नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ इन दिनों अपनी भव्यता और स्टार कास्ट को लेकर चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। इस फिल्म में राम और सीता की भूमिकाओं में रणबीर कपूर और साई पल्लवी नजर आ रहे हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। हालांकि, फिल्म के एक खास सीक्वेंस को लेकर सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच बहस छिड़ गई है, जिसमें माता सीता को युद्ध करते हुए दिखाया गया है। इस सीन पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है और अब इस पर उस दौर की मशहूर अभिनेत्री की प्रतिक्रिया भी आ गई है, जिन्होंने दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले रामानंद सागर के ऐतिहासिक धारावाहिक में सीता का यादगार किरदार निभाया था।
रामायण के पारंपरिक स्वरूप से अलग है यह दृश्य
फिल्म के इस नए रूप में साई पल्लवी को सीता के रूप में हथियार उठाते और युद्ध मैदान में उतरते हुए फिल्माया गया है। जहां एक वर्ग इस आधुनिक और साहसिक दृष्टिकोण की सराहना कर रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे पारंपरिक कथाओं के विपरीत मानकर सवाल खड़े कर रहा है। अभिनेत्री दीपिका चिखलिया भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें इस एक्शन सीक्वेंस को देखकर हैरानी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने अब तक के अध्ययन और काम के दौरान रामायण के जितने भी संस्करण पढ़े या देखे हैं, उनमें उन्हें माता सीता का ऐसा कोई भी आक्रामक रूप या युद्ध कौशल देखने को नहीं मिला था।
वाल्मीकि और तुलसीदास के ग्रंथों का दिया हवाला
एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान जब दीपिका चिखलिया से इस विवादित एक्शन सीन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संतुलित और स्पष्ट लहजे में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर इस वायरल एक्शन सीन को खुद देखा था। उन्होंने आगे कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण और गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस, जिन पर रामानंद सागर का पौराणिक धारावाहिक मुख्य रूप से आधारित था, उनके अनुसार उन्हें ऐसा कोई भी प्रसंग याद नहीं आता है जिसमें सीता ने युद्ध किया हो।
देश में मौजूद हैं रामायण के सैकड़ों अलग-अलग संस्करण
हालांकि दीपिका चिखलिया ने फिल्म के निर्देशक के विजन को सिरे से खारिज नहीं किया और पूरी परिपक्वता दिखाते हुए स्वीकार किया कि हमारे देश में रामायण के 300 से भी अधिक अलग-अलग संस्करण और पाठ मौजूद हैं। हर एक ग्रंथ या कथा में घटनाओं और पात्रों के चित्रण में कुछ न कुछ भिन्नता देखने को मिलती है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि हो सकता है नितेश तिवारी की टीम ने किसी ऐसे ही अन्य संस्करण से प्रेरणा ली हो, जिसके बारे में उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानकारी न रही हो।
सिर्फ इंस्टाग्राम पर देखा है वह खास एक्शन सीक्वेंस
इस पूरी चर्चा के बीच यह बात भी सामने आई कि दीपिका चिखलिया ने अभी तक नितेश तिवारी की यह पूरी फिल्म सिनेमाघरों में जाकर नहीं देखी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर केवल वह वायरल एक्शन सीक्वेंस ही देखा था, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी योजना दिवाली के तुरंत बाद पूरी फिल्म देखने की है, ताकि वे इस पर एक संपूर्ण और निष्पक्ष राय बना सकें।
खर-दूषण की सेना के साथ मुकाबले पर गरमाई बहस
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दर्शकों ने फिल्म के टीज़र या दृश्यों में साई पल्लवी द्वारा निभाए गए सीता के किरदार को युद्ध करते हुए देखा, जिसमें खर-दूषण की विशाल सेना के साथ उनका मुकाबला दिखाया गया है। एक तरफ जहां कुछ लोगों ने महाकाव्य के इस पारंपरिक ढांचे से छेड़छाड़ पर आपत्ति जताई, तो वहीं दूसरी तरफ कुछ दर्शकों ने इसे सीता के चरित्र के एक नए और सशक्त आयाम के रूप में सराहा, जो नारी शक्ति को एक अलग रूप में प्रस्तुत करता है।
अद्भुत रामायण से प्रेरित है यह दृश्य
फिल्म की रिलीज से पहले ही निर्देशक नितेश तिवारी ने अपनी रचनात्मक स्वतंत्रताओं और इस तरह के क्रिएटिव च्वाइस के बारे में खुलकर बात की थी। लॉस एंजिल्स में हुए एक प्रीमियर के दौरान ग्लोबल मीडिया से बातचीत करते हुए निर्देशक ने खुलासा किया था कि यह विशेष दृश्य ‘अद्भुत रामायण’ नामक ग्रंथ से प्रेरित है। उस ग्रंथ में सीता को दिव्य स्त्री शक्ति के एक अत्यंत शक्तिशाली और उग्र रूप में दिखाया गया है, जहां वे हजार सिर वाले रावण का संहार करने के लिए महाकाली जैसा विकराल रूप धारण करती हैं, हालांकि फिल्म में दिखाया गया युद्ध प्रसंग इससे थोड़ा अलग है।


















