भारत में निर्मित यात्री वाहनों की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से बढ़ रही है। विभिन्न वाहन निर्माताओं द्वारा विदेशी खरीदारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए मॉडल्स को वैश्विक स्तर पर शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। अगस्त 2026 के ताजा निर्यात आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर, बॉक्सी ऑफ-रोडर्स और किफायती हैचबैक कारों ने विदेशी धरती पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। मारुति सुजुकी, हुंडई, निसान, टोयोटा और वोक्सवैगन जैसी कंपनियों के वाहनों ने विभिन्न देशों में अपनी शिपमेंट के जरिए घरेलू विनिर्माण की क्षमता का प्रदर्शन किया है।
शीर्ष पर मारुति फ्रॉन्क्स की शानदार छलांग
विदेशी बाजारों में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मेड इन इंडिया कार के रूप में मारुति फ्रॉन्क्स सबसे आगे निकल गई है। अगस्त 2026 के दौरान इस कूपे-एसयूवी की 9,003 यूनिट्स का निर्यात किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 2,487 यूनिट्स ज्यादा है। भारत में लगभग ₹6.85 लाख की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर मिलने वाली फ्रॉन्क्स अपने विशिष्ट डिजाइन के कारण काफी पसंद की जा रही है। इसमें बोल्ड फ्रंट ग्रिल, आकर्षक एलईडी डीआरएल और बेहतरीन ग्राउंड क्लियरेंस मिलता है। गाड़ी के केबिन में 9-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी के साथ-साथ हेड-अप डिस्प्ले दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम, हिल होल्ड असिस्ट और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मौजूद हैं। इसका पेट्रोल इंजन 20 से 22.89 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देता है, जबकि सीएनजी विकल्प में यह 28.51 किमी प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाता है।
मारुति जिम्नी और हुंडई आई10 निओस का बेहतरीन प्रदर्शन
ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के बीच मारुति जिम्नी की विदेशी मांग में जबरदस्त तेजी आई है। अगस्त 2026 में जिम्नी का निर्यात 8,435 यूनिट्स दर्ज किया गया, जिसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 5,778 यूनिट्स की विशाल बढ़ोतरी शामिल है। ₹12.50 लाख की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत वाली यह चार पहिया वाहन अपने बॉक्सी लेआउट, गोल हेडलैम्प्स और ऊंचे ग्राउंड क्लियरेंस के लिए जानी जाती है। इसके प्रैक्टिकल केबिन में 9-इंच की टचस्क्रीन दी गई है। सुरक्षा और परफॉर्मेंस के लिहाज से जिम्नी में 6 एयरबैग, ईएसपी, हिल डिसेंट कंट्रोल और डेडिकेटेड 4डब्ल्यूडी सिस्टम दिया गया है, जबकि इसका माइलेज 16.4 से 16.9 किमी प्रति लीटर के आसपास रहता है।
वहीं, कॉम्पैक्ट हैचबैक श्रेणी में हुंडई आई10 निओस ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इस कार की निर्यात बिक्री 4,551 यूनिट्स रही, जो पिछले साल से 635 यूनिट्स अधिक है। घरेलू बाजार में ₹5.6 लाख की शुरुआती कीमत वाली निओस नए फेसलिफ्ट लुक, प्रोजेक्टर हेडलैम्प और एलईडी डीआरएल के साथ आती है। इसके स्पेशियस इंटीरियर में 8-इंच टचस्क्रीन, रियर एसी वेंट्स और आधुनिक कनेक्टिविटी सुविधाएं हैं। सुरक्षा के लिए 6 एयरबैग, ईएससी और हिल स्टार्ट असिस्ट मौजूद हैं। यह पेट्रोल में 16 से 18 किमी प्रति लीटर और सीएनजी पर 27 किमी प्रति किलोग्राम का माइलेज देती है।
