ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की ओर से लखपति दीदी योजना का संचालन किया जा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत चलाई जा रही इस विशेष पहल के जरिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक कौशल सिखाए जाते हैं और वित्तीय मदद मुहैया कराई जाती है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक लाभार्थी महिला के परिवार की वार्षिक कमाई को कम से कम 1 लाख रुपये या उससे अधिक के स्तर पर पहुंचाना है।
योजना की पात्रता और आवश्यक शर्तें
इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ स्पष्ट मानदंड निर्धारित किए हैं। इस योजना में आवेदन करने के लिए केवल महिलाएं ही पात्र हैं। आवेदक महिला की आयु 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। इसके अलावा महिला का किसी भी सक्रिय स्वयं सहायता समूह से जुड़ा होना आवश्यक है। इस पहल के तहत महिलाएं कृषि, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और विभिन्न प्रकार के छोटे घरेलू उद्यमों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का काम शुरू कर सकती हैं।
गारंटी मुक्त ऋण और ब्याज सब्सिडी का प्रावधान
महिलाओं को नया कारोबार शुरू करते समय आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए इस योजना में कई बड़ी राहत दी गई हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को अपने व्यवसाय की स्थापना के लिए 5 लाख रुपये तक का कोलैटरल फ्री लोन यानी बिना किसी गारंटी के ऋण प्रदान किया जाता है। व्यक्तिगत स्तर पर 1.5 लाख रुपये तक के ऋण पर लाभार्थियों को 3 साल की अवधि के लिए ब्याज सब्सिडी दी जाती है। SHG के स्तर पर 3 लाख रुपये तक के कर्ज पर ब्याज अनुदान का नियम तय किया गया है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों को सामूहिक व्यावसायिक प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए बैंकों से 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण लेने की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
राजस्थान में विशेष छूट और रियायती ब्याज दर
राज्य स्तर पर महिलाओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान सरकार ने योजना के नियमों में विशेष रियायत दी है। राजस्थान में इस योजना के अंतर्गत लोन की सीमा को बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये किया गया है और ब्याज दर को घटाकर महज 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्य की ग्रामीण महिलाओं को अपना छोटा-मोटा उद्योग स्थापित करने और उसे बढ़ाने में काफी आसानी हो रही है।
मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक से जुड़ाव
आर्थिक सहायता के साथ-साथ महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में मुफ्त ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन सिखाने के लिए ड्रोन दीदी कार्यक्रम, एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण, जैविक खेती की आधुनिक तकनीक, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का संचालन जैसी गतिविधियों में निपुण बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जनधन खाताधारक महिला SHG सदस्यों को जरूरत के समय 5,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी प्रदान की जाती है। इन समग्र सुविधाओं के जरिए महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर देश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे रही हैं।



















