गयाजी में पिंडदान से सात पीढ़ियों का उद्धार: जानिए क्यों 2026 में पितृपक्ष के दौरान इस धाम का है विशेष महत्वफ्रिज के अंदर पानी टपकने की समस्या से हैं परेशान? सर्विसिंग मैकेनिक को बुलाने से पहले आजमाएं ये आसान घरेलू नुस्खेमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दिनों में खूब पसंद की जाती है स्वादिष्ट उड़द की फल्ली की टिकिया, यहाँ जानिए इसकी आसान रेसिपीगणेश चतुर्थी 2026 पर पारंपरिक मराठी लुक के लिए बेहद खूबसूरत हैं ये नथ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफमुंबई के BKC में गायक कैलाश खेर ने बेचा अपना कमर्शियल ऑफिस, महज 10 महीनों में कमाया लाखों का मुनाफाहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहअर्टिगा से बोलेरो तक, बड़ी फैमिली के लिए ये हैं शानदार माइलेज वाली 7-सीटर गाड़ियांब्रिक्स डिनर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने बिखेरा सुरों का जादू, किशोर कुमार के सदाबहार गीतों से जीता सबका दिलपूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत के पिता वी. शांताकुमारन नायर का निधन, कोच्चि में ली अंतिम सांसहॉकी इंडिया ने महानिदेशक आर के श्रीवास्तव के सारे अधिकार छीने, जर्सी विवाद समेत लगे आठ गंभीर आरोप
ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा जांच शुरू, महाराष्ट्र में 1268 चालकों को नोटिस जारीऑटो
21 अग॰ 2026, 7:35 am (23 दिन पहले)· 2

ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा जांच शुरू, महाराष्ट्र में 1268 चालकों को नोटिस जारी

महाराष्ट्र में व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी अनिवार्य करने के बाद राज्यभर में जांच अभियान शुरू हो गया है। पहले ही दिन 1,268 चालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक यात्री वाहन चलाने वाले चालकों के लिए व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है। यात्रियों और चालकों के बीच बेहतर संवाद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने राज्यभर में व्यापक जांच अभियान की शुरुआत की है। इस कार्रवाई के तहत उन चालकों की पहचान की जा रही है जो रोजमर्रा की व्यावहारिक मराठी बोलने और समझने में असमर्थ हैं। भाषा का ज्ञान न होने की स्थिति में संबंधित चालकों को औपचारिक नोटिस थमाया जा रहा है और उन्हें भाषा सीखने के लिए निश्चित समय दिया जा रहा है।

मुंबई और अन्य जिलों में हुई जांच के आंकड़े

अभियान के पहले चरण में परिवहन अधिकारियों की टीमों ने मुंबई सहित राज्य के विभिन्न जिलों में गहन चेकिंग की। मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 3,995 व्यावसायिक चालकों के व्यावहारिक भाषा ज्ञान की जांच की गई, जिसमें से 604 चालक मराठी बोलने में असमर्थ पाए गए और उन्हें नोटिस जारी किया गया। वहीं, मुंबई के बाहर राज्य के बाकी हिस्सों में 4,222 चालकों की जांच की गई, जिनमें से 664 चालकों को नोटिस थमाया गया। इस प्रकार पूरे महाराष्ट्र में अब तक 8,217 वाहनों की जांच पूरी हो चुकी है और कुल 1,268 चालकों को नोटिस दिए जा चुके हैं।

ये भी पढ़ें

एक महीने की मोहलत और तीन महीने का निलंबन

नियमों के अनुसार, जिन चालकों को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें व्यावहारिक मराठी सीखने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि यह समय सीमा चालकों को अपनी भाषा में सुधार करने का उचित अवसर प्रदान करने के लिए रखी गई है। हालांकि, यदि कोई चालक इस निर्धारित एक महीने की अवधि में मराठी भाषा सीखने में विफल रहता है, तो उसका व्यावसायिक चालक बैज तीन महीने की अवधि के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। बैज निलंबित होने के दौरान चालक को व्यावसायिक वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।

यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा फैसला

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक वाहनों के चालकों के लिए स्थानीय भाषा जानना सिर्फ एक प्रशासनिक नियम नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुविधा, सुचारू संवाद और सुरक्षा से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण पहलू है। परिवहन मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि चालकों को सुधार का पूरा अवसर दिया जा रहा है, लेकिन यदि कोई चालक नियम मानने से इंकार करता है या मनमानी करता है, तो विभाग द्वारा सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा जांच अभियान

परिवहन विभाग की ओर से शुरू किया गया यह विशेष जांच अभियान 30 सितंबर 2026 तक निरंतर चलेगा। इस दौरान RTO की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर चालकों की बोलचाल की मराठी की जांच करेंगी। अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच का मुख्य ध्यान बुनियादी बातचीत और दिशा-निर्देश समझने पर है, ताकि राज्य में सफर करने वाले आम यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सवाल-जवाब

महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए क्या नया नियम लागू किया गया है?
महाराष्ट्र में व्यावसायिक यात्री वाहन चलाने वाले चालकों के लिए यात्रियों से सुचारू बातचीत करने हेतु व्यावहारिक मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य कर दिया गया है।
मराठी न जानने वाले चालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी?
जिन चालकों को व्यावहारिक मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होगा, उन्हें नोटिस जारी कर एक महीने का समय दिया जाएगा। तय समय में मराठी न सीखने पर चालक बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।
राज्यभर में अब तक कितने चालकों की जांच हुई है और कितनों को नोटिस मिला है?
राज्यभर में कुल 8,217 चालकों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 1,268 चालकों को नोटिस दिए गए हैं। इनमें मुंबई महानगर क्षेत्र के 604 चालक शामिल हैं।
यह जांच अभियान महाराष्ट्र में कब तक चलेगा?
व्यावसायिक वाहन चालकों के मराठी ज्ञान की जांच का यह विशेष अभियान 30 सितंबर 2026 तक पूरे महाराष्ट्र में जारी रहेगा।
परिवहन मंत्री ने इस नियम को क्यों आवश्यक बताया है?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, चालकों द्वारा व्यावहारिक मराठी बोलना केवल प्रशासनिक नियम नहीं है, बल्कि यह यात्रियों की सुविधा, स्पष्ट संवाद और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR