भारतीय कार बाजार के प्रीमियम हैचबैक सेगमेंट में मारुति सुजुकी और टोयोटा के बीच प्रतिस्पर्धा एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। दोनों कंपनियां साझा तकनीक और समान प्लेटफॉर्म पर गाड़ियां तैयार करती हैं, लेकिन हालिया अपग्रेड्स के बाद खरीदारों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि कौन सा विकल्प उनकी जेब और पसंद के हिसाब से मुफीद रहेगा। मारुति ने सितंबर 2026 में बलेनो फेसलिफ्ट को बाजार में उतारा था, जबकि ठीक एक महीने बाद अक्टूबर 2026 में टोयोटा ने अपनी ग्लैंजा फेसलिफ्ट को पेश कर दिया।
कीमत का अंतर और वैरिएंट्स का गणित
अगर शुरुआती खर्च को देखें तो दोनों गाड़ियों के बीच साफ अंतर नजर आता है। मारुति सुजुकी बलेनो की एक्स-शोरूम कीमत 5.99 लाख रुपये से शुरू होती है, जो इसके बेस मॉडल सिग्मा पेट्रोल मैनुअल के लिए तय की गई है। वहीं इसका सबसे ऊपरी वैरिएंट अल्फा ओ ऑटोमैटिक 9.99 लाख रुपये तक जाता है। दूसरी तरफ टोयोटा ग्लैंजा फेसलिफ्ट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.99 लाख रुपये रखी गई है, जो ई पेट्रोल मैनुअल मॉडल की है। इसका टॉप एंड मॉडल वी ओ ऑटोमैटिक 10.98 लाख रुपये तक पहुंचता है। इसका सीधा मतलब यह है कि बेस मॉडल के स्तर पर ही ग्लैंजा करीब एक लाख रुपये अधिक महंगी पड़ती है।
एक्सटीरियर डिजाइन और बाहरी आयाम
दोनों हैचबैक का साइड प्रोफाइल और पिछला हिस्सा देखने में लगभग एक समान दिखता है, लेकिन सामने का चेहरा दोनों को एक-दूसरे से पूरी तरह जुदा करता है। ग्लैंजा में चौड़ी हनीकॉम्ब ग्रिल, आकर्षक क्रोम स्ट्रिप, सिल्वर एक्सेंट्स और आयताकार एलईडी फॉग लैंप्स लगाए गए हैं, जो इसे सड़क पर ज्यादा प्रीमियम लुक प्रदान करते हैं। इसके विपरीत बलेनो में नेक्सवेव ग्रिल और थोड़ा अलग बंपर डिजाइन देखने को मिलता है। खरीदारों के लिए दोनों गाड़ियों में टील ग्रीन जैसे नए रंग विकल्प शामिल किए गए हैं। जहां तक बॉडी के आकार का सवाल है, दोनों की कुल लंबाई 3990 मिमी, व्हीलबेस 2520 मिमी और सामान रखने की बूट क्षमता 318 लीटर है।
केबिन थीम और आधुनिक सुविधाएं
गाड़ियों के अंदरूनी हिस्से का बुनियादी लेआउट एक समान है, मगर इंटीरियर की थीम में बड़ा बदलाव दिखता है। ग्लैंजा के केबिन को डुअल-टोन बेज और ब्लैक शेड में तैयार किया गया है, जबकि बलेनो के अंदर ब्लैक और ब्लू रंग का कॉम्बिनेशन मिलता है। दोनों ही मॉडल्स में 9 इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन दी गई है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करती है। इसके अलावा फ्रंट वेंटिलेटेड सीट्स, कूल्ड वायरलेस चार्जर, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, हेड-अप डिस्प्ले, पीछे बैठने वालों के लिए एसी वेंट्स और 360 डिग्री पार्किंग कैमरा की सुविधा शीर्ष वैरिएंट्स में मौजूद है। हालांकि, इंटरनेट से जुड़ी टेलीमैटिक्स सेवाओं के लिए ग्लैंजा में टोयोटा आई-कनेक्ट और बलेनो में सुजुकी कनेक्ट की तकनीक दी गई है।
इंजन क्षमता, माइलेज और गियरबॉक्स
दोनों कारों के बोनट के नीचे नया जेड12ई 1.2 लीटर का 3-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन काम करता है। पेट्रोल ईंधन पर यह इंजन 83 एचपी की अधिकतम पावर और 112.4 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। जब इसे सीएनजी ईंधन विकल्प पर चलाया जाता है, तो यह 70 एचपी की पावर और 102 एनएम का टॉर्क देता है। ट्रांसमिशन के लिए दोनों में 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी गियरबॉक्स का विकल्प है। ईंधन दक्षता के मामले में पेट्रोल मैनुअल में दावा किया गया माइलेज 23.80 किमी प्रति लीटर और एएमटी में 24.77 किमी प्रति लीटर है। सीएनजी मोड में मैनुअल गियरबॉक्स 33.61 किमी प्रति किलोग्राम और एएमटी गियरबॉक्स 34.47 किमी प्रति किलोग्राम का माइलेज देता है। साथ ही दोनों में आइडल स्टार्ट-स्टॉप तकनीक भी मिलती है।
सुरक्षा पैमाना और ड्राइवर असिस्ट तकनीक
यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों गाड़ियों के सभी वैरिएंट्स में 6 एयरबैग्स को अनिवार्य मानक के तौर पर शामिल किया गया है। इसके साथ ही एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम यानी एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन यानी ईबीडी, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम यानी ईएसपी और हिल होल्ड असिस्ट जैसे सुरक्षा फीचर्स मिलते हैं। सबसे बड़े बदलाव के रूप में टॉप वैरिएंट्स बलेनो अल्फा(ओ) और ग्लैंजा वी(ओ) में लेवल-2 एडास तकनीक जोड़ी गई है, जिसके तहत एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे अत्याधुनिक फीचर्स मिलते हैं। भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट में भी दोनों मॉडल्स से 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग हासिल करने की संभावना जताई जा रही है।



















