झारखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है और जमशेदपुर समेत राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश शुरू हो गई है। बारिश गर्मी से राहत तो देती है, लेकिन कार मालिकों के लिए यह मौसम अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है। अगर समय रहते वाहन की कुछ जरूरी जांच करा ली जाए, तो बारिश के दौरान होने वाली कई परेशानियों और भारी खर्चों से आसानी से बचा जा सकता है।
वाइपर और बैटरी सबसे पहले जांचें
एएसएल मोटर्स की सर्विस हेड पूजा के मुताबिक, मानसून शुरू होने से पहले वाहन का बेसिक हेल्थ चेकअप जरूर करा लेना चाहिए। सबसे पहले वाइपर ब्लेड की स्थिति देखें। अगर वाइपर शीशे को ठीक से साफ नहीं कर पा रहा है या चलते समय आवाज कर रहा है, तो उसे तुरंत बदलवा लें, क्योंकि बारिश में साफ विजिबिलिटी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए बेहद जरूरी होती है।
इसके साथ ही बैटरी की स्थिति की जांच भी टालनी नहीं चाहिए। बरसात में नमी बढ़ने की वजह से कमजोर बैटरी कभी भी जवाब दे सकती है। बैटरी के टर्मिनल साफ हैं या नहीं और उसकी चार्जिंग ठीक है या नहीं, यह पहले ही जांच लेना बेहतर रहता है।
लाइट्स और सनरूफ पर भी दें ध्यान
हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और फॉग लैंप का पूरी तरह काम करना जरूरी है, क्योंकि बारिश और धुंध के बीच अच्छी रोशनी ही सुरक्षित ड्राइविंग की गारंटी देती है। जिन गाड़ियों में सनरूफ लगा है, उनके मालिकों को ड्रेनेज पाइप और सील की भी जांच करवा लेनी चाहिए, ताकि केबिन में पानी रिसने की नौबत न आए।
टायर की पकड़ और ब्रेक की मजबूती जरूरी
पूजा बताती हैं कि टायरों की स्थिति पर खास ध्यान देना चाहिए। टायर का ट्रेड पर्याप्त होना चाहिए, तभी गाड़ी गीली सड़क पर अच्छी पकड़ बना पाएगी। घिसे हुए टायर फिसलन भरी सड़कों पर दुर्घटना की बड़ी वजह बन सकते हैं, इसलिए टायर में सही एयर प्रेशर बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
ब्रेक सिस्टम की जांच को भी हल्के में न लें। अगर ब्रेक लगाते समय किसी तरह की आवाज सुनाई दे या ब्रेकिंग कमजोर महसूस हो, तो बिना देर किए सर्विस सेंटर में गाड़ी दिखाएं। बारिश में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए मजबूत ब्रेकिंग सिस्टम के बिना सफर जोखिम भरा हो सकता है।
फ्लूइड लेवल और रबर बीडिंग भी न भूलें
इंजन ऑयल, कूलेंट, विंडशील्ड वॉशर फ्लूइड और बाकी जरूरी फ्लूइड का स्तर भी चेक कर लेना चाहिए। बारिश में शीशे पर जमा गंदगी साफ करने के लिए वॉशर फ्लूइड पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। साथ ही दरवाजों और खिड़कियों की रबर बीडिंग की जांच भी करें, ताकि बारिश का पानी गाड़ी के अंदर न घुस सके।
इमरजेंसी किट साथ रखने की सलाह
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार में हमेशा एक टॉर्च, छाता, टो रोप, फर्स्ट एड किट और आपातकालीन नंबरों की सूची रखनी चाहिए। अगर मानसून शुरू होने से पहले इन सभी बातों का ध्यान रख लिया जाए, तो न सिर्फ वाहन सुरक्षित रहेगा, बल्कि यात्रा भी आरामदायक बनी रहेगी और आगे चलकर बड़े मरम्मत खर्चों से भी बचा जा सकेगा। समय पर कराई गई यह छोटी सी जांच आपको मानसून के मौसम में बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।













