भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के कॉम्पैक्ट सेडान वर्ग में टाटा मोटर्स ने अपनी नई पेशकश टाटा एरिस को आधिकारिक तौर पर उतार दिया है। 25 सितंबर 2026 को सामने आई यह नई सब-4 मीटर सेडान कंपनी के लाइनअप में लंबे समय से मौजूद पुरानी सेडान टिगोर की जगह लेगी। कंपनी ने इस नई कार की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.29 लाख रुपये तय की है, जबकि इसका सबसे ऊपरी वेरिएंट 9.19 लाख रुपये तक जाता है। किफायती सफर चाहने वालों के लिए सीएनजी विकल्प को 6.29 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध कराया गया है। इस गाड़ी की बुकिंग तुरंत प्रभाव से चालू कर दी गई है और ग्राहकों को इसकी चाबियां 11 अक्टूबर से सौंपी जाएंगी।
नया बाहरी लुक और बूट स्पेस
टाटा एरिस का बाहरी ढांचा पूरी तरह नए सिरे से तैयार किया गया है, जिसकी बनावट में नई टियागो की साफ झलक देखने को मिलती है। कार के अगले हिस्से में एक पतली ग्रिल दी गई है जिसके साथ आधुनिक एलईडी हेडलैम्प जोड़े गए हैं। आगे की तरफ फैली फुल-विड्थ डीआरएल स्ट्रिप गाड़ी को सड़क पर एक प्रीमियम और चौड़ा स्टांस देती है। अगर साइड प्रोफाइल की बात करें तो यहां साफ-सुथरी बॉडी लाइन्स के साथ यू-शेप्ड अलॉय व्हील्स लगाए गए हैं। कार के पिछले हिस्से में कनेक्टेड एलईडी टेल लैंप का सेटअप मिलता है, जिसके मध्य में टाटा का आधिकारिक लोगो प्रमुखता से नजर आता है।
सामान रखने के लिए इस गाड़ी में 419 लीटर की क्षमता वाला बड़ा बूट स्पेस दिया गया है, जो इस श्रेणी के हिसाब से काफी बड़ा माना जाता है। सीएनजी वेरिएंट चुनने वाले ग्राहकों को भी सामान रखने में परेशानी न हो, इसके लिए कंपनी ने अपनी ट्विन-सिलेंडर तकनीक का उपयोग किया है। इस दोहरे सिलेंडर वाले प्रबंध से डिक्की में खाली जगह काफी हद तक सुरक्षित बच जाती है। रंग विकल्पों के मामले में ग्राहकों को डांडेली ड्रिजल, डेटोना ग्रे, ड्यून ग्लो, प्योर ग्रे, नाइट्रो क्रिमसन और प्रिस्टीन व्हाइट जैसे छह आकर्षक रंगों का विकल्प दिया गया है, जो रोजमर्रा के दफ्तर जाने वालों और पारिवारिक खरीदारों दोनों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
केबिन की साज-सज्जा और आधुनिक सुविधाएं
कार के भीतरी हिस्से में व्यापक बदलाव किए गए हैं। एरिस का केबिन बेज और ग्रे रंगों के डुअल-टोन संयोजन में तैयार किया गया है, जो अंदर बैठते ही एक प्रीमियम माहौल का अहसास कराता है। मुख्य डैशबोर्ड के ऊपर 10.25 इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और ड्राइवर के सामने पूरी तरह डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर लगाया गया है। एएमटी गियरबॉक्स वाले मॉडलों में पारंपरिक लीवर की जगह एक रोटरी डायल गियर सेलेक्टर मिलता है। चालक की सुविधा के लिए इसमें टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील दिया गया है, जिस पर ऑडियो और अन्य जरूरी सेटिंग्स को नियंत्रित करने वाले बटन्स मौजूद हैं।
