दिल्ली सरकार अपनी महिला कल्याण योजना को नए नाम और नए सिरे से लाने की तैयारी में है। सरकार ने अपनी बड़ी योजना महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर अब दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसके फायदों और पात्रता की शर्तों में भी कुछ छोटे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। योजना का मकसद वही है, राज्य की जरूरतमंद महिलाओं की जेब में हर महीने सीधे पैसा पहुंचाना।
नाम बदलने का यह फैसला एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई।
हर महीने कितना पैसा मिलेगा
दिल्ली लक्ष्मी योजना इस समय दिल्ली सरकार की सबसे नई कल्याणकारी योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे। यह रकम उन्हीं महिलाओं को मिलेगी जिनकी उम्र 21 साल से 60 साल के बीच है। जो महिलाएं इस योजना में रजिस्टर्ड होंगी, उन्हें यह मासिक रकम सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी, यानी बिचौलियों की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
किन महिलाओं को मिलेगा फायदा
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं, जिन्हें पूरा करना जरूरी है। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला के नाम पर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं, उसके परिवार के किसी भी सदस्य पर भी कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए।
एक और अहम शर्त यह है कि एक परिवार से सिर्फ सबसे बड़ी पात्र महिला को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। यानी एक परिवार में एक ही महिला इसके दायरे में आएगी। इसके साथ ही, परिवार की सालाना आमदनी 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। एक शर्त यह भी है कि जो महिला पहले से किसी सरकारी योजना के तहत नियमित लाभ या पेंशन ले रही है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं मानी जाएगी।
कब से शुरू होगी योजना
दिल्ली लक्ष्मी योजना के अगस्त में शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक इसकी शुरुआत की सटीक तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। ऐसे में महिलाओं को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
रजिस्ट्रेशन के लिए बन रहा पोर्टल
सरकार इस योजना के लिए एक अलग पोर्टल तैयार कर रही है, जिसके जरिए पात्र महिलाएं खुद को योजना के लिए रजिस्टर कर सकेंगी। जैसे ही यह पोर्टल चालू होगा, महिलाएं उस पर जाकर अपना पंजीकरण करा पाएंगी। पोर्टल के साथ ही आईटी विभाग एक अलग सॉफ्टवेयर भी तैयार कर रहा है।
इस पोर्टल और सॉफ्टवेयर का मकसद सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है। यह अधिकारियों को आवेदनों की जांच करने और सभी पात्र महिलाओं की पहचान करने में भी मदद करेगा, ताकि योजना का लाभ सही हाथों तक पहुंचे। योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे और पंजीकरण पोर्टल कब लाइव होगा, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा का अभी इंतजार है। जैसे ही सरकार की ओर से इससे जुड़ी पूरी जानकारी सामने आएगी, महिलाएं आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी।











