पेट्रोल टैंक खाली रखकर CNG कार चलाना पड़ सकता है भारी, जानें सही तरीकाऑटो
2 घंटे पहले· 1

पेट्रोल टैंक खाली रखकर CNG कार चलाना पड़ सकता है भारी, जानें सही तरीका

एक्सपर्ट्स के मुताबिक CNG कार को हमेशा सिर्फ गैस पर चलाना सही नहीं, पेट्रोल टैंक में कम से कम 25 प्रतिशत ईंधन रखकर बीच-बीच में पेट्रोल पर चलाना जरूरी है.

पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर अभी भी साफ तस्वीर नहीं बनी है, ऐसे में बड़ी संख्या में लोग CNG कार की तरफ रुख कर रहे हैं. वजह साफ है, यह ईंधन पर खर्च घटाती है और पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर मानी जाती है. लेकिन जिन लोगों के पास पहले से CNG कार है, उनके मन में अक्सर एक सवाल उलझा रहता है, क्या गाड़ी को हमेशा गैस पर ही चलाना सही है या बीच-बीच में पेट्रोल पर भी चलाते रहना चाहिए. आइए एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर इस सवाल का जवाब समझते हैं, और पहले यह जान लेते हैं कि CNG की प्रकृति असल में है क्या.

CNG का नेचर और बैलेंस क्यों जरूरी

CNG को सूखा ईंधन कहा जाता है क्योंकि यह इंजन को उतनी चिकनाई नहीं देता जितनी पेट्रोल देता है. अगर किसी गाड़ी को लंबे समय तक सिर्फ CNG पर ही चलाया जाता रहे तो इसका असर फ्यूल पंप, इंजेक्टर्स और इंजन के दूसरे पुर्जों पर पड़ सकता है. यही वजह है कि इंजन की लंबी उम्र और स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए दोनों ईंधनों के बीच बैलेंस बनाए रखना जरूरी माना जाता है. बाजार में मिलने वाली ज्यादातर CNG कारें बाय-फ्यूल सिस्टम पर आधारित होती हैं, यानी इनमें पेट्रोल और गैस दोनों पर चलने की सुविधा होती है. इनमें से अधिकतर मॉडल्स में यह भी देखा गया है कि ठंडा इंजन पहले पेट्रोल पर स्टार्ट होता है और गर्म होने के बाद अपने आप CNG मोड में शिफ्ट हो जाता है.

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पेट्रोल सिस्टम को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गाड़ी के पेट्रोल सिस्टम से जुड़े पुर्जों को पूरी तरह निष्क्रिय छोड़ना ठीक नहीं है. फ्यूल पंप को ठंडा और लुब्रिकेटेड बने रहने के लिए पेट्रोल की जरूरत पड़ती रहती है. अगर पेट्रोल टैंक ज्यादातर समय लगभग खाली रहता है तो पंप ओवरहीट हो सकता है और इसे ठीक कराने में अच्छा खासा खर्च आ सकता है. इसी तरह अगर पेट्रोल इंजेक्टर्स लंबे समय तक इस्तेमाल में न आएं तो वे क्लॉग यानी बंद हो सकते हैं, जिसका सीधा असर गाड़ी स्टार्ट करने में दिक्कत और इंजन की अनियमित परफॉर्मेंस के तौर पर दिखता है.

