वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान देश के ऑटोमोबाइल बाजार में अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग प्राथमिकताएं और क्रय शक्ति देखने को मिली हैं। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की तरफ से जारी नए आंकड़ों के अनुसार, यात्री वाहनों की खरीद में महाराष्ट्र देश भर में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि दोपहिया वाहनों की सबसे ज्यादा बिक्री उत्तर प्रदेश में दर्ज की गई। इस दौरान पूरे भारत में 12.74 लाख पैसेंजर गाड़ियां बिकीं, जिसमें पश्चिमी भारत का योगदान सबसे अधिक रहा।
पैसेंजर व्हीकल श्रेणी: महाराष्ट्र का दबदबा और अन्य राज्यों का प्रदर्शन
देशभर में अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कुल 12.74 लाख पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई। इस सेगमेंट में पश्चिमी भारत 3.9 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ देश के सभी क्षेत्रों में आगे रहा। राज्यवार स्थिति देखें तो महाराष्ट्र 1,47,440 यूनिट्स बेचकर सूची में पहले पायदान पर रहा। इसके बाद उत्तर प्रदेश 1,35,329 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर रहा। गुजरात 98,855 यूनिट्स की बिक्री के साथ तीसरे स्थान पर, कर्नाटक 98,315 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर और तमिलनाडु 96,327 यूनिट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहा। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि व्यक्तिगत परिवहन के लिए चौपहिया वाहनों की मांग पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में काफी मजबूत बनी हुई है।
दोपहिया बाजार: उत्तर प्रदेश की रिकॉर्ड बिक्री और क्षेत्रीय योगदान
दोपहिया वाहनों के मामले में देश की कुल बिक्री 56.29 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई। इस विशाल बाजार में उत्तर प्रदेश ने अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए कुल 8,82,047 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की और पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र 5,61,738 यूनिट्स की बिक्री के साथ दूसरे नंबर पर रहा। तमिलनाडु में 4,80,653 दोपहिया वाहन बिके, जबकि कर्नाटक में 3,74,221 यूनिट्स और बिहार में 3,69,302 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। क्षेत्रीय स्तर पर पश्चिमी भारत ने दोपहिया वाहनों की बिक्री में 16.61 लाख यूनिट्स का बड़ा योगदान दिया। दोपहिया वाहनों की यह मांग ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में आवाजाही की जरूरतों और आर्थिक गतिविधियों को दर्शाती है।
तीनपहिया सेगमेंट: दक्षिण भारत का वर्चस्व और राज्यवार स्थिति
तीनपहिया वाहनों की कुल बिक्री इस तिमाही में 2.14 लाख यूनिट्स दर्ज की गई। क्षेत्रीय आधार पर दक्षिण भारत 71,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रहा। हालांकि, राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश 25,669 यूनिट्स बेचकर तीनपहिया वाहनों के बाजार में भी सबसे आगे रहा। गुजरात 20,534 यूनिट्स के साथ दूसरे स्थान पर, कर्नाटक 19,192 यूनिट्स के साथ तीसरे स्थान पर, बिहार 15,653 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर और असम 15,223 यूनिट्स के साथ पांचवें स्थान पर रहा। यह आंकड़े सार्वजनिक और अंतिम मील तक कनेक्टिविटी के लिए तीनपहिया वाहनों की बढ़ती उपयोगिता को उजागर करते हैं।
कमर्शियल व्हीकल बाजार: माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स में महाराष्ट्र सबसे आगे
वाणिज्यिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल्स) की बिक्री के मामले में भी महाराष्ट्र ने अपना वर्चस्व कायम रखा। अप्रैल से जून अवधि में देशभर में कुल 2.65 लाख कमर्शियल गाड़ियां बिकीं, जिनमें से अकेले पश्चिमी क्षेत्र का योगदान 91,000 यूनिट्स रहा। राज्यों की सूची में महाराष्ट्र 36,433 यूनिट्स की बिक्री के साथ पहले स्थान पर रहा। तमिलनाडु 24,743 यूनिट्स के साथ दूसरे पायदान पर रहा, जबकि कर्नाटक में 21,830 कमर्शियल वाहन बिके। गुजरात में 21,778 यूनिट्स और उत्तर प्रदेश में 21,161 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। कमर्शियल वाहनों के यह आंकड़े देश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास के रुझानों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।



















