श्रीलंका में 11वें नंबर पर आकर बरसे गुरनूर बराड़, युवा गेंदबाज के 4 छक्कों पर गदगद हुए गौतम गंभीर'शाका लाका बूम बूम' से लेकर साउथ सिनेमा की स्टार बनने तक, विवादों और निजी जिंदगी के उथल-पुथल से भरा रहा हंसिका का सफरसावन की पहली कामिका एकादशी पर इस विधि से करें विष्णु पूजन, नोट करें शुभ मुहूर्त और पारण का समयमेष राशिफल 9 अगस्त: वित्तीय फैसलों में बरतें विशेष सावधानी, जानें करियर और प्यार का हालअलवर में ससुराल वालों को नशीला खाना देकर जेवर-नकदी चुराने वाली महिला और प्रेमी 3 साल बाद गिरफ्तारमूलांक 2 अंकराशिफल 9 अगस्त 2026: चंद्र और अंक 9 का प्रभाव बढ़ाएगा संवेदनशीलता, जानें करियर व धन का हालतमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई स्थित श्री रमणाश्रमम् पहुंचे अमित शाह, भगवान रमण महर्षि को दी श्रद्धांजलिमूलांक 3 अंकराशिफल 9 अगस्त 2026: गुरु के प्रभाव से सुधरेगी लव लाइफ, करियर और पैसों में मिलेगी राहततरुण तेजपाल को 10 साल की सजा पर बोले जीनत अमान के बेटे जहान खान, हाईकोर्ट के फैसले को बताया गलतसौदागर का 'इलू इलू' गाना: जब 9 मिनट के एक ट्रैक ने 90 के दशक में बदला था 'आई लव यू' कहने का अंदाज
E20 पेट्रोल से बीमा क्लेम पर खतरा नहीं, मंत्रालय ने वाहन मालिकों की उलझन की दूरऑटो
24 जून 2026, 5:19 pm (45 दिन पहले)· 2

E20 पेट्रोल से बीमा क्लेम पर खतरा नहीं, मंत्रालय ने वाहन मालिकों की उलझन की दूर

केंद्र सरकार ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और इसके इस्तेमाल से वाहन का इंश्योरेंस क्लेम रद्द या बीमा अमान्य नहीं होता।

देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर पिछले कुछ समय से वाहन मालिकों के बीच एक बड़ी उलझन बनी हुई थी। सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में यह बात तेजी से फैली कि अगर गाड़ी में E20 पेट्रोल डाला गया तो नुकसान होने पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से इनकार कर सकती है। अब केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले पर दो टूक जवाब देते हुए कहा है कि E20 फ्यूल पूरी तरह सुरक्षित है और इसका वाहन बीमा की वैधता से कोई लेना देना नहीं है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि E20 पेट्रोल भरवाने से इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो जाएगा, ऐसी बातें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। मंत्रालय के मुताबिक इस मसले पर सभी संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों से बात की गई और जांच में यही सामने आया कि क्लेम रद्द होने या बीमा अमान्य होने की बातें महज अफवाह हैं, इनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। सरकार ने यह भी याद दिलाया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का चलन दुनिया के कई देशों में बरसों से चल रहा है और अमेरिका, ब्राजील तथा जापान जैसे देशों में यह कामयाबी के साथ इस्तेमाल हो रहा है।

ये भी पढ़ें

दूसरे देशों में तो और ज्यादा मिश्रण

मंत्रालय ने उदाहरण देते हुए बताया कि ब्राजील में तो E27, यानी 27 प्रतिशत एथेनॉल मिला पेट्रोल, लंबे अरसे से आम ईंधन की तरह गाड़ियों में डाला जा रहा है। ऐसे में भारत में सिर्फ 20 प्रतिशत मिश्रण वाले E20 को लेकर घबराने की कोई वजह नहीं बनती। सरकार का तर्क है कि एथेनॉल मिलाने से पेट्रोल पर हमारी निर्भरता घटती है और इसका सीधा फायदा पर्यावरण को भी मिलता है।

देश की जेब को कितना फायदा

सरकार के आंकड़ों के अनुसार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम की बदौलत भारत अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचा चुका है। कच्चे तेल का आयात घटने से देश का आयात बिल कम हुआ है और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है। इतना ही नहीं, एथेनॉल बनाने के लिए गन्ना, मक्का और दूसरी कृषि उपज की मांग भी बढ़ी है, जिसका सीधा फायदा किसानों को ज्यादा कमाई के रूप में मिल रहा है।

पर्यावरण और खेती दोनों के लिए राहत

सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्बन उत्सर्जन घटाने में मददगार है और स्वच्छ परिवहन की तरफ एक अहम कदम साबित हो रहा है। इससे एक ओर जहां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ताकत मिल रही है, वहीं किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को भी सहारा मिल रहा है। कुल मिलाकर सरकार का संदेश साफ है कि E20 को लेकर डरने की नहीं, बल्कि इसके फायदे समझने की जरूरत है।

सवाल-जवाब

क्या E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंश्योरेंस क्लेम रद्द हो जाता है?
नहीं, सरकार ने साफ किया है कि E20 पेट्रोल से इंश्योरेंस क्लेम रद्द होने या बीमा अमान्य होने की बातें सिर्फ अफवाह हैं।
E20 पेट्रोल क्या होता है?
यह वह पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जाता है।
किस मंत्रालय ने यह स्थिति साफ की है?
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर इस मामले में भ्रम दूर किया है।
एथेनॉल ब्लेंडिंग से देश को कितना आर्थिक फायदा हुआ है?
सरकार के मुताबिक भारत अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाने में सफल रहा है।
क्या दूसरे देशों में भी एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल इस्तेमाल होता है?
हां, अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है, और ब्राजील में तो E27 यानी 27 प्रतिशत एथेनॉल मिला पेट्रोल आम है।
एथेनॉल मिश्रण से किसानों को क्या फायदा है?
एथेनॉल बनाने के लिए गन्ना, मक्का और दूसरी कृषि उपज की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों को ज्यादा कमाई का मौका मिल रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR