फॉक्सवैगन भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अब तक की सबसे किफायती एसयूवी पेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के इस नए उत्पाद को वैश्विक स्तर पर हरी झंडी मिल चुकी है, और इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग पच्चीस मिलियन यूरो यानी करीब दो सौ पचहत्तर करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है। यह आगामी वाहन स्कोडा काइलैक के आर्किटेक्चर पर ही आधारित होगा और कंपनी के मौजूदा लाइनअप में टाइगुन से नीचे अपनी जगह बनाएगा। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत आठ लाख रुपये से तेरह लाख रुपये के बीच तय की जा सकती है।
कीमत और सीधा मुकाबला
इस वाहन का शुरुआती मॉडल आठ लाख रुपये के आसपास बाजार में आ सकता है, जबकि इसके शीर्ष वेरिएंट के दाम तेरह लाख रुपये तक पहुंच सकते हैं। भारत में ही इसके स्थानीय उत्पादन के कारण कंपनी इसे बहुत आक्रामक और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उतारने में सक्षम होगी। इस नई गाड़ी की सीधी टक्कर भारतीय सड़कों पर टाटा पंच, मारुति फ्रॉन्क्स, टाटा नेक्सन, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट, महिंद्रा एक्सयूवी थ्रीएक्सओ और स्कोडा काइलैक जैसी स्थापित गाड़ियों से होगी। आइए इसकी डिजाइन भाषा, केबिन सुविधाओं और इंजन के प्रदर्शन से जुड़े तमाम पहलुओं पर विस्तार से गौर करते हैं।
प्लेटफॉर्म और बाहरी डिजाइन
फॉक्सवैगन की यह नई कॉम्पैक्ट एसयूवी एमक्यूबी ए जीरो आईएन प्लेटफॉर्म पर विकसित की जाएगी, जिसे भारत में पहले से ही काफी हद तक स्थानीय रूप से तैयार किया जा चुका है। इस गाड़ी का बाहरी लुक वैश्विक स्तर पर उपलब्ध फॉक्सवैगन टेरा से प्रेरित हो सकता है, हालांकि भारतीय ग्राहकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ खास बदलाव किए जाएंगे। इसके अगले हिस्से में कंपनी की पारंपरिक सिग्नेचर ग्रिल, आकर्षक एलईडी हेडलैंप, स्पोर्टी बंपर, चारों तरफ ब्लैक क्लैडिंग, रूफ रेल्स और पीछे की तरफ स्टाइलिश एलईडी टेललैंप्स जैसे आधुनिक तत्व देखने को मिल सकते हैं। नियमों के दायरे में रहते हुए इस गाड़ी की कुल लंबाई चार मीटर से कम रखी जाएगी।
केबिन और आधुनिक फीचर्स
गाड़ी के भीतर का लेआउट काफी हद तक स्कोडा काइलैक से मिलता-जुलता हो सकता है, लेकिन फॉक्सवैगन इसे अपनी खुद की डिजाइन शैली के साथ पेश करेगी। इसमें मनोरंजन और कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो, वायरलेस चार्जिंग पैड, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, पीछे बैठने वालों के लिए एसी वेंट्स, क्रूज कंट्रोल और कनेक्टेड-कार तकनीक मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके सबसे महंगे वेरिएंट में सनरूफ और आगे की हवादार सीटें जैसी प्रीमियम खूबियां भी शामिल की जा सकती हैं।
सुरक्षा और मजबूत ढांचा
सुरक्षा के मामले में भी फॉक्सवैगन की यह नई कॉम्पैक्ट एसयूवी एक ठोस पैकेज के साथ आ सकती है। काइलैक की तर्ज पर इसमें छह एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, ईएससी, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल होल्ड कंट्रोल, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट और मल्टी-कॉलिजन ब्रेक जैसे फीचर्स दिए जाने की संभावना है। इसके एमक्यूबी ए जीरो आईएन प्लेटफॉर्म की मजबूत बनावट भी इसे सड़क पर अधिक सुरक्षित बनाएगी। हालांकि, भारतीय बाजार के लिए तैयार होने वाले इस मॉडल के अंतिम सुरक्षा उपकरणों की आधिकारिक पुष्टि इसकी लॉन्चिंग के वक्त ही की जाएगी।
इंजन और दमदार प्रदर्शन
फॉक्सवैगन की इस नई कॉम्पैक्ट एसयूवी में काइलैक वाला ही एक दशमलव शून्य-लीटर, तीन-सिलेंडर टीएसआई टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह इंजन लगभग एक सौ पंद्रह हॉर्सपावर की ताकत और एक सौ अठत्तर न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है। मौजूदा काइलैक में इसके साथ छह-स्पीड मैनुअल और छह-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलता है। हालांकि, फॉक्सवैगन अपनी इस गाड़ी में शुरुआत से ही आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स देने की विशेष तैयारी कर रही है।
रफ्तार और गतिशीलता के आंकड़े
स्कोडा काइलैक इसी इंजन का उपयोग करते हुए शून्य से एक सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार महज दस दशमलव पांच सेकंड में पकड़ लेती है और इसकी शीर्ष गति एक सौ अट्ठारह किलोमीटर प्रति घंटा है। फॉक्सवैगन की इस नई गाड़ी का वजन और उसकी ट्यूनिंग अलग होने की वजह से इसके प्रदर्शन से जुड़े आंकड़े इससे थोड़े भिन्न हो सकते हैं। कंपनी का यह नया मॉडल उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है जो कम बजट में एक प्रीमियम और सुरक्षित जर्मन एसयूवी का अनुभव लेना चाहते हैं।


