निसान मैग्नाइट और टोयोटा हाइराइडर का निर्यात स्तर
निसान की कॉम्पैक्ट एसयूवी मैग्नाइट ने विदेशी बाजारों में 4,500 यूनिट्स का आंकड़ा छुआ, हालांकि इसमें पिछले साल की तुलना में 2,565 यूनिट्स की कमी देखी गई है। लगभग ₹5.6 लाख की शुरुआती कीमत पर आने वाली मैग्नाइट अपने हनीकॉम्ब ग्रिल, आकर्षक एलईडी लाइट्स और क्रॉसओवर बॉडी स्टाइल के कारण चर्चा में रहती है। कार के भीतर 8-इंच की स्क्रीन, लेदर अपहोल्स्ट्री और 360-डिग्री कैमरा मिलता है। इसे 5-स्टार जीएनसीएपी सुरक्षा रेटिंग मिली है और इसमें 6 एयरबैग, ईएससी तथा टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया गया है। इसका माइलेज 17.9 से 19.9 किमी प्रति लीटर है।
हाइब्रिड तकनीक से लैस टोयोटा हाइराइडर के निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कुल 4,414 यूनिट्स विदेश भेजी गईं। ₹11.30 लाख की एक्स-शोरूम कीमत से शुरू होने वाली हाइराइडर स्प्लिट एलईडी डीआरएल और 17-इंच अलॉय व्हील्स से लैस है। इसके इंटीरियर में 9-इंच टचस्क्रीन, पैनोरमिक सनरूफ और वेंटिलेटेड सीटें दी गई हैं। 6 एयरबैग, ईएसपी और हिल होल्ड से लैस यह एसयूवी अपने हाइब्रिड पावरट्रेन पर 27.97 किमी प्रति लीटर तक का असाधारण माइलेज देने में सक्षम है।
मारुति स्विफ्ट, ई विटारा और वोक्सवैगन वर्टस के आंकड़े
हैचबैक सेगमेंट की लोकप्रिय कार मारुति स्विफ्ट का निर्यात अगस्त में 3,044 यूनिट्स रहा, जो बीते साल की तुलना में काफी कम है। ₹5.80 लाख से शुरू होने वाली स्विफ्ट में 9-इंच टचस्क्रीन, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और 6 एयरबैग स्टैंडर्ड दिए गए हैं। इसका पेट्रोल माइलेज 24.8 से 25.75 किमी प्रति लीटर और सीएनजी माइलेज 32 से 35 किमी प्रति किलोग्राम है। इलेक्ट्रिक सेगमेंट में नई दस्तक देने वाली मारुति ई विटारा का निर्यात 2,770 यूनिट्स रहा। ₹16 लाख की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत वाली इस ईवी में वाई-शेप्ड डीआरएल, 10.1-इंच टचस्क्रीन, एंबिएंट लाइटिंग, 7 एयरबैग और लेवल-2 एडास तकनीक दी गई है। यह सिंगल चार्ज में 440 से 543 किमी की ड्राइविंग रेंज प्रदान करती है और 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग से लैस है।
प्रीमियम सेडान वर्ग में वोक्सवैगन वर्टस ने 2,599 यूनिट्स का निर्यात दर्ज कराया। ₹10.70 लाख की शुरुआती कीमत वाली वर्टस में 10.1-इंच टचस्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सनरूफ और वेंटिलेटेड सीट्स मिलती हैं। 5-स्टार जीएनसीएपी रेटिंग, 6 एयरबैग और ईएससी वाली यह सेडान 18 से 20.8 किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है।
मारुति डिजायर और सेलेरियो का प्रदर्शन
सेडान सेगमेंट में मारुति डिजायर ने 2,355 यूनिट्स का निर्यात किया। ₹6.30 लाख से शुरू होने वाली इस कार को 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग, 6 एयरबैग, सनरूफ और 9-इंच टचस्क्रीन मिलती है। इसका पेट्रोल मॉडल 24.8 से 25.7 किमी प्रति लीटर और सीएनजी मॉडल 33 किमी प्रति किलोग्राम से अधिक माइलेज निकालता है। अंत में, मारुति सेलेरियो की 2,244 यूनिट्स विदेश भेजी गईं। ₹4.70 लाख की कीमत वाली सेलेरियो 7-इंच टचस्क्रीन, 6 एयरबैग और ईएसपी के साथ पेट्रोल में 25 से 26.7 किमी प्रति लीटर और सीएनजी पर 34.4 किमी प्रति किलोग्राम तक का माइलेज प्रदान करती है।


