पीछे बैठने वाली सवारियों के आराम पर भी खास ध्यान दिया गया है, जिसके तहत रियर एसी वेंट्स, आर्मरेस्ट और मोबाइल चार्जिंग पोर्ट्स की सुविधा मिलती है। ऊपर के वेरिएंट्स में हवादार यानी वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, फोन के लिए वायरलेस चार्जिंग पैड, आधुनिक टाइप-सी यूएसबी पोर्ट्स और ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल जैसे आरामदायक फीचर्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे लंबी यात्राओं में पूरा केबिन सुविधाजनक बना रहता है।
तकनीकी फीचर्स और सुरक्षा के मानक
उपकरणों की सूची में एरिस अपने पुराने मॉडल की तुलना में काफी आगे निकल चुकी है। इसमें कई सारे व्यू विकल्पों के साथ 360 डिग्री कैमरा सिस्टम जोड़ा गया है, जिससे तंग जगहों में गाड़ी पार्क करना आसान हो जाता है। इसके अतिरिक्त एक डिजिटल डीवीआर भी शामिल है, जो गाड़ी में पहले से लगे कैमरों का इस्तेमाल करके आसपास की वीडियो फुटेज को रिकॉर्ड करता रहता है। अन्य सहूलियतों में इंजन को चालू करने के लिए पुश-बटन स्टार्ट, अपने आप मुड़ने वाले ऑटो-फोल्डिंग ओआरवीएम, लंबी दूरी की ड्राइविंग के लिए क्रूज कंट्रोल, कीलेस एंट्री और कनेक्टेड कार तकनीक शामिल हैं। इंफोटेनमेंट सिस्टम बिना तार के वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले को सपोर्ट करता है।
सुरक्षा के मोर्चे पर कंपनी ने किसी तरह का समझौता नहीं किया है। गाड़ी के सभी वेरिएंट्स में छह एयरबैग को मानक तौर पर अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। पहियों की सुरक्षा और नियंत्रण के लिए ईबीडी के साथ एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, पीछे की तरफ पार्किंग सेंसर, बच्चों की सीटों के लिए सुरक्षित आइसोफिक्स माउंट्स और चढ़ाई पर कार को पीछे लुढ़कने से रोकने वाला हिल होल्ड असिस्ट दिया गया है। कंपनी के पुराने सुरक्षा इतिहास को देखते हुए इस नई गाड़ी से भी सुरक्षा परीक्षणों में मजबूत क्रैश रेटिंग की उम्मीद की जा रही है।
इंजन क्षमता और ड्राइविंग विकल्प
मैकेनिकल पुर्जों की बात करें तो एरिस में 1.2 लीटर यानी 1199 सीसी क्षमता वाला तीन-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन लगाया गया है। यह मोटर करीब 85 से 86 बीएचपी की अधिकतम शक्ति और 113 न्यूटन मीटर का पीक टॉर्क उत्पन्न करती है। सीएनजी ईंधन पर चलाने पर यह इंजन लगभग 74 से 75 बीएचपी की ताकत और 96 न्यूटन मीटर का टॉर्क पैदा करता है। दोनों ही ईंधन विकल्पों के साथ खरीदारों को 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड एएमटी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स चुनने की पूरी आजादी दी गई है। यह इंजन सेटअप वही है जो टियागो में भी भरोसेमंद तरीके से अपनी सेवाएं दे रहा है।
लॉन्च के अवसर पर कंपनी की तरफ से माइलेज के विस्तृत आंकड़े साझा नहीं किए गए हैं, लेकिन दोहरे सिलेंडर वाली सीएनजी प्रणाली और हल्के वजन के चलते इससे बेहतर ईंधन दक्षता मिलने की संभावना है। पेट्रोल मॉडल शहरों और खुले राजमार्गों पर एक संतुलित माइलेज देने की क्षमता रखता है, जबकि सीएनजी विकल्प प्रतिदिन गाड़ी चलाने वाले लोगों के लिए प्रति किलोमीटर खर्च को काफी हद तक कम रखेगा। भारतीय बाजार में यह नई कॉम्पैक्ट सेडान सीधे तौर पर मारुति डिजायर, हुंडई ऑरा और होंडा अमेज जैसी स्थापित गाड़ियों को चुनौती देगी।



















