राजस्थान के विकास को नई रफ्तार देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के 15 जिलों के लिए ₹5,755 करोड़ के बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों का डिजिटल माध्यम से ई-शिलान्यास व ई-लोकार्पण किया। निंबाहेड़ा में आयोजित एक भव्य जनसभा के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर इस विशाल विकास पैकेज की शुरुआत की गई। इस पहल के तहत राज्य में सड़क निर्माण, निर्बाध बिजली आपूर्ति, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।
निंबाहेड़ा में हुआ 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
इस ऐतिहासिक अवसर पर निंबाहेड़ा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में 21 फीट ऊंची प्रतिमा का औपचारिक अनावरण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सहकारिता और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं को हर गांव और ढाणी तक पहुंचाना है, ताकि आम जनजीवन को आसान बनाया जा सके।
अमित शाह ने सुशासन और विकास के मॉडल की सराहना की
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान सरकार धरातल पर सुशासन स्थापित कर विकास और जनता के विश्वास का नया कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने कहा कि ₹5,755 करोड़ की इन परियोजनाओं से प्रदेश के 15 जिलों में आधारभूत ढांचे की सूरत बदलेगी। सड़कों के चौड़ीकरण और नए संपर्क मार्गों के बनने से परिवहन सुगम होगा, जबकि बेहतर सिंचाई नेटवर्क मिलने से राज्य के किसानों की फसल उपज और आय में बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त, ऊर्जा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों से घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिलेगी।
कौन थे अटल बिहारी वाजपेयी
अटल बिहारी वाजपेयी भारत के 10वें प्रधानमंत्री थे और देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तित्वों में गिने जाते हैं। वे भारतीय जनसंघ के संस्थापकों में से एक थे और उन्होंने वर्ष 1968 से 1973 तक पार्टी अध्यक्ष का दायित्व भी निभाया था। उन्होंने कुल तीन बार देश की बागडोर संभाली, पहली बार 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक (13 दिन), दूसरी बार 19 मार्च 1998 से 13 अक्टूबर 1999 तक (13 महीने), और फिर 13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक पूरे पांच वर्षों के कार्यकाल के लिए भारत के प्रधानमंत्री रहे। राजनीति के अलावा वे एक प्रसिद्ध हिंदी कवि, पत्रकार और प्रखर वक्ता थे। अपने साहित्यिक जीवन में उन्होंने 'राष्ट्रधर्म', 'पांचजन्य' और 'वीर अर्जुन' जैसी कई देशभक्ति और वैचारिक चेतना से ओत-प्रोत पत्र-पत्रिकाओं का सफल संपादन भी किया था।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और स्थानीय स्तर पर इस वृहद सौगात को लेकर जनता के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अनेक नागरिकों ने बुनियादी ढांचे में सुधार और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की, जबकि कुछ लोगों ने सभी घोषित परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।


























