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एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से डरने की जरूरत नहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के अधिकारी ने गिनाए E20 के फायदेऑटो
4 जुल॰ 2026, 7:42 am (116 दिन पहले)· 2

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से डरने की जरूरत नहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के अधिकारी ने गिनाए E20 के फायदे

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी ने कहा कि E20 फ्यूल से इंजन खराब होने की बात पूरी तरह गलत है और माइलेज में सिर्फ 2 से 4 फीसदी तक का ही मामूली फर्क पड़ता है।

पेट्रोल में एथेनॉल मिलाए जाने को लेकर लोगों के मन में लंबे समय से कई तरह के डर बैठे हुए हैं। कुछ लोग मानते हैं कि इससे गाड़ी का इंजन सीज हो सकता है, तो कुछ को शक है कि इससे माइलेज बुरी तरह गिर जाएगा। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के कंट्री हेड और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड गवर्नेंस) विक्रम गुलाटी ने अब इन सारी आशंकाओं पर सीधा जवाब दिया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल जगत में E20 फ्यूल को लेकर जरूरत से ज्यादा डर फैला दिया गया है, जबकि हकीकत इससे काफी अलग है।

विक्रम गुलाटी ने साफ शब्दों में कहा कि लोगों के बीच एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर कई गलतफहमियां घर कर गई हैं। उन्होंने खासतौर पर उस मिथक का जिक्र किया जिसमें माना जाता है कि E20 मिश्रित ईंधन इस्तेमाल करने से गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है। उनके मुताबिक यह धारणा पूरी तरह गलत है और असल में ऐसा कुछ भी नहीं होता।

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क्या E20 फ्यूल से गाड़ी का माइलेज घट जाता है?

विक्रम गुलाटी ने माइलेज को लेकर फैली एक और भ्रांति पर भी बात की। उनका कहना है कि यह सच है कि E20 फ्यूल के इस्तेमाल से माइलेज में तकनीकी तौर पर कुछ कमी आती है, लेकिन जिस तरह बाजार में इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, गिरावट उतनी बड़ी कभी नहीं होती। उन्होंने ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया यानी एआरएआई के हवाले से बताया कि साल 2021 में देश भर में E20 लागू करने से पहले किए गए टेस्ट में सामने आया था कि एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल से गाड़ियों के माइलेज में सिर्फ 2% से 4% तक की ही मामूली कमी आती है।

पुरानी और नई गाड़ियों के मालिकों को कितनी चिंता करनी चाहिए?

विक्रम गुलाटी के मुताबिक वाहन मालिकों को अपनी पुरानी हो या नई, किसी भी गाड़ी को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। देश में अब E20 ही स्टैंडर्ड ईंधन के तौर पर मिलेगा और यह पुराने और नए दोनों तरह के वाहनों के लिए पूरी तरह सही है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बिकने वाली हर गाड़ी को पहले से ही पूरी तरह E20 कंपैटिबल बनाकर तैयार किया गया है। इतना ही नहीं, सरकारी वैज्ञानिक संस्था एआरएआई के अध्ययन में यह भी साबित हो चुका है कि पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी E20 फ्यूल से जो संभावित नुकसान होता है, वह बेहद मामूली है।

E85 और E100 को लेकर न हो कोई कन्फ्यूजन

विक्रम गुलाटी ने साफ किया कि लोगों को E20 और उससे ज्यादा एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के बीच फर्क समझना जरूरी है। उनके मुताबिक 85 फीसदी एथेनॉल वाला E85 और 100 फीसदी एथेनॉल वाला E100 ईंधन आम कारों या बाइकों के लिए नहीं बनाया गया है। ये दोनों तरह के एथेनॉल मिश्रण सिर्फ खास फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहनों के लिए ही तैयार किए गए हैं, जो किसी भी अनुपात में एथेनॉल को झेल सकते हैं।

किसानों और देश को एथेनॉल ब्लेंडिंग से कितना फायदा हुआ

विक्रम गुलाटी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से जुड़े आर्थिक फायदों का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस पहल से देश को अब तक करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिली है, जो पहले कच्चे तेल के आयात में खर्च हो जाती थी। इस कुल बचत में से 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे भारत के किसानों की जेब तक पहुंचे हैं। उनके मुताबिक एथेनॉल अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक बड़ा जरिया बन चुका है, और दुनिया के कई अन्य विकसित देश भी इसी मॉडल को अपना रहे हैं।

सवाल-जवाब

क्या E20 फ्यूल इस्तेमाल करने से गाड़ी का इंजन खराब हो जाता है?
नहीं, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के विक्रम गुलाटी के मुताबिक यह पूरी तरह गलत धारणा है और इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं होता।
E20 फ्यूल से गाड़ी के माइलेज पर कितना असर पड़ता है?
एआरएआई के 2021 के टेस्ट के मुताबिक E20 फ्यूल से गाड़ियों के माइलेज में सिर्फ 2% से 4% तक की ही मामूली कमी आती है।
क्या पुरानी गाड़ियों में E20 फ्यूल डालना सुरक्षित है?
हां, एआरएआई के अध्ययन में साबित हो चुका है कि पुराने दोपहिया और चारपहिया वाहनों को E20 फ्यूल से होने वाला संभावित नुकसान बेहद मामूली है।
क्या सभी नई गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए बनी हैं?
हां, 1 अप्रैल 2023 के बाद भारत में बिकने वाली सभी गाड़ियां पूरी तरह E20 कंपैटिबल बनाई गई हैं।
E85 और E100 फ्यूल का इस्तेमाल कौन कर सकता है?
विक्रम गुलाटी के मुताबिक E85 और E100 सिर्फ खास फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहनों के लिए हैं, आम कारों या बाइकों के लिए नहीं।
एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से देश को अब तक कितना फायदा हुआ है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस पहल से देश को करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, जिसमें से 1.60 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों तक पहुंचे हैं।
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