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चंदौली में कुएं से खराब पंप निकालने उतरे चार लोगों में से तीन की मौत, एक अस्पताल में भर्तीउत्तर प्रदेश
22 अग॰ 2026, 9:29 pm (1 घंटे पहले)· 2

चंदौली में कुएं से खराब पंप निकालने उतरे चार लोगों में से तीन की मौत, एक अस्पताल में भर्ती

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक पुराने कुएं से खराब सबमर्सिबल पंप निकालने उतरे चार लोगों में से तीन की दम घुटने या जहरीली गैस से मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक पुराने और अनुपयोगी कुएं में उतरे चार लोगों में से तीन की जान चली गई। यह दुखद घटना शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में शनिवार को हुई। खराब पड़े सबमर्सिबल पंप को बाहर निकालने के लिए एक-एक करके चार लोग कुएं के अंदर गए थे, लेकिन अंदर पहुंचते ही वे सभी अचेत हो गए। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया है।

खराब सबमर्सिबल पंप को निकालने के लिए उतरे थे चार लोग

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, किड़हिरा गांव में स्थित यह कुआं काफी पुराना था और लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं आ रहा था। इस कुएं में एक सबमर्सिबल पंप लगा हुआ था जो खराब हो गया था। इसी पंप को बाहर निकालने के मकसद से गांव के तौकीर, जमाल, आलम और शमशेर ने मिलकर योजना बनाई। सबसे पहले उन्होंने कुएं के ऊपर रखी पट्टियों को हटाया और फिर बारी-बारी से उसके भीतर उतर गए। उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि गहराई में उतरना उनके लिए जानलेवा साबित हो जाएगा।

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ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस बनी हादसे की वजह

घटना की सूचना मिलने के बाद चंदौली के जिला मजिस्ट्रेट चंद्रकुमार गर्ग मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने शुरुआती आशंका जताते हुए कहा कि यह हादसा संभवतः कुएं के अंदर जहरीली गैस बनने या फिर ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण हुआ होगा। गहराई में हवा की पर्याप्त आवाजाही न होने की वजह से वहां उतरे लोग एक-एक करके बेहोश होते चले गए।

पुलिस और ग्रामीणों ने सभी को बाहर निकाला

जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, पुलिस दल के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। ग्रामीणों की मदद से कुएं के अंदर फंसे चारों लोगों को बेहोश हालत में बाहर निकाला गया। इसके बाद तुरंत सभी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 35 साल के जमाल, 18 साल के तौकीर और आलम को मृत घोषित कर दिया। वहीं चौथे व्यक्ति शमशेर की सांसें चल रही थीं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज अभी जारी है।

प्रशासन की ओर से मदद का आश्वासन और आगे की कार्रवाई

मृतकों के परिवारों को मुआवजा और सहायता दिए जाने के सवाल पर जिला मजिस्ट्रेट चंद्रकुमार गर्ग ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक मदद मुहैया कराई जाएगी। इस बीच चकिया सदर कोतवाली के एसएचओ अरुण कुमार सिंह ने जानकारी दी कि तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो सकेगा।

सवाल-जवाब

यह घटना उत्तर प्रदेश के किस जिले में हुई?
यह दुर्घटना उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के शहाबगंज थाना इलाके के किड़हिरा गांव में हुई।
कुएं में उतरने वाले चार लोगों के नाम क्या थे?
कुएं में उतरने वाले चार लोगों के नाम जमाल, तौकीर, आलम और शमशेर थे।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में तौकीर, जमाल और आलम समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
चौथे व्यक्ति शमशेर की स्थिति कैसी है?
चौथे व्यक्ति शमशेर को बेहोश हालत में बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन के अनुसार हादसे का संभावित कारण क्या है?
डीएम चंद्रकुमार गर्ग के अनुसार यह दुर्घटना संभवतः जहरीली गैस बनने या ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण हुई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 मिनट पहले

यह घटना पुराने और बंद पड़े जल स्रोतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर परिणाम है। बंद कुओं या गहरे टैंकों में ऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों का संचय अक्सर साइलेंट किलर साबित होता है। बिना सुरक्षा उपकरणों और वेंटिलेशन की जाँच के ऐसे स्थलों में उतरना सीधे तौर पर जान जोखिम में डालना है। भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक जागरूकता अभियानों और ऐसे खतरनाक कुओं को सील या कवर करने के सख्त दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है।

Rohan Verma@rohan-verma·17 मिनट पहले

यह हादसा ग्रामीण क्षेत्रों में बंद और असुरक्षित संरचनाओं की अनदेखी का एक बड़ा उदाहरण है। करण की बात को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के मामलों में केवल प्रशासनिक घोषणाएं काफी नहीं हैं। ग्राम पंचायतों स्तर पर ऐसे पुराने और सूखे कुओं की सूची तैयार कर उन्हें तत्काल प्रभाव से ढकने या पक्का ढालने का अभियान चलाना होगा, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाहियों को रोका जा सके।

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