कुंभ राशि वालों के लिए अगले कुछ महीने थोड़े संभलकर चलने वाले हैं। शनि 27 जुलाई 2026 की रात वक्री चाल में आने जा रहे हैं और इसके बाद लंबे समय तक टेढ़ी चाल से गोचर करेंगे, जिसका सीधा असर सेहत और दांपत्य जीवन पर देखने को मिल सकता है।
कब से कब तक रहेगी शनि की वक्री चाल
हिंदू पंचांग के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 की रात 01 बजकर 25 मिनट पर शनि वक्री होकर गोचर करना शुरू करेंगे। इसके बाद 11 दिसंबर 2026 की सुबह 4 बजकर 59 मिनट तक शनि इसी वक्री अवस्था में बने रहेंगे। यानी करीब 138 दिनों तक शनि उल्टी चाल में चलते रहेंगे। इस अवधि के पूरा होने के बाद ही शनि मार्गी होंगे, यानी अपनी सामान्य सीधी चाल में लौटेंगे।
कुंभ राशि पर क्या पड़ेगा असर
शनि के वक्री होने से कुंभ राशि की मध्य साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। ऐसे में अगर शनि पुराने कर्मों का फल देंगे, तो शारीरिक परेशानियां बढ़ने की आशंका है और दांपत्य जीवन पर भी इसका असर पड़ने के संकेत हैं। इस दौरान सेहत को लेकर सतर्क रहने और खासतौर पर शारीरिक रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही किसी भी तरह की आपसी कलह या झगड़े से दूर रहना जरूरी होगा, क्योंकि इससे वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है
कुंभ राशि के जातक फिलहाल शनि की साढ़ेसाती के आखिरी चरण से गुजर रहे हैं। यह प्रभाव 3 जून 2027 तक बना रहेगा। इसके बाद शनि राशि परिवर्तन करेंगे और कुंभ राशि वाले साढ़ेसाती के असर से पूरी तरह बाहर निकल आएंगे।













