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हैदराबाद में सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौतअपराध
22 अग॰ 2026, 9:29 pm (50 दिन पहले)· 4

हैदराबाद में सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढही, मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के गाचीबोवली इलाके में एक सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत ढह जाने से दो मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां गाचीबोवली के अंजय्या नगर इलाके में एक सात मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक ढह गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि दो अन्य लोग जख्मी हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और बचाव दल तुरंत हरकत में आ गए और मौके पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।

बचाव अभियान और मलबे से बरामदगी

घटनास्थल पर पहुंचे बचाव अभियान में शामिल एक फायर अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि ढही हुई इमारत का मलबा हटाने के दौरान दो शवों को बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि इन दोनों शवों की सटीक स्थिति का पता लगाने के लिए आधुनिक 'विक्टिम लोकेशन सिस्टम' डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था, जिससे मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने में मदद मिली।

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आसपास की इमारतों को नुकसान

यह निर्माणाधीन मकान इतना बड़ा था कि इसका मलबा गिरते ही पास की अन्य अपार्टमेंट इमारतों पर जा गिरा, जिससे उन ढांचों को भी काफी नुकसान पहुंचा। इस मलबे की चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अपने फ्लैटों को पहुंचे नुकसान और मंडराते खतरे को देखते हुए कई स्थानीय निवासियों को मजबूरन अपनी इमारतें खाली करनी पड़ीं। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के वक्त उन्हें एक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और जब उन्होंने बाहर देखा तो पाया कि पूरी निर्माणाधीन इमारत जमींदोज हो चुकी थी।

नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक दौरा

घटना की गंभीरता को देखते हुए हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के कमिश्नर ए.वी. रंगनाथ ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि यह सात मंजिल और एक पेंटहाउस वाली इमारत महज 50 से 60 वर्ग गज के छोटे से प्लॉट पर खड़ी की जा रही थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों लोग मजदूर थे।

कमिश्नर रंगनाथ ने खुलासा किया कि ढही हुई इमारत और उसके आसपास के कुछ अन्य निर्माण कार्य एक नाले के बिल्कुल करीब किए गए थे और इनमें जरूरी सेटबैक यानी इमारत तथा प्लॉट की सीमा के बीच छोड़ी जाने वाली खाली जगह का बिल्कुल पालन नहीं किया गया था, जो कि साफ तौर पर नियमों का भारी उल्लंघन था।

मालिक की भूमिका की जांच और सख्त रुख

प्रशासन ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। HYDRAA कमिश्नर ने बताया कि HYDRAA और साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर उन सभी इमारतों के खिलाफ अभियान चलाएंगे जो नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई हैं। उन्होंने ऐसी अवैध संरचनाओं में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे तुरंत उन जगहों को खाली कर दें, क्योंकि ये इमारतें महज 50-60 वर्ग गज के तंग भूखंडों पर अवैध रूप से तानी गई थीं।

प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि ढही हुई इमारत का मालिक इसी तरह के नियमों के उल्लंघन वाले अन्य प्रोजेक्ट्स में भी शामिल रहा है, जिनमें आईटी प्रोफेशनल्स और अन्य लोगों को किराए पर दिए जाने वाले कमर्शियल हॉस्टल भी शामिल हैं। प्रशासन अब इस मालिक की संलिप्तता की गहराई से जांच कर रहा है और म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के सहयोग से ऐसी सभी अवैध इमारतों को गिराने की तैयारी की जा रही है।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

इस बीच, CMC कमिश्नर जी. श्रीजना ने भी मौके का मुआयना किया। उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस अवैध इमारत को प्रशासनिक तौर पर चार महीने पहले ही जब्त कर लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार को अचानक इसका निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। अधिकारी इस मामले में कोई औपचारिक कानूनी कदम उठाते या आगे की कार्रवाई करते, उससे पहले ही यह कमजोर ढांचा खुद-बखुद ढह गया। कमिश्नर ने दो टूक शब्दों में कहा कि शहर में इस तरह की अवैध और खतरनाक संरचनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

सवाल-जवाब

हैदराबाद में इमारत ढहने की यह घटना कहां हुई?
यह हादसा हैदराबाद के गाचीबोवली इलाके के अंजय्या नगर में हुआ।
इस हादसे में कितने लोगों की जान गई?
इस दुर्घटना में मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए।
ढही हुई इमारत कितने वर्ग गज के प्लॉट पर बन रही थी?
यह सात मंजिला और एक पेंटहाउस वाली इमारत लगभग 50 से 60 वर्ग गज के छोटे प्लॉट पर बनाई जा रही थी।
इस मामले में प्रशासन ने क्या कार्रवाई की बात कही है?
HYDRAA और साइबराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने नियमों का उल्लंघन करके बनाई गई सभी अवैध संरचनाओं की जांच कर उन्हें गिराने का फैसला किया है।
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