कितना पेट्रोल रखें और कब चलाएं गाड़ी पेट्रोल पर

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पेट्रोल टैंक में हमेशा कम से कम 25 प्रतिशत ईंधन बचा कर रखना चाहिए. इसके अलावा हफ्ते में एक बार करीब 10 से 15 किलोमीटर तक गाड़ी को पेट्रोल मोड पर चलाना चाहिए, इससे इंजेक्टर्स साफ रहते हैं और पूरा फ्यूल सिस्टम हेल्दी बना रहता है. अगर किसी लंबी ड्राइव पर निकले हैं तो मंजिल से करीब 500 मीटर पहले गाड़ी को पेट्रोल पर स्विच कर लेना चाहिए. इसके अलावा महीने में कम से कम एक बार पूरी ड्राइव पेट्रोल पर ही करने की सलाह दी जाती है, इससे इंजन को अच्छी तरह क्लीनअप मिलता है, कोल्ड स्टार्ट आसान होता है और इंजन की उम्र भी बढ़ती है. एक और वजह यह भी है कि CNG स्टेशनों पर कई बार लंबी कतारें लगी होती हैं या गैस खत्म होने की नौबत आ जाती है, ऐसे में पेट्रोल एक भरोसेमंद बैकअप का काम करता है.

CNG के फायदे और वॉल्व सीट्स पर असर

CNG के फायदे गिनाए जाएं तो इनमें कम खर्च, बेहतर माइलेज और कम प्रदूषण सबसे ऊपर आते हैं. लेकिन इसका ऊंचा तापमान और सूखापन गाड़ी के वॉल्व सीट्स पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है. ऐसे में बीच-बीच में पेट्रोल का इस्तेमाल इस असर को संतुलित करने में मदद करता है. जिन गाड़ियों में फैक्ट्री से ही CNG किट फिट होकर आती है, उनमें कंपनियां इस पहलू को पहले से ध्यान में रखकर ही सिस्टम तैयार करती हैं.

बोनस टिप्स, जो CNG कार को लंबे समय तक बनाए रखेंगे भरोसेमंद

अगर आप CNG कार चला रहे हैं तो कुछ अतिरिक्त बातों का ध्यान रखना फायदेमंद रहेगा. गाड़ी में हमेशा CNG-स्पेसिफिक स्पार्क प्लग ही लगवाएं, समय पर नियमित सर्विसिंग कराते रहें और सिलिंडर का हाइड्रो टेस्ट तय समय पर जरूर करवाएं. साथ ही अनधिकृत मैकेनिक से गाड़ी न बनवाएं. अगर इन आदतों का पालन किया जाए तो CNG कार न सिर्फ किफायती साबित होगी बल्कि लंबे समय तक विश्वसनीय भी बनी रहेगी.

सवाल-जवाब

क्या CNG कार को हमेशा सिर्फ गैस पर ही चलाना चाहिए?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक नहीं, क्योंकि इससे फ्यूल पंप और इंजेक्टर्स पर असर पड़ सकता है, इसलिए बीच-बीच में पेट्रोल पर भी चलाना चाहिए.
पेट्रोल टैंक में हमेशा कितना ईंधन रखना चाहिए?
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पेट्रोल टैंक में हमेशा कम से कम 25 प्रतिशत ईंधन बचा कर रखें.
हफ्ते में कितनी दूरी पेट्रोल मोड पर चलानी चाहिए?
हफ्ते में एक बार करीब 10 से 15 किलोमीटर गाड़ी को पेट्रोल मोड पर चलाने की सलाह दी जाती है.
पेट्रोल टैंक खाली रहने से क्या नुकसान हो सकता है?
लगातार खाली पेट्रोल टैंक से फ्यूल पंप ओवरहीट हो सकता है, जिसकी मरम्मत महंगी पड़ती है.
लंबी ड्राइव पर पेट्रोल पर कब स्विच करना चाहिए?
मंजिल से करीब 500 मीटर पहले गाड़ी को पेट्रोल पर स्विच कर लेना चाहिए.
क्या CNG कार के लिए कोई खास स्पार्क प्लग जरूरी है?
हां, एक्सपर्ट्स CNG-स्पेसिफिक स्पार्क प्लग लगवाने की सलाह देते हैं.
CNG सिलिंडर का हाइड्रो टेस्ट क्यों जरूरी है?
सिलिंडर की सुरक्षा और सही कामकाज के लिए तय समय पर हाइड्रो टेस्ट करवाना जरूरी होता है.
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