राजधानी दिल्ली में करवा चौथ के पर्व पर 51 नवविवाहित युवतियों को राज्य सरकार और गैर-सरकारी संगठन के साझा प्रयास से बड़ी आर्थिक राहत मिली है। वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर रहीं और अपना पहला करवा चौथ मना रहीं इन महिलाओं के खाते में सीधे संबल पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित समारोह के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी 51 युवतियों को मंच पर बुलाकर एक-एक लाख रुपये के चेक व्यक्तिगत रूप से भेंट किए। इस तरह नवदंपतियों के सुखद भविष्य और पारिवारिक स्थिरता के लिए कुल 51 लाख रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की गई।
लाडली फाउंडेशन के सामूहिक विवाह से जुड़ी हैं सभी लाभार्थी
समारोह में वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली सभी 51 युवतियों की शादी इसी साल मार्च महीने में संपन्न हुई थी। लाडली फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक विशाल सामूहिक विवाह समारोह में इन सभी जोड़ों का विवाह कराया गया था। विवाह के बाद पहला करवा चौथ नवविवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण पारंपरिक अवसर होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए लाडली फाउंडेशन के संस्थापक देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में इस सम्मान और सहायता कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी। मुख्यमंत्री ने संस्था के इस सामाजिक प्रयास की खुलकर तारीफ की और कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की बेटियों को इस तरह निरंतर सहयोग देना बेहद सराहनीय कदम है। इस पहल से त्योहार के मौके पर इन नवगठित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।
आत्मनिर्भर बनने के लिए महिलाओं को मिलेगा आसान ऋण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बेटियों को केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित न रहकर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं अपना स्वतंत्र काम शुरू करने की इच्छा रखती हैं, उन्हें सरकार की योजनाओं के तहत आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। चाहे कोई महिला अपनी खुद की दुकान शुरू करना चाहती हो, पटरी बाजार में छोटा व्यापार जमाना चाहती हो, ब्यूटी पार्लर खोलना चाहती हो या फिर सिलाई मशीन लेकर सिलाई-कढ़ाई का केंद्र चलाना चाहती हो, हर श्रेणी के काम के लिए पूंजी की व्यवस्था कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को ढांढस बंधाते हुए आश्वस्त किया कि शासन तंत्र उनके हर सुख-दुख में साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि वे प्रार्थना करती हैं कि किसी भी बेटी के जीवन में कोई संकट न आए, लेकिन अगर कभी भी किसी तरह की विषम परिस्थिति या परेशानी सामने आती है, तो वे एक मुख्यमंत्री से पहले एक बड़ी बहन के रूप में हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी।



















