ज्योतिष शास्त्र में शनि के गोचर को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। शनि लगभग ढाई साल में एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं। वर्ष 2027 में होने वाला शनि का मेष राशि में प्रवेश इसी लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। जब शनि 3 जून को अपनी राशि बदलेंगे, तो उसके बाद 20 अक्टूबर को वह वक्री अवस्था में वापस मीन राशि में लौट आएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जून से अक्टूबर के बीच अलग-अलग राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या की स्थिति में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि, जब शनि दोबारा मीन राशि में वापस आएंगे, तो पुरानी स्थिति फिर से बहाल हो जाएगी।
मेष राशि के जातकों की बात करें तो उन पर इस समय साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। आगामी 3 जून 2027 को जैसे ही शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, इन जातकों पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। इसके बाद अक्टूबर के महीने में जब शनि वक्री होकर वापस मीन राशि की तरफ प्रस्थान करेंगे, तो मेष राशि पर एक बार फिर से साढ़ेसाती का पहला चरण ही प्रभावी हो जाएगा। इस प्रकार गोचर की चाल के कारण चरणों में यह बदलाव कुछ समय के लिए रहेगा।
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर एक नया चरण लेकर आएगा। जैसे ही शनि मेष राशि में गोचर करेंगे, वृषभ राशि के जातकों पर साढ़ेसाती की शुरुआत हो जाएगी। इन जातकों के लिए यह साढ़ेसाती का बिल्कुल पहला चरण होगा। हालांकि, यह खास स्थिति केवल अक्टूबर तक ही सीमित रहेगी। जब 20 अक्टूबर को शनि वापस मीन राशि में लौट आएंगे, तब वृषभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती के प्रभाव से फिलहाल बड़ी राहत मिल जाएगी। इसके बाद फरवरी 2028 में जब शनि एक बार फिर से मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब वृषभ राशि पर साढ़ेसाती दोबारा से शुरू हो जाएगी।
मीन राशि के जातकों के लिए भी यह पूरा गोचरक्रम बहुत अहम रहने वाला है। जब शनि मेष राशि में जाएंगे, तब मीन राशि वालों के जीवन पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। लेकिन जैसे ही अक्टूबर के महीने में शनि वक्री होकर वापस मीन राशि में लौटेंगे, तो इन जातकों के लिए साढ़ेसाती का दूसरा चरण फिर से प्रभावी हो जाएगा। इस प्रकार ग्रहों की यह चाल मीन राशि के जातकों के लिए चरणों की स्थिति में फेरबदल लेकर आएगी।
कुंभ राशि के जातकों के लिए 3 जून 2027 का दिन बड़ी राहत लेकर आ रहा है। जैसे ही शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, कुंभ राशि के जातकों पर चल रही साढ़ेसाती पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। हालांकि, यह राहत भी एक तय समय तक ही रहेगी क्योंकि 20 अक्टूबर को जब शनि वापस मीन राशि में लौटेंगे, तो कुंभ राशि पर एक बार फिर से साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। इसके बाद फरवरी 2028 में जब शनि दोबारा मेष राशि में पहुंचेंगे, तब कुंभ राशि के जातकों को इस प्रभाव से फिर से स्थायी राहत प्राप्त होगी।



















