शुभ या पूरी तरह अशुभ कहना सही नहीं होगा, बल्कि संयम और सूझबूझ से काम लेना ही सबसे बड़ा उपाय है।



















