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आगामी पांच वर्षों में बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोगुनी करने के लिए टाटा मोटर्स करेगी 40,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेशऑटो
8 जुल॰ 2026, 6:09 pm (45 दिन पहले)· 2

आगामी पांच वर्षों में बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोगुनी करने के लिए टाटा मोटर्स करेगी 40,000 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश

टाटा मोटर्स ने अगले पांच वर्षों के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया है, जिसके तहत 40,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यात्री वाहन बिक्री को दोगुना करने और बाजार हिस्सेदारी को 20 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल यानी यात्री वाहन कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी पांच वर्षीय रणनीति का खाका तैयार किया है। इस नई योजना का मकसद केवल नए मॉडल्स को बाजार में उतारना नहीं है, बल्कि वाहन बिक्री, बाजार हिस्सेदारी और वित्तीय मुनाफे के मामले में एक बहुत बड़ी छलांग लगाना है। कंपनी की 81वीं सालाना आम बैठक यानी AGM के दौरान चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस रणनीतिक विजन को साझा किया। उन्होंने घोषणा की कि टाटा मोटर्स का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक पैसेंजर व्हीकल की सालाना बिक्री को 12 लाख यूनिट से ऊपर पहुंचाना है। इस आंकड़े को हासिल करने के साथ ही कंपनी अपनी वर्तमान बाजार हिस्सेदारी को 14.2 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 20 फीसदी करने की तैयारी में है, जिससे घरेलू बाजार में उसकी स्थिति और भी मजबूत हो सके।

40,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश और वित्तीय लक्ष्य

इस बड़े पैमाने के विस्तार को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए, टाटा मोटर्स आने वाले वर्षों में लगभग 40,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजीगत निवेश करने जा रही है। इस बड़ी राशि का इस्तेमाल नए वाहनों को विकसित करने, अपनी विनिर्माण इकाइयों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और गाड़ियों में अत्याधुनिक तकनीकी फीचर्स को शामिल करने के लिए किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इस भारी निवेश के दम पर वह अपने पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को एक नए स्तर पर ले जाने में सफल होगी। इस विस्तार योजना के साथ ही, टाटा मोटर्स ने करीब 10,000 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो हासिल करने का भी एक मजबूत लक्ष्य रखा है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करेगा।

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यात्री वाहन सेगमेंट के लिए निर्धारित किए गए वित्तीय लक्ष्य भी काफी बड़े हैं। टाटा पैसेंजर मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO शैलेश चंद्र ने बताया कि कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक 1.4 lakh करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ही कंपनी ने डबल डिजिट यानी दहाई अंक में EBITDA मार्जिन, 5 फीसदी से ज्यादा का EBIT मार्जिन और कर-पूर्व लाभ यानी PBT को वर्तमान स्तर से पांच गुना से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा, यदि समूह स्तर पर बात की जाए, तो टाटा मोटर्स ने दीर्घकालिक रूप से 60 अरब डॉलर का कुल रेवेन्यू, 10 फीसदी का EBIT मार्जिन और 5 अरब डॉलर का PBT हासिल करने की योजना बनाई है।

6 बिल्कुल नई कारें और इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष ध्यान

बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए टाटा मोटर्स अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार करने वाली है। कंपनी की योजना अगले कुछ वर्षों में 6 एकदम नए नेमप्लेट यानी नए मॉडल लॉन्च करने की है, जबकि पहले से मौजूद 20 से अधिक मॉडल्स को पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी अपने कुल पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 15 नेमप्लेट तक ले जाएगी। इसके जरिए कंपनी उन नए सेगमेंट में भी अपनी मजबूत दस्तक देगी, जहां फिलहाल उसकी कोई मौजूदगी नहीं है, जिससे नए ग्राहक वर्गों तक उसकी पहुंच आसान हो जाएगी।

इस पूरी रणनीति में इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। टाटा मोटर्स का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2030 के समाप्त होने तक उसकी कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से अधिक हो जाए। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार वर्तमान में बहुत तेजी से पैर पसार रहा है, और टाटा मोटर्स इस सेगमेंट में पहले से ही अग्रणी स्थान पर काबिज है। इसलिए, अपनी इस बादशाहत को बनाए रखने के लिए कंपनी नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स और एडवांस टेक्नोलॉजी के विकास पर अपने निवेश को लगातार बढ़ा रही है।

बीते वित्त वर्ष की चुनौतियों और बाधाओं से उबरने की तैयारी

यह दूरगामी पांच वर्षीय रणनीति ऐसे समय में आई है जब कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में कुछ गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2026 में उसकी प्रमुख सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर पर हुए एक बड़े साइबर हमले के कारण लगभग दो महीने तक उत्पादन का काम बुरी तरह प्रभावित रहा था। इस व्यवधान का सीधा असर कंपनी के कुल वित्तीय प्रदर्शन पर भी देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स का समेकित रेवेन्यू 8 फीसदी की गिरावट के साथ 3.35 लाख करोड़ रुपये रह गया था, जबकि कुल बिक्री भी 1 फीसदी घटकर 9.49 लाख यूनिट पर सिमट गई थी। अब नए निवेश, आधुनिक तकनीक और दमदार इलेक्ट्रिक मॉडल्स के दम पर टाटा मोटर्स इन पिछली बाधाओं को पीछे छोड़कर तेजी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

सवाल-जवाब

टाटा मोटर्स की पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट के लिए निवेश योजना क्या है?
टाटा मोटर्स नए प्रोडक्ट्स को विकसित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नई तकनीकों को अपनाने के लिए अगले कुछ वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 के लिए बिक्री और बाजार हिस्सेदारी के क्या लक्ष्य रखे हैं?
वाहन निर्माता का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 के अंत तक सालाना यात्री वाहनों की बिक्री को 12 लाख यूनिट से ऊपर ले जाना और बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 फीसदी करना है।
टाटा मोटर्स कितनी नई और अपडेटेड कारें लॉन्च करेगी?
टाटा मोटर्स आने वाले सालों में 6 बिल्कुल नई कारें (नेमप्लेट) लॉन्च करने और अपने मौजूदा पोर्टफोलियो के 20 से अधिक मॉडल्स को अपडेट करने की योजना बना रही है।
वित्त वर्ष 2026 में टाटा मोटर्स के रेवेन्यू में गिरावट क्यों आई थी?
इसकी प्रमुख सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर पर हुए साइबर हमले के कारण लगभग दो महीने तक उत्पादन प्रभावित रहा था, जिससे कंपनी का समेकित रेवेन्यू 8 फीसदी घटकर 3.35 लाख करोड़ रुपये रह गया था।
कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी का क्या लक्ष्य है?
कंपनी का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2030 के अंत तक उसके कुल यात्री वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30 फीसदी से अधिक हो।
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