भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वैश्विक मंच पर एक नया मील का पत्थर हासिल करते हुए यह साबित कर दिया है कि देश अब केवल स्थानीय उपभोग के लिए वाहन तैयार नहीं कर रहा, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। वाहन उद्योग के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार निर्यात के मोर्चे पर अभूतपूर्व सफलता मिली है, जिसने विदेशी बाजारों में भारतीय इंजीनियरिंग का डंका बजा दिया है।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में चौदह गुना उछाल
निर्यात के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली यानी अप्रैल से जून के बीच की तिमाही में भारत से इलेक्ट्रिक कारों के शिपमेंट में लगभग चौदह गुना की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल इसी समान अवधि यानी अप्रैल से जून के दौरान देश से विदेशों में महज 1,122 इलेक्ट्रिक कारें भेजी गई थीं, लेकिन इस बार यह आंकड़ा सीधे छलांग लगाते हुए 15,600 यूनिट्स के स्तर पर पहुंच गया है। इस नाटकीय वृद्धि से साफ पता चलता है कि ग्लोबल मार्केट में भारतीय इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता बेहद कम समय में काफी तेजी से बढ़ी है।
मारुति सुजुकी की ई-विटारा का शानदार दबदबा
इस बड़ी सफलता के केंद्र में मारुति सुजुकी का नाम सबसे ऊपर आता है, जिसकी नई इलेक्ट्रिक गाड़ी ई-विटारा ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जबरदस्त धूम मचा दी है। कुल 15,600 यूनिट्स के निर्यात में अकेले मारुति की ई-विटारा की हिस्सेदारी करीब 15,200 कारों की है, जो इस बात का प्रमाण है कि इस ऐतिहासिक सफलता का सबसे बड़ा श्रेय इसी एक मॉडल को जाता है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर यह इलेक्ट्रिक एसयूवी अब देश से सबसे अधिक निर्यात होने वाली कारों की सूची में सीधे तीसरे पायदान पर काबिज हो गई है।
47 देशों की सड़कों पर दौड़ रहा भारतीय हुनर
मारुति सुजुकी की इस ई-विटारा की पहुंच केवल एक या दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनी ने अपनी इस गाड़ी को दुनिया के 47 अलग-अलग देशों में सफलतापूर्वक निर्यात किया है। इन गंतव्यों में यूरोप के कई प्रमुख देश, एशियाई बाजार और अफ्रीकी राष्ट्र भी शामिल हैं, जो यह दर्शाते हैं कि वैश्विक उपभोक्ता भारतीय उत्पादों पर कितना भरोसा जता रहे हैं। जब इतनी बड़ी संख्या में विदेशी सड़कों पर भारतीय कारें दौड़ती हैं, तो यह सीधे तौर पर देश की तकनीक, डिजाइन और सुरक्षा मानकों की जीत को रेखांकित करता है, जो मेक इन इंडिया अभियान की सफलता को भी मजबूती देता है।
दूसरी घरेलू कंपनियों की बड़ी तैयारियां
भले ही वर्तमान में निर्यात के इन बड़े आंकड़ों में मारुति सुजुकी का पलड़ा भारी है, मगर देश की अन्य प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां भी इस होड़ में पीछे रहने वाली नहीं हैं। घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक सेगमेंट की सिरमौर टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियां भी अब विदेशी बाजारों में अपने कदम जमाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में जब इन भारतीय ब्रांड्स की इलेक्ट्रिक गाड़ियां भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतरेंगी, तो निर्यात के ये आंकड़े और अधिक ऊंचाई छूते नजर आएंगे।
विदेशी निर्माताओं की भारत पर बढ़ती निर्भरता
केवल घरेलू ब्रांड्स ही नहीं, बल्कि तमाम विदेशी कार निर्माता कंपनियां भी वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए भारत से ही गाड़ियों का उत्पादन कराना पसंद कर रही हैं। इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण हैं, जैसे अमेरिका या यूरोप के मुकाबले भारत में मैन्युफैक्चरिंग लागत काफी कम बैठती है और यहां उच्च स्तर के कुशल इंजीनियर व कामगार आसानी से मिल जाते हैं। इसके अलावा, सरकार की ओर से मिलने वाली औद्योगिक छूट और देश में मौजूद मजबूत ऑटो पार्ट्स इकोसिस्टम विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।
बैटरी पैक और परफॉर्मेंस के दमदार विकल्प
ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मारुति सुजुकी की ई-विटारा में दो बेहतरीन बैटरी विकल्पों को शामिल किया गया है, जिसमें 49 kWh और 61 kWh क्षमता के LFP ब्लेड-सेल बैटरी पैक मिलते हैं, जिन्हें प्रतिष्ठित कंपनी BYD से लिया गया है। यह एडवांस्ड बैटरी सिस्टम इलेक्ट्रिक मोटर के साथ मिलकर 172 bhp की अधिकतम पावर और 193 Nm का मजबूत टॉर्क पैदा करने में पूरी तरह सक्षम है। चाहे शहर की भीड़भाड़ भरी सड़कें हों या फिर हाईवे का लंबा सफर, यह पावरट्रेन हर जगह एक बेहद शांत और सहज ड्राइविंग अनुभव प्रदान करता है।
ड्राइविंग रेंज और आधुनिक चार्जिंग तकनीक
लंबी दूरी तय करने को लेकर अक्सर इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के मन में चिंता रहती है, लेकिन ई-विटारा ने इसका ठोस समाधान पेश किया है। इसके 61 kWh बैटरी पैक के साथ फुल चार्ज होने पर 543 किलोमीटर तक की प्रभावशाली ARAI-प्रमाणित रेंज मिलती है, जबकि 49 kWh वाले छोटे पैक से 440 किलोमीटर की सर्टिफाइड रेंज का दावा किया गया है। वहीं, चार्जिंग के मोर्चे पर भी यह कार पीछे नहीं है और डीसी फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यदि 70kW के डीसी फास्ट चार्जर का प्रयोग किया जाए, तो इसकी बैटरी महज 45 मिनट में 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है, जबकि घर पर 7.4kW के एसी चार्जर से इसे रातभर में यानी लगभग 9 घंटे में पूरी तरह चार्ज किया जा सकता है।
प्रीमियम इंटीरियर और फ्यूचरिस्टिक केबिन
तकनीक और परफॉर्मेंस के साथ-साथ इस गाड़ी के भीतर मिलने वाला माहौल भी इसे बेहद खास बनाता है, जिसका इंटीरियर एक प्रीमियम और भविष्य की कारों जैसा अहसास कराता है। इसके केबिन को एक आकर्षक डुअल-टोन यानी ब्लैक और टैन ब्राउन थीम के साथ सजाया गया है, जो देखने में बेहद भव्य लगता है।




